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Sirsa News: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हरविन्द कौर बनीं आत्मनिर्भर
Sat, 19 Sep 2026 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:12 PM IST
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हरविन्द कौर।
नारी नई राह पर
कैंटीन से कमा रहीं 10 हजार रुपये मासिक, दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
फोटो: 29
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली गांव की हरविन्द कौर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने लिए रोजगार का साधन तैयार किया है। अब वह कैंटीन का संचालन कर प्रतिमाह करीब 10 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
हरविन्द कौर गुरु नानक महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। समूह से जुड़ने से पहले वह एक गृहिणी थीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने रोजगार शुरू करने की योजना बनाई। समूह से उन्हें योजना बनाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली।
उन्होंने 14 मार्च 2024 से डबवाली गांव में कैंटीन का काम शुरू किया। यह काम हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से शुरू हुआ। कैंटीन शुरू करने से पहले उनकी मासिक आय लगभग 2 हजार रुपये थी। अब कैंटीन के काम से उनकी मासिक आमदनी करीब 10 हजार रुपये हो गई है।
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आत्मविश्वास और प्रेरणा
हरविन्द कौर ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने अपने पैरों पर खड़े होने के लिए खुद का रोजगार शुरू किया। अब वह अपने अनुभव के आधार पर गांव की अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं। वह उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने को कहती हैं।
ग्रामीण महिलाओं का सशक्तीकरण
हरविन्द कौर का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वह चाहती हैं कि महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें। साथ ही, समाज में अपनी अलग पहचान भी बना सकें। स्वयं सहायता समूह ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने का अवसर दिया।
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कैंटीन से कमा रहीं 10 हजार रुपये मासिक, दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
फोटो: 29
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली गांव की हरविन्द कौर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने लिए रोजगार का साधन तैयार किया है। अब वह कैंटीन का संचालन कर प्रतिमाह करीब 10 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
हरविन्द कौर गुरु नानक महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। समूह से जुड़ने से पहले वह एक गृहिणी थीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने रोजगार शुरू करने की योजना बनाई। समूह से उन्हें योजना बनाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली।
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उन्होंने 14 मार्च 2024 से डबवाली गांव में कैंटीन का काम शुरू किया। यह काम हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से शुरू हुआ। कैंटीन शुरू करने से पहले उनकी मासिक आय लगभग 2 हजार रुपये थी। अब कैंटीन के काम से उनकी मासिक आमदनी करीब 10 हजार रुपये हो गई है।
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आत्मविश्वास और प्रेरणा
हरविन्द कौर ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने अपने पैरों पर खड़े होने के लिए खुद का रोजगार शुरू किया। अब वह अपने अनुभव के आधार पर गांव की अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं। वह उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने को कहती हैं।
ग्रामीण महिलाओं का सशक्तीकरण
हरविन्द कौर का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वह चाहती हैं कि महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें। साथ ही, समाज में अपनी अलग पहचान भी बना सकें। स्वयं सहायता समूह ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने का अवसर दिया।