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Sirsa News: बायोमैट्रिक मशीन की धीमी चाल के फेर में अटका गरीबों का राशन
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सिरसा। बायामेट्रिक मशीन की धीमी प्रक्रिया के कारण राशन डिपो पर लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। इस कारण डिपो पर राशन लेने के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ करना रहा है। हालत यह बन गए है कि दो से तीन दिनों से लोग राशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सुबह 7 बजे से ही राशन डिपो पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो देर शाम तक बनी रहती है।
जहां राशन डिपो संचालकों की हड़ताल के चलते इस बार जहां पहले ही राशन लोगों को देरी से मिल रहा हैं। वहीं अब बायोमेट्रिक मशीन की धीमी चाल ने लोगों को परेशान कर दिया है। बहुत से गरीब लोग अपना काम छोड़कर डिपो पर पहुंचते है, फिर भी उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। जिले के अधिकांश डिपो का यही हाल है। हर डिपो पर करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। एक व्यक्ति को राशन देने में 15 से 20 मिनट का वक्त लग रहा है। ऐसे में एक घंटे में चार से पांच लोगों को ही राशन मिल पा रहा है।
सुबह 1 और रात को दो घंटे ही सही चल रही मशीन : डिपो संचालिका
चतरगढ़पट्टी स्थित डिपो संचालिका वर्षा रानी ने बताया कि सुबह 7 बजे से 8 बजे तक बायोमेट्रिक मशीन सही कार्य करती है। वहीं रात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक दो घंटे सही चलती है। इसके बीच में बार बार परेशानी आती है। कई बार सिम बदलनी पड़ती है, क्योंकि नेटवर्क काफी व्यस्त रहता है। इस दौरान एक आदमी की उंगली लगाने की प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट के करीब का वक्त लग जाता है।
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तीन दिन से आ रहे, लेकिन नहीं मिल रहा राशन
जगमीत सिंह, गुलशन कुमार, राजवंती देवी, रोशनी व राजेंद्र देवी ने बताया कि वे मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। तीन दिन से लगातार राशन लेने के लिए आ रहे हैं। जितने का हमें राशन नहीं मिलेगा, उतने की तो हमारी मजदूरी ही खराब हो रही है। सुबह 7 बजे से लाइन में लगे हुए हैं और 3 घंटे का समय गुजर चुका है, परंतु अभी भी राशन मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में भी यही हाल रहता है और एक व्यक्ति को कई घंटों के इंतजार के बाद राशन मिल पाता है। लोग यहां बैठे बैठे भूख व प्यास से परेशान हो जाते हैं। वहीं घर पर बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा है। प्रशासन व सरकार को चाहिए की बायोमेट्रिक की व्यवस्था सही की जाए। ताकि आमजन को मुश्किल न हो।
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जहां राशन डिपो संचालकों की हड़ताल के चलते इस बार जहां पहले ही राशन लोगों को देरी से मिल रहा हैं। वहीं अब बायोमेट्रिक मशीन की धीमी चाल ने लोगों को परेशान कर दिया है। बहुत से गरीब लोग अपना काम छोड़कर डिपो पर पहुंचते है, फिर भी उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। जिले के अधिकांश डिपो का यही हाल है। हर डिपो पर करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। एक व्यक्ति को राशन देने में 15 से 20 मिनट का वक्त लग रहा है। ऐसे में एक घंटे में चार से पांच लोगों को ही राशन मिल पा रहा है।
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सुबह 1 और रात को दो घंटे ही सही चल रही मशीन : डिपो संचालिका
चतरगढ़पट्टी स्थित डिपो संचालिका वर्षा रानी ने बताया कि सुबह 7 बजे से 8 बजे तक बायोमेट्रिक मशीन सही कार्य करती है। वहीं रात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक दो घंटे सही चलती है। इसके बीच में बार बार परेशानी आती है। कई बार सिम बदलनी पड़ती है, क्योंकि नेटवर्क काफी व्यस्त रहता है। इस दौरान एक आदमी की उंगली लगाने की प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट के करीब का वक्त लग जाता है।
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तीन दिन से आ रहे, लेकिन नहीं मिल रहा राशन
जगमीत सिंह, गुलशन कुमार, राजवंती देवी, रोशनी व राजेंद्र देवी ने बताया कि वे मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। तीन दिन से लगातार राशन लेने के लिए आ रहे हैं। जितने का हमें राशन नहीं मिलेगा, उतने की तो हमारी मजदूरी ही खराब हो रही है। सुबह 7 बजे से लाइन में लगे हुए हैं और 3 घंटे का समय गुजर चुका है, परंतु अभी भी राशन मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में भी यही हाल रहता है और एक व्यक्ति को कई घंटों के इंतजार के बाद राशन मिल पाता है। लोग यहां बैठे बैठे भूख व प्यास से परेशान हो जाते हैं। वहीं घर पर बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा है। प्रशासन व सरकार को चाहिए की बायोमेट्रिक की व्यवस्था सही की जाए। ताकि आमजन को मुश्किल न हो।