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सीएम ने खुद माना पराली जलने से विस्फोटक हुआ प्रदूषण, फिर भी जला रहे किसान
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:31 AM IST
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अंकित चौहान
सोनीपत।
प्रदेश समेत दिल्ली व एनसीआर में पराली जलाए जाने के कारण प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया हैं। अब खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने माना है कि पराली जलाने के कारण ही प्रदूषण बढ़ रहा है और अब हालात विस्फोटक हो चुके हैं। इसके बावजूद भी किसान नहीं मान रहे हैं और वह लगातार खेतों में पराली जला रहे हैं। सीएम ने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जहां सब्सिडी देने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं अधिकारियों को लगातार कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई भी लगातार हो रही है, लेकिन उसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। किसानों को खुद ही अपनी सोच बदलनी होगी और खेतों में पराली नहीं जलानी चाहिए, क्योंकि इससे खुद उनको भी भारी नुकसान होता है।
सीएम मनोहर लाल खट्टर वीरवार को सोनीपत के झरोठ गांव में आयुर्वेदिक औषद्यालय का उद्घाटन करने के आए थे। वहां पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर सीएम ने चिंता जताई। सीएम ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का कारण वहां के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा में जलने वाली पराली को माना है और इस कारण ही पत्र भेजकर प्रदूषण रोकने की बात लिखी गई है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का पत्र मिल चुका है और सरकार से लेकर जिलों में अधिकारी तक सभी किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील कर रहे हैं।
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार जल्द कोई रास्ता निकालने में जुटी है और इसको लेकर जल्द ही अहम कार्य योजना सामने आएगी। उससे किसान अपने खेतों में पराली नहीं जला सकेंगे। हालांकि सीएम ने अभी इसका खुलासा नहीं किया कि सरकार ऐसी क्या योजना बना रही है, जिससे पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी और प्रदूषण पर किस तरह से नियंत्रण हो सकेगा। सीएम ने यह जरूर दावा किया है कि सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और इसका जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
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प्रद्युम्न हत्याकांड के गलत खुलासे पर नहीं बोले सीएम
गुरुग्राम के रयान स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में सीबीआई के खुलासे के बाद प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में आई हुई है। क्योंकि पुलिस ने जल्दबाजी में फर्जी खुलासा करके बस चालक को जेल भेज दिया था। इस मामले के खुलासे के बाद पहली बार सीएम मनोहर लाल खट्टर से इसपर उनकी प्रतिक्रिया जानी गई तो उन्होंने इसपर कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। सीएम ने कहा कि उनसे आयुर्वेदिक औषद्यालय के बारे में बात की जाए, क्योंकि वह उसके लिए ही यहां आए हैं।
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सोनीपत।
प्रदेश समेत दिल्ली व एनसीआर में पराली जलाए जाने के कारण प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया हैं। अब खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने माना है कि पराली जलाने के कारण ही प्रदूषण बढ़ रहा है और अब हालात विस्फोटक हो चुके हैं। इसके बावजूद भी किसान नहीं मान रहे हैं और वह लगातार खेतों में पराली जला रहे हैं। सीएम ने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जहां सब्सिडी देने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं अधिकारियों को लगातार कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई भी लगातार हो रही है, लेकिन उसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। किसानों को खुद ही अपनी सोच बदलनी होगी और खेतों में पराली नहीं जलानी चाहिए, क्योंकि इससे खुद उनको भी भारी नुकसान होता है।
सीएम मनोहर लाल खट्टर वीरवार को सोनीपत के झरोठ गांव में आयुर्वेदिक औषद्यालय का उद्घाटन करने के आए थे। वहां पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर सीएम ने चिंता जताई। सीएम ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का कारण वहां के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा में जलने वाली पराली को माना है और इस कारण ही पत्र भेजकर प्रदूषण रोकने की बात लिखी गई है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का पत्र मिल चुका है और सरकार से लेकर जिलों में अधिकारी तक सभी किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील कर रहे हैं।
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सीएम ने यह भी कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार जल्द कोई रास्ता निकालने में जुटी है और इसको लेकर जल्द ही अहम कार्य योजना सामने आएगी। उससे किसान अपने खेतों में पराली नहीं जला सकेंगे। हालांकि सीएम ने अभी इसका खुलासा नहीं किया कि सरकार ऐसी क्या योजना बना रही है, जिससे पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी और प्रदूषण पर किस तरह से नियंत्रण हो सकेगा। सीएम ने यह जरूर दावा किया है कि सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और इसका जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
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प्रद्युम्न हत्याकांड के गलत खुलासे पर नहीं बोले सीएम
गुरुग्राम के रयान स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में सीबीआई के खुलासे के बाद प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में आई हुई है। क्योंकि पुलिस ने जल्दबाजी में फर्जी खुलासा करके बस चालक को जेल भेज दिया था। इस मामले के खुलासे के बाद पहली बार सीएम मनोहर लाल खट्टर से इसपर उनकी प्रतिक्रिया जानी गई तो उन्होंने इसपर कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। सीएम ने कहा कि उनसे आयुर्वेदिक औषद्यालय के बारे में बात की जाए, क्योंकि वह उसके लिए ही यहां आए हैं।