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विजिलेंस ने नगर परिषद व सीडीएलयू से दो वर्ष में हुए विकास कार्य का मांगा रिकॉर्ड
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अब विजिलेंस ने शहर और विश्वविद्यालय में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर संज्ञान लिया है। इसी के चलते चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय और नगर परिषद सिरसा से दो साल में हुए विकास कार्यों का फिर रिकॉर्ड मांगा है, हालांकि दोनों संस्थाओं ने अभी विजिलेंस को रिकॉर्ड नहीं सौंपा है।
विजिलेंस ब्यूरो सिरसा ने नगर परिषद और सीडीएलयू को इस महीने के पहले हफ्ते में पत्र लिखकर 2018 से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों का रिकॉर्ड मांगा है। पत्र के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया, शर्तें और विकास कार्यों सहित पूरा रिकॉर्ड मांगा है। हालांकि विजिलेंस ब्यूरो ने रिकार्ड उपलब्ध करवाने का कोई तय सीमा निर्धारित नहीं की। सिरसा नगर परिषद ने 2018 के बाद हाउस की बैठक में शहर में हर वार्ड में 50 लाख रुपये की लागत से गलियां बनाने का प्रस्ताव पास किया था। करीब 330 से ज्यादा गलियां ऐसी थीं, जिन्हें बनाने के लिए टेंडर लगाए गए। ऐसे में ये गलियां भी जांच के दायरे में आएंगी। बता दें कि इससे पहले सिरसा नगर परिषद में करीब 2015 में 530 गलियों की जांच कर रही है। क्योंकि तत्कालीन समय में सिरसा नगर परिषद ने उन गलियों को पास कर दिया था जो कि पहले से ही बनी थी और सही अवस्था में थी। यह जांच भी विजिलेंस ही कर रही है। इसके अतिरिक्त शहर में करीब एक साल पहले लगाई गई फुटपाथ और ग्रिल निर्माण भी जांच के दायरे में है।
सीडीएलयू में बन रही इमारतों का भी विजिलेंस ने मांगा रिकॉर्ड
सीडीएलयू में बन रही निर्माणाधीन इमारतों का भी विजिलेंस ने रिकॉर्ड तलब किया है। सीडीएलयू में 2018 के बाद से हर्बल पार्क, लॉ भवन, इंफॉर्मेशन सेंटर सहित करोड़ों रुपये की लागत से निर्माण किया गया। कुछ काम अब भी जारी है। विजिलेंस ने अप्रैल 2020 में भी सीडीएलयू से निर्माणाधीन इमारतों के टेंडर का रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन सीडीएलयू ने अभी तक नहीं दिया।
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विजिलेंस मल्टी परपज हॉल की भी कर रही जांच
सीडीएलयू के मल्टी परपज हॉल के निर्माण और इसकी मशीनरी की जांच विजिलेंस पहले से भी कर रही है। विजिलेंस को शिकायत की गई थी कि सीडीएलयू अथॉरिटी ने इसके निर्माण में घटिया मशीनरी उपकरणों का इस्तेमाल किया है।
कोट
विश्वविद्यालय और नप से विकास कार्यों का रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड मांगना रूटीन प्रक्रिया होती है।
- अनिल सोढ़ी, विजिलेंस इंस्पेक्टर, सिरसा।
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विजिलेंस ब्यूरो सिरसा ने नगर परिषद और सीडीएलयू को इस महीने के पहले हफ्ते में पत्र लिखकर 2018 से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों का रिकॉर्ड मांगा है। पत्र के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया, शर्तें और विकास कार्यों सहित पूरा रिकॉर्ड मांगा है। हालांकि विजिलेंस ब्यूरो ने रिकार्ड उपलब्ध करवाने का कोई तय सीमा निर्धारित नहीं की। सिरसा नगर परिषद ने 2018 के बाद हाउस की बैठक में शहर में हर वार्ड में 50 लाख रुपये की लागत से गलियां बनाने का प्रस्ताव पास किया था। करीब 330 से ज्यादा गलियां ऐसी थीं, जिन्हें बनाने के लिए टेंडर लगाए गए। ऐसे में ये गलियां भी जांच के दायरे में आएंगी। बता दें कि इससे पहले सिरसा नगर परिषद में करीब 2015 में 530 गलियों की जांच कर रही है। क्योंकि तत्कालीन समय में सिरसा नगर परिषद ने उन गलियों को पास कर दिया था जो कि पहले से ही बनी थी और सही अवस्था में थी। यह जांच भी विजिलेंस ही कर रही है। इसके अतिरिक्त शहर में करीब एक साल पहले लगाई गई फुटपाथ और ग्रिल निर्माण भी जांच के दायरे में है।
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सीडीएलयू में बन रही इमारतों का भी विजिलेंस ने मांगा रिकॉर्ड
सीडीएलयू में बन रही निर्माणाधीन इमारतों का भी विजिलेंस ने रिकॉर्ड तलब किया है। सीडीएलयू में 2018 के बाद से हर्बल पार्क, लॉ भवन, इंफॉर्मेशन सेंटर सहित करोड़ों रुपये की लागत से निर्माण किया गया। कुछ काम अब भी जारी है। विजिलेंस ने अप्रैल 2020 में भी सीडीएलयू से निर्माणाधीन इमारतों के टेंडर का रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन सीडीएलयू ने अभी तक नहीं दिया।
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विजिलेंस मल्टी परपज हॉल की भी कर रही जांच
सीडीएलयू के मल्टी परपज हॉल के निर्माण और इसकी मशीनरी की जांच विजिलेंस पहले से भी कर रही है। विजिलेंस को शिकायत की गई थी कि सीडीएलयू अथॉरिटी ने इसके निर्माण में घटिया मशीनरी उपकरणों का इस्तेमाल किया है।
कोट
विश्वविद्यालय और नप से विकास कार्यों का रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड मांगना रूटीन प्रक्रिया होती है।
- अनिल सोढ़ी, विजिलेंस इंस्पेक्टर, सिरसा।