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जीएसटी सीए के लिए चुनौती, पहले एक्ट पढ़ें फिर क्लाइंट को समझाएं : तायल
Updated Sat, 10 Jun 2017 06:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सोनीपत शाखा द्वारा जीएसटी पर दो दिवसीय सेमिनार की शुरुआत की गई। लिटल एंजल्स स्कूल में शनिवार को शुरू हुए सेमिनार में सीए, वकील, राई व कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगपति व सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया।
मुख्य वक्ता सीए अश्विनी तायल ने बताया कि जीएसटी हम सभी सीए के लिए भी बड़ी चुनौती है। पहले खुद को एक्ट को ध्यान से पढ़ना चाहिए और उसके बाद क्लाइंट को इसके बारे में विस्तार से समझाना चाहिए। जब तक हम खुद इसका ध्यान नहीं रखेंगे तब तक क्लाइंट को सही से नहीं समझा पाएंगे। जीएसटी कर प्रणाली लागू होने पर व्यापारी को हर बिल व रसीद का रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। गैर पंजीकृत व्यापारी से माल की खरीद करने पर व्यक्ति को रिवर्स चार्ज के तहत टैक्स जमा कराना होता है। इन्वॉयस तैयार करने और पेमेंट करने पर पेमेंट बाउचर बना होगा। इसके बाद रिवर्स चार्ज क्रेडिट इनवॉयस के आधार पर होगा।
17 तरक के टैक्स होंगे समाप्त
मुख्य वक्ता उत्तरी भारतीय क्षेत्रीय परिषद के सचिव राजेंद्र अरोड़ा ने कहा कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने पर 17 तरह केे टैक्स समाप्त हो जाएंगे। आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पहले की तरह ही लगती रहेगी। इससे घरेलू उत्पाद की बिक्री पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार का फैसला उद्यमियों के लिए अच्छा है, क्योंकि बेसिक कस्टम ड्यूटी इनपुट रिफंड के रूप में मिल जाएगी।
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अधिकारी को गाड़ी जांचने का अधिकार
मुख्य वक्ता आशु डालमिया ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर तय करने वाली बॉडी सीबीईसी ने इलेक्ट्रॉनिक-वे (ई-वे) के नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें यह प्रावधान है कि ड्राफ्ट के मुताबिक टैक्स अधिकारी को सामान ले जाने वाली किसी भी गाड़ी को रोकने व ई-वे बिल या नंबर जांच करने का अधिकार होगा। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर जांच की रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी। फाइनल रिपोर्ट तीन दिन में होगी। अगर किसी भी गाड़ी को 30 मिनट से ज्यादा रोका गया तो ट्रांसपोर्टर इसकी सूचना जीएसटीएन पर दे सकता है। ई-वे बिल से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। गलत इनवॉइसिंग पर लगाम लगेगी। ई-वे बिल दूरी के 15 दिनों तक वैध होगा। अगर सामान 100 किलोमीटर तक भेजा जाना है तो ई-वे एक दिन के वैध होगा। 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर के लिए वैधता 15 दिनों तक ही होगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान सीए युद्धवीर सिंह ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव प्रिंस मित्तल ने किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि रहे डीईटीसी अनिल कादियान ने शिरकत की। इस मौके पर उपप्रधान प्रवीन मदान, कोषाध्यक्ष अनुज मंगा, सुरेश जैन, संजय गर्ग, ईटीओ संगीता डबास, असीम सिवाच, साहब सिवाच, स्कूल संचालक आशीष आर्य भी मौजूद रहे।
फोटो 02- लिटल एंजल्स स्कूल में आयोजित सेमिनार के दौरान उपस्थित लोग
सोनीपत।
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सोनीपत शाखा द्वारा जीएसटी पर दो दिवसीय सेमिनार की शुरुआत की गई। लिटल एंजल्स स्कूल में शनिवार को शुरू हुए सेमिनार में सीए, वकील, राई व कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगपति व सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया।
मुख्य वक्ता सीए अश्विनी तायल ने बताया कि जीएसटी हम सभी सीए के लिए भी बड़ी चुनौती है। पहले खुद को एक्ट को ध्यान से पढ़ना चाहिए और उसके बाद क्लाइंट को इसके बारे में विस्तार से समझाना चाहिए। जब तक हम खुद इसका ध्यान नहीं रखेंगे तब तक क्लाइंट को सही से नहीं समझा पाएंगे। जीएसटी कर प्रणाली लागू होने पर व्यापारी को हर बिल व रसीद का रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। गैर पंजीकृत व्यापारी से माल की खरीद करने पर व्यक्ति को रिवर्स चार्ज के तहत टैक्स जमा कराना होता है। इन्वॉयस तैयार करने और पेमेंट करने पर पेमेंट बाउचर बना होगा। इसके बाद रिवर्स चार्ज क्रेडिट इनवॉयस के आधार पर होगा।
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17 तरक के टैक्स होंगे समाप्त
मुख्य वक्ता उत्तरी भारतीय क्षेत्रीय परिषद के सचिव राजेंद्र अरोड़ा ने कहा कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने पर 17 तरह केे टैक्स समाप्त हो जाएंगे। आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पहले की तरह ही लगती रहेगी। इससे घरेलू उत्पाद की बिक्री पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार का फैसला उद्यमियों के लिए अच्छा है, क्योंकि बेसिक कस्टम ड्यूटी इनपुट रिफंड के रूप में मिल जाएगी।
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अधिकारी को गाड़ी जांचने का अधिकार
मुख्य वक्ता आशु डालमिया ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर तय करने वाली बॉडी सीबीईसी ने इलेक्ट्रॉनिक-वे (ई-वे) के नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें यह प्रावधान है कि ड्राफ्ट के मुताबिक टैक्स अधिकारी को सामान ले जाने वाली किसी भी गाड़ी को रोकने व ई-वे बिल या नंबर जांच करने का अधिकार होगा। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर जांच की रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी। फाइनल रिपोर्ट तीन दिन में होगी। अगर किसी भी गाड़ी को 30 मिनट से ज्यादा रोका गया तो ट्रांसपोर्टर इसकी सूचना जीएसटीएन पर दे सकता है। ई-वे बिल से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। गलत इनवॉइसिंग पर लगाम लगेगी। ई-वे बिल दूरी के 15 दिनों तक वैध होगा। अगर सामान 100 किलोमीटर तक भेजा जाना है तो ई-वे एक दिन के वैध होगा। 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर के लिए वैधता 15 दिनों तक ही होगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान सीए युद्धवीर सिंह ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव प्रिंस मित्तल ने किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि रहे डीईटीसी अनिल कादियान ने शिरकत की। इस मौके पर उपप्रधान प्रवीन मदान, कोषाध्यक्ष अनुज मंगा, सुरेश जैन, संजय गर्ग, ईटीओ संगीता डबास, असीम सिवाच, साहब सिवाच, स्कूल संचालक आशीष आर्य भी मौजूद रहे।
फोटो 02- लिटल एंजल्स स्कूल में आयोजित सेमिनार के दौरान उपस्थित लोग