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Sirsa News: आंधी से बड़े स्तर पर बिजली विभाग को नुकसान, 391 पोल टूटे और 16 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
Sat, 30 May 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 30 May 2026 12:06 AM IST
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सिरसा में आंधी के बाद खेतों में टूटे हुए बिजली के पोल ।
सिरसा। जिले में वीरवार शाम को आई तेज आंधी के कारण किसानों, गोशालाओं को शेड, सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त होने से नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, बिजली निगम को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ। आंधी के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बिजली निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो जिलेभर में कुल 391 बिजली पोल टूटे हैं जबकि 16 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली निगम की टीमें लगातार फील्ड में रहकर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं।
वहीं, अधिकारियों का दावा है कि युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है और जल्द सभी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें माधोसिंघाना सब डिवीजन में उठाना पड़ा है। ऐलनाबाद क्षेत्र के इस फीडर पर 267 पोल और 6 ट्रांसफार्मर डैमेज हुए हैं। इसके बाद पंजुआना सब डिवीजन के 52 पोल और 3 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। इसी प्रकार पेड़ों से लेकर भवन व अन्य उपकरणों का नुकसान चोपटा क्षेत्र के कई गांवों में हुआ। इसके अलावा डिंग क्षेत्र में 15 पोल और खारिया क्षेत्र में सबसे कम 4 पोल टूटे हैं।
यह हुआ शहरी क्षेत्र पर असर
अधिकारियों के अनुसार शहरी क्षेत्र में आंधी का असर देखने को मिला। सिटी एरिया में 31 पोल और 5 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इंडस्ट्रियल एरिया में 22 पोल और 4 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इन पोल व ट्रांसफार्मर को बदलने का वीरवार रात से ही शुरू हो गया था। कई एरिया में सुबह के समय बिजली सप्लाई बाहर हो पाई। मौसम में गिरावट होने के कारण रात के समय लोगों को कम परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कारण कई एरिया में सुबह की पेयजल सप्लाई ही नहीं की जा सकी। जैसे-जैसे व्यवस्था सुधरी सप्लाई शुरू की गई।
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अस्पताल से लेकर पेयजल सप्लाई के फीडर पहले किए बहान
एचडीएम देवीलाल व जेई अर्जुन कुमार ने बताया कि तूफान के कारण जिले में बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। कुल 391 पोल और 16 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। निगम की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों, पेयजल परियोजनाओं और मुख्य फीडरों की बिजली पहले बहाल कर दी गई है। गांव में भी बिजली आपूर्ति शुरू करवा दी गई है। कुछ जगहों पर काम जारी है।
रात भर लग रहे कर्मचारी
बिजली विभाग के कर्मचारी आंधी रुकने के बाद से ही फील्ड में चले गए। शिकायत केंद्र पर लगातार फोन बज रहे थे। हर फोन को नोट करने के साथ-साथ संबंधी जेई व लाइनमैन को सूचित किया जाता रहा। रात भर कर्मचारियों ने काम कर 70 प्रतिशत सप्लाई दुरुस्त कर दी। वहीं, इस दौरान ग्रामीण एरिया में लोगों का सहयोग भी कर्मचारियों को मिला। ट्रांसफार्मर व पोल लगाने में किसी चीज की दिक्कत आने पर किसानों व ग्रामीणों ने उसे पूरा करने में मदद की।
तूफान के बाद निगम की सभी टीमें तुरंत फील्ड में उतार दी गई थीं। हमारी ओर से लगातार मॉनिटरिंग जारी थी। सबसे पहले जहां ज्यादा नुकसान हुआ था, वह क्षेत्र का चयन कर अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया। हमारी कोशिश रही कि जहां कम नुकसान है वहां पर जल्द से जल्द सप्लाई बहाल हो। जिससे लोग परेशान न हो। कर्मचारियों की मेहनत और लोगों के सहयोग से सप्लाई को दुरुस्त किया जा चुका है। -धीरज कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम
