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सिरसा : पूरी दवा न मिलने से बढ़ा मरीजों का दर्द

Tue, 23 Jan 2024 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 23 Jan 2024 11:45 PM IST
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Sirsa: Patients' pain increased due to lack of complete medicine
सिरसा। नागरिक अस्पताल में मरीजों को दवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। दवा काउंटरों पर कोई व्यवस्था नहीं है। सर्द मौसम में एक से डेढ़ घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी चिकित्सकों की लिखी दवा मरीजों को नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें बाहर से महंगे दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है।
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रविवार व सोमवार के अवकाश के बाद मंगलवार को नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। इस दौरान ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार से ज्यादा पहुंच गई। बाल रोग विशेषज्ञ के पास सबसे ज्यादा लंबी लाइन देखने को मिली। जैसे-तैसे जांच होने के बाद मरीजों दवा लेने के लिए काउंटर पर पहुंचे, लेकिन अव्यवस्थाओं ने उनका दर्द बढ़ा दिया। अस्पताल में बुजुर्ग लोगों के लिए अलग से दवा खिड़की बनाई गई है, ताकि बुजुर्ग आसानी से दवाइयां ले सके, लेकिन बुजुर्गों की विशेष खिड़की पर भी आमलोग दवाइयां ले रहे थे। दवा देने वाले कर्मचारियों ने भी बुजुर्गों के काउंटर को खाली करवाने की कोई कवायद नहीं कर रहे थे। ऐसे हालात देखकर बुजुर्ग एक बेंच पर बैठे भीड़ कम होने का इंतजार करते नजर आए। हैरानी की बात है कि नागरिक अस्पताल ने विशेष रूप से सिक्योरिटी गार्ड्स की ड्यूटी दवा काउंटर पर नहीं लगाई हुई है।
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नशा छोड़ने को लेकर नागरिक अस्पताल में इलाज करवा रहा हूं। अस्पताल में आकर देखा तो डिस्पेंसरी के बाहर बनी खिड़की बंद है। शरीर में इतनी ज्यादा कमजोरी है कि ठंड में चला भी नहीं जा रहा है। दवाओं के काउंटरों पर लंबी लाइन लगी हुई है। यहां पर एक घंटा खड़ा रहना मेरे लिए मुश्किल है। इसलिए सुबह से परेशान हूं। बाहर से दवा खरीद लू, इतने पैसे मेरे पास नहीं है। - दीपक, गांव कागदाना।
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मैं सिरसा का ही रहने वाला हूं। गिरने के कारण डिस्क हिल गई थी। नागरिक अस्पताल में उपचार करवा रहा हूं। एक घंटे से ज्यादा लाइन में लगने के बाद भी आधी ही दवाई मिली है। काउंटर वाले ने कहा कि आपको आधी दवाइयां बाहर से लेनी पड़ेगी। बाहर से दवा खरीदने का खर्च ज्यादा है। जब आधी दवाइयां ही बाहर से खरीदनी है तो सरकारी अस्पताल सरकार ने बनाया ही क्यों है। मजदूरी करने वाला आदमी हूं। इतनी महंगी दवा बाहर से कैसे खरीद पाउंगा। - दीनानाथ

मेरी उम्र 60 साल के करीब है। शुगर और बीपी की बीमारी मुझे है। ठंड के कारण मेरे हाथों में एलर्जी हो गई है। इसलिए सुबह सर्द मौसम में डाॅक्टर को दिखाकर दवाई लेने के लिए आई हूं। डॉक्टर को दिखाने के बाद जब काउंटर पर देखा तो यहां बुजुर्गों के लिए कोई लाइन ही नहीं है। पूछा तो एक कर्मचारी ने बताया कि बुजुर्गों की अलग से लाइन है, लेकिन आज सभी बुजुर्गों की लाइनों में लगे हुए हैं। ऐसे में अब परेशान होकर बैठी हूं कि कब भीड़ कम हो और मैं दवा लूं। अब गांव भी वापस जाना है। - रंजना , गांव रघुआना




कुछ दवाइयां हमारे पास नहीं होती है। जो मरीजों को बाहर से लेनी पड़ती है। यदि कोई विशेष दवा की कमी है, तो उसे पूरा करवाया जाएगा। सीनियर सिटीजन को परेशानी न हो। इसको लेकर विशेष व्यवस्था करवाई जाएगी।
डॉ. महेंद्र सिंह भादू, सीएमओ
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