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बीपीएस मेडिकल कालेज की समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज डायरेक्टर ने सौंपा इस्तीफा

Fri, 31 Aug 2018 12:34 AM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:34 AM IST
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बीपीएस मेडिकल कालेज की समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज डायरेक्टर ने सौंपा इस्तीफा
बीपीएस मेडिकल कालेज की समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज डायरेक्टर ने सौंपा इस्तीफा
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गोहाना/सोनीपत। खानपुर कलां के बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के हालात काफी खराब हैं। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल राम भरोसे चलाया जा रहा है। यहां किसी भी समय व्यवस्थाएं ठप होने से उपचार बंद हो सकता है। मेडिकल कॉलेज की समस्याओं को दूर करने के लिए कार्यवाहक डायरेक्टर ने विभाग के डायरेक्टर को पत्र भी भेजे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज डायरेक्टर डॉ. एपीएस बत्रा ने विभाग के एसीएस व डायरेक्टर को अपना इस्तीफा थमा दिया है। इस तरह समस्याओं का समाधान नहीं होने और डायरेक्टर के इस्तीफा देने से सरकार में हड़कंप मच गया है। हालांकि अभी तक कॉलेज डायरेक्टर का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीपीएस मेडिकल कालेज के अस्पताल में लांड्री का काम करने वाले को पिछले कई महीने से पैसे नहीं मिले हैं। जिससे लांड्री की व्यवस्था कभी भी ठप हो सकती है। ऑक्सीजन की सप्लाई का टेंडर भी नहीं हुआ है और ऑक्सीजन के सिलिंडर सप्लाई करने वाले ठेकेदार की तीन माह की पेमेंट बकाया है। ठेकेदार ने सप्लाई नहीं करने की चेतावनी दे चुका है। किसी तरह डायरेक्टर अपने स्तर से सप्लाई करा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का टेंडर भी नहीं हो रहा है, जिससे अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट पड़ा रहता है। बायोकेमेस्ट्री का टेंडर भी नहीं होने से टेस्ट प्रभावित हो रहे हैैं। अस्पताल का एचवीएसी प्लांट भी खराब हो चुका है, जिससे अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है और एसी व मशीनों के अलावा आईसीयू की व्यवस्था ठप हो जाती है। इस कारण मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। पिछले महीने भी बिजली गुल होने से एसी बंद हो गए थे और नवजात बच्चों की हालत खराब हो गई थी। इसके बाद किसी तरह से स्थिति को संभाला गया था। इसके अलावा अस्पताल में दवाइयों की भारी कमी है। दवा सप्लाई करने वाली कंपनी पहले रुपये मांग रही है, इसके बाद दवा सप्लाई करने की बात कहती हैं। अस्पताल में सफाई कर्मी, क्लर्क, सिक्योरिटी, बेरर आदि के अलावा स्टाफ की कमी है, जिसको नहीं बढ़ाया जा रहा है। अस्पताल में पाइप लाइन ठीक नहीं होने के कारण पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इन सभी समस्याओं का दूर करने के लिए कार्यवाहक डायरेक्टर डा. एपीएस बत्रा ने निदेशक मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च को 30 जुलाई को पत्र भेजा था, लेकिन इनमें से एक भी समस्या को दूर करने की अनुमति नहीं दी गई।
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मीटिंग में जवाब नहीं देने पर सौंपा इस्तीफा
चंडीगढ़ में मंगलवार को स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। यहां डायरेक्टर डा. एपीएस बत्रा ने अस्पताल की समस्याओं को दूर करने की बात रखी, लेकिन वहां अधिकारियों ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया। जिस पर डायरेक्टर ने साफ कह दिया कि इस हालात में अस्पताल चलाना मुश्किल है और इस कारण ही वह डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे रहे हैं। कालेज डायरेक्टर ने मीटिंग के अंदर ही विभाग के एसीएस अमित झा व निदेशक को इस्तीफा सौंप दिया। जिससे वहां हड़कंप मच गया, लेकिन अभी तक इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है।
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28 अगस्त को चंडीगढ़ में विभागीय मीटिंग में गया था। मीटिंग में समस्याओं को लेकर विचार हुआ था, लेकिन कोई सही जवाब नहीं दिया गया। बिना सुविधाओं व स्टाफ के अस्पताल को नहीं चलाया जा सकता है। इस कारण पहले से लिखकर इस्तीफा अपनी जेब में डाल रखा था कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा। इसके बाद इस्तीफा एसीएस व डायरेक्टर दोनों को इस्तीफा सौंप दिया।
डॉ. एपीएस बत्रा, निदेशक
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मेरे पास खानपुर कलां मेडिकल कालेज के डायरेक्टर के इस्तीफे की कोई जानकारी नहीं है। इससे ज्यादा मैं अभी कुछ नहीं बता सकता हूं।
-अमित झा, एसीएस मेडिकल शिक्षा विभाग
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