वीरवार रात से ही पूरी टीम फील्ड में लगी हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान माधोसिंघाना सब डिवीजन में हुआ है जहां 267 पोल और 6 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहां पर युद्ध स्तर पर कार्य कर सप्लाई सामान्य की गई है। 24 घंटे का वक्त इस काम में लगा है।
- राजेंद्र सिंह, एसडीओ, माधोसिंघाना सब डिवीजन
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वहीं, अधिकारियों का दावा है कि युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है और जल्द सभी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें माधोसिंघाना सब डिवीजन में उठाना पड़ा है। ऐलनाबाद क्षेत्र के इस फीडर पर 267 पोल और 6 ट्रांसफार्मर डैमेज हुए हैं। इसके बाद पंजुआना सब डिवीजन के 52 पोल और 3 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। इसी प्रकार पेड़ों से लेकर भवन व अन्य उपकरणों का नुकसान चोपटा क्षेत्र के कई गांवों में हुआ। इसके अलावा डिंग क्षेत्र में 15 पोल और खारिया क्षेत्र में सबसे कम 4 पोल टूटे हैं।
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यह हुआ शहरी क्षेत्र पर असर
अधिकारियों के अनुसार शहरी क्षेत्र में आंधी का असर देखने को मिला। सिटी एरिया में 31 पोल और 5 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इंडस्ट्रियल एरिया में 22 पोल और 4 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इन पोल व ट्रांसफार्मर को बदलने का वीरवार रात से ही शुरू हो गया था। कई एरिया में सुबह के समय बिजली सप्लाई बाहर हो पाई। मौसम में गिरावट होने के कारण रात के समय लोगों को कम परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कारण कई एरिया में सुबह की पेयजल सप्लाई ही नहीं की जा सकी। जैसे-जैसे व्यवस्था सुधरी सप्लाई शुरू की गई।
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अस्पताल से लेकर पेयजल सप्लाई के फीडर पहले किए बहान
एचडीएम देवीलाल व जेई अर्जुन कुमार ने बताया कि तूफान के कारण जिले में बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। कुल 391 पोल और 16 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। निगम की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों, पेयजल परियोजनाओं और मुख्य फीडरों की बिजली पहले बहाल कर दी गई है। गांव में भी बिजली आपूर्ति शुरू करवा दी गई है। कुछ जगहों पर काम जारी है।
रात भर लग रहे कर्मचारी
बिजली विभाग के कर्मचारी आंधी रुकने के बाद से ही फील्ड में चले गए। शिकायत केंद्र पर लगातार फोन बज रहे थे। हर फोन को नोट करने के साथ-साथ संबंधी जेई व लाइनमैन को सूचित किया जाता रहा। रात भर कर्मचारियों ने काम कर 70 प्रतिशत सप्लाई दुरुस्त कर दी। वहीं, इस दौरान ग्रामीण एरिया में लोगों का सहयोग भी कर्मचारियों को मिला। ट्रांसफार्मर व पोल लगाने में किसी चीज की दिक्कत आने पर किसानों व ग्रामीणों ने उसे पूरा करने में मदद की।
तूफान के बाद निगम की सभी टीमें तुरंत फील्ड में उतार दी गई थीं। हमारी ओर से लगातार मॉनिटरिंग जारी थी। सबसे पहले जहां ज्यादा नुकसान हुआ था, वह क्षेत्र का चयन कर अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया। हमारी कोशिश रही कि जहां कम नुकसान है वहां पर जल्द से जल्द सप्लाई बहाल हो। जिससे लोग परेशान न हो। कर्मचारियों की मेहनत और लोगों के सहयोग से सप्लाई को दुरुस्त किया जा चुका है। -धीरज कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम
वीरवार रात से ही पूरी टीम फील्ड में लगी हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान माधोसिंघाना सब डिवीजन में हुआ है जहां 267 पोल और 6 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहां पर युद्ध स्तर पर कार्य कर सप्लाई सामान्य की गई है। 24 घंटे का वक्त इस काम में लगा है।
- राजेंद्र सिंह, एसडीओ, माधोसिंघाना सब डिवीजन