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Sirsa News: सरसों का सीजन शुरू हुए बीत चुके हैं दस दिन, किसान विश्राम गृह पर अब भी लगा है ताला
Wed, 03 Apr 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 03 Apr 2024 11:58 PM IST
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सिरसा। प्रदेश में किसानों को विश्राम की सुविधा देने के लिए मंडियों में विशेष रूप से किसान विश्राम गृह का निर्माण किया गया है। फसली सीजन के समय किसानों के लिए किसान विश्राम गृह को दिन-रात दोनों समय खुला रखा जाता है ताकि मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों को आश्रय मिल सके और वह आराम कर सके। जिले में सरसों का सीजन शुरू हुए 10 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक सिरसा के किसान विश्राम गृह का ताला नहीं खुला है। किसानों के लिए क्या व्यवस्था की गई हैं इसको लेकर कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। जिससे किसानों को विश्राम गृह की सुविधा के बारे में पता चल सके।
बता दें कि सिरसा मंडी के द्वितीय तल पर किसान विश्राम गृह का निर्माण किया गया है। इसमें किसानों के लिए हॉल और कमरे बनाए हुए हैं। द्वितीय तल पर बने इस विश्राम गृह का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जब अमर उजाला संवाददाता ने किसान विश्राम गृह की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आ गई। किसानों के लिए बने इस विश्राम गृह के लिए बने पूछताछ काउंटर पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कमरे में पूरी तरह से अंधेरा था।
साढ़े 12 बजे लगा मिला ताला
पड़ताल के दौरान सामने आया कि किसान विश्राम गृह के गेट को ताला लगाकर बंद किया हुआ है। विश्राम गृह की अंदर की लाइट भी बंद पड़ी थी। विश्राम गृह कब खुलेगा और कब बंद होगा इसको लेकर कोई समय सारणी भी नहीं लगी हुई थी। आलम यह था कि किसान किससे पूछताछ करे, इसको लेकर ऑन ड्यूटी कर्मचारी का मोबाइल नंबर तक वहां दर्ज नहीं था। ऐसे में यदि कोई किसान सुविधा लेना चाहे तो उसे सुविधा नहीं मिल सकती थी।
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लिफ्ट भी थी बंद
किसान विश्राम गृह की दो मंजिला बिल्डिंग में विशेष रूप से लिफ्ट लगाई गई है। जो चालू हालत में नहीं थी। प्रथम और द्वितीय दोनों तलों के लिए यह लिफ्ट प्रयोग में लाई जाती है। मजदूर किसान कैंटीन में आने वाले बुजुर्ग किसानों व मजदूरों को भी 20 सीढि़यां चढ़कर ऊपर आना पड़ रहा था।
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एडीसी और एसडीएम तक कर चुके हैं निरीक्षण
सरसों व गेहूं का सीजन शुरू होने के बाद से एसडीएम से लेकर एडीसी तक मंडी का निरीक्षण कर चुके हैं। सभी सुविधाएं सुचारू होने की बात सभी ने कही। लेकिन किसी ने किसानों के आराम के बारे में नहीं सोचा। मार्केट कमेटी के किसान विश्राम गृह का निरीक्षण नहीं किया गया। जो किसानों के लिए बनाया गया था और बंद पड़ा है।
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आचार संहिता के चलते किसान विश्राम को बंद किया गया है। गेहूं की आवक आने पर किसान विश्राम गृह खोल दिया जाएगा।
वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी
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बता दें कि सिरसा मंडी के द्वितीय तल पर किसान विश्राम गृह का निर्माण किया गया है। इसमें किसानों के लिए हॉल और कमरे बनाए हुए हैं। द्वितीय तल पर बने इस विश्राम गृह का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जब अमर उजाला संवाददाता ने किसान विश्राम गृह की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आ गई। किसानों के लिए बने इस विश्राम गृह के लिए बने पूछताछ काउंटर पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कमरे में पूरी तरह से अंधेरा था।
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साढ़े 12 बजे लगा मिला ताला
पड़ताल के दौरान सामने आया कि किसान विश्राम गृह के गेट को ताला लगाकर बंद किया हुआ है। विश्राम गृह की अंदर की लाइट भी बंद पड़ी थी। विश्राम गृह कब खुलेगा और कब बंद होगा इसको लेकर कोई समय सारणी भी नहीं लगी हुई थी। आलम यह था कि किसान किससे पूछताछ करे, इसको लेकर ऑन ड्यूटी कर्मचारी का मोबाइल नंबर तक वहां दर्ज नहीं था। ऐसे में यदि कोई किसान सुविधा लेना चाहे तो उसे सुविधा नहीं मिल सकती थी।
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लिफ्ट भी थी बंद
किसान विश्राम गृह की दो मंजिला बिल्डिंग में विशेष रूप से लिफ्ट लगाई गई है। जो चालू हालत में नहीं थी। प्रथम और द्वितीय दोनों तलों के लिए यह लिफ्ट प्रयोग में लाई जाती है। मजदूर किसान कैंटीन में आने वाले बुजुर्ग किसानों व मजदूरों को भी 20 सीढि़यां चढ़कर ऊपर आना पड़ रहा था।
एडीसी और एसडीएम तक कर चुके हैं निरीक्षण
सरसों व गेहूं का सीजन शुरू होने के बाद से एसडीएम से लेकर एडीसी तक मंडी का निरीक्षण कर चुके हैं। सभी सुविधाएं सुचारू होने की बात सभी ने कही। लेकिन किसी ने किसानों के आराम के बारे में नहीं सोचा। मार्केट कमेटी के किसान विश्राम गृह का निरीक्षण नहीं किया गया। जो किसानों के लिए बनाया गया था और बंद पड़ा है।
आचार संहिता के चलते किसान विश्राम को बंद किया गया है। गेहूं की आवक आने पर किसान विश्राम गृह खोल दिया जाएगा।
वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी