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सुखदीप कौर मर्डर मामला : मृतका के परिजनों ने थाने को घेरा, पुलिसकर्मी तैश में आया तो गाड़ी के आगे लेटे
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protest in police station
बडागुढ़ा में बीती 6 अगस्त को एक महिला की कुल्हाड़ी से काटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में रविवार को मृतका के मायके पक्ष से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने बडागुढ़ा थाने का घेराव किया। लोगों ने ढाई घंटे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ी केे अलावा अन्य वाहन को भी थाने से बाहर नहीं जाने दिया।
जब पुलिस की गाड़ी थाने से निकलने लगी तो लोगों ने उसे रोक लिया। पुलिस ने जब सख्ती दिखाने की कोशिश की तो लोग गाड़ी के आगे लेट गए। सूचना पाकर ओढां थाना प्रभारी कृष्ण लाल व डीएसपी किशोरी लाल मौके पर पहुंचे। घंटों चली जद्दोजहद के बाद डीएसपी के 5 दिन में गिरफ्तारी करने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
रविवार सुबह मृतका सुखदीप कौर के मायके पक्ष के लोग पंजाब के टाहलियां व जोईयां से बस में भरकर बडागुढ़ा थाने पहुंच गए। लोगों ने आते ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना दे रहे लोगों का कहना था कि पुलिस सुखदीप कौर के 5 हत्यारोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। थाना प्रभारी कमलेश रानी ने लोगों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुखदीप कौर की हत्या हुए 6 दिन हो गए लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपियों की कोई गिरफ्तारी नहीं की। सभी आरोपी खुले घूमकर उन पर राजीनामे का दबाव बना रहे हैं। लोगों ने आरोपी दुकानदार के एएसआई पिता पर भड़ास निकालते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति पुलिसिया धौंस दिखाकर राजीनामे का दबाव बना रहा है।
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मैंने अभी मामले की फाइल भी नहीं पढ़ी है : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी कमलेश रानी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्हें थाने में आए हुए दो ही दिन हुए हैं। उन्होंने अभी तक मामले की फाइल भी नहीं पढ़ी है। थाना प्रभारी ने कहा कि इस मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य की गिरफ्तारी शीघ्र ही की जाएगी। इस बात पर लोगों ने कहा कि आरोपी ने थाने में स्वयं सरेंडर किया है न कि उसे गिरफ्तार किया गया है। लोगों ने कहा कि जब आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती वे धरने से नहीं उठेंगे। जिसके बाद थाना प्रभारी ने कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। लेकिन लोग आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।
एसएचओ की गाड़ी के आगे लेट गए लोग
धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस की गाड़ी के अलावा अन्य वाहनों को भी थाने से बाहर नहीं जाने दिया। पुलिस जब एनडीपीएस के एक मामले में आरोपी को अदालत में पेश करने के लिए निकलने लगी तो माहौल गर्मा गया। एक पुलिसकर्मी ने तैश में कहा कि गाड़ी के सामने से हट जाएं। आरोपी को अदालत में पेश करने ले जाना है। अगर रास्ते से नहीं हटे तो मुकदमा दर्ज कर देंगे। जिसके बाद पुलिस व प्रदर्शनकारियों में विवाद हो गया। इस दौरान मृतका के पिता अमरीक सिंह व एक अन्य व्यक्ति गाड़ी के आगे लेट गए। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वे न ही तो धरने से उठेंगे और न ही पुलिस को बाहर जाने देंगे। जिसके बाद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर कोर्ट का हवाला देते हुए गाड़ी को मुश्किल से निकलवाया।
पांच दिन का मांगा समय
थाने के घेराव की सूचना पाकर ओढां थाना प्रभारी कृष्ण लाल के अलावा डबवाली के डीएसपी किशोरी लाल मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। डीएसपी ने लोगों को समझाया कि थाना प्रभारी नई आई हैं। इसलिए उन्हें 4-5 दिन का समय देना चाहिए। घंटों चली बातचीत के बाद डीएसपी ने लोगों से पांच दिन का समय मांगते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जिसके बाद लोग शांत हुए।
ये था मामला
छह अगस्त को बडागुढ़ा निवासी काला सिंह ने अपनी पत्नी सुखदीप कौर की कुल्हाड़े से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। काला सिंह ने हत्या का कारण सुखदीप कौर का चाल-चलन ठीक न होना बताया। हत्या के बाद काला सिंह ने सरेंडर कर दिया था। इस संबंध मेें पुलिस ने मृतका के पिता अमरीक सिंह के बयान पर काला सिंह व उसके भाई नीटा सिंह सहित दो के खिलाफ हत्या व उसकी सास चंद्रकौर, ससुर सुखदेव सिंह, चाची सास चरणजीत कौर व दुकानदार अमन सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इस मामले में काला सिंह को छोड़कर सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।
इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी की नई नियुक्ति होने के चलते गिरफ्तारी में देरी हुई। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। पांच दिन में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
- किशोरी लाल, डीएसपी, डबवाली।
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जब पुलिस की गाड़ी थाने से निकलने लगी तो लोगों ने उसे रोक लिया। पुलिस ने जब सख्ती दिखाने की कोशिश की तो लोग गाड़ी के आगे लेट गए। सूचना पाकर ओढां थाना प्रभारी कृष्ण लाल व डीएसपी किशोरी लाल मौके पर पहुंचे। घंटों चली जद्दोजहद के बाद डीएसपी के 5 दिन में गिरफ्तारी करने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
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रविवार सुबह मृतका सुखदीप कौर के मायके पक्ष के लोग पंजाब के टाहलियां व जोईयां से बस में भरकर बडागुढ़ा थाने पहुंच गए। लोगों ने आते ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना दे रहे लोगों का कहना था कि पुलिस सुखदीप कौर के 5 हत्यारोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। थाना प्रभारी कमलेश रानी ने लोगों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुखदीप कौर की हत्या हुए 6 दिन हो गए लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपियों की कोई गिरफ्तारी नहीं की। सभी आरोपी खुले घूमकर उन पर राजीनामे का दबाव बना रहे हैं। लोगों ने आरोपी दुकानदार के एएसआई पिता पर भड़ास निकालते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति पुलिसिया धौंस दिखाकर राजीनामे का दबाव बना रहा है।
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मैंने अभी मामले की फाइल भी नहीं पढ़ी है : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी कमलेश रानी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्हें थाने में आए हुए दो ही दिन हुए हैं। उन्होंने अभी तक मामले की फाइल भी नहीं पढ़ी है। थाना प्रभारी ने कहा कि इस मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य की गिरफ्तारी शीघ्र ही की जाएगी। इस बात पर लोगों ने कहा कि आरोपी ने थाने में स्वयं सरेंडर किया है न कि उसे गिरफ्तार किया गया है। लोगों ने कहा कि जब आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती वे धरने से नहीं उठेंगे। जिसके बाद थाना प्रभारी ने कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। लेकिन लोग आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।
एसएचओ की गाड़ी के आगे लेट गए लोग
धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस की गाड़ी के अलावा अन्य वाहनों को भी थाने से बाहर नहीं जाने दिया। पुलिस जब एनडीपीएस के एक मामले में आरोपी को अदालत में पेश करने के लिए निकलने लगी तो माहौल गर्मा गया। एक पुलिसकर्मी ने तैश में कहा कि गाड़ी के सामने से हट जाएं। आरोपी को अदालत में पेश करने ले जाना है। अगर रास्ते से नहीं हटे तो मुकदमा दर्ज कर देंगे। जिसके बाद पुलिस व प्रदर्शनकारियों में विवाद हो गया। इस दौरान मृतका के पिता अमरीक सिंह व एक अन्य व्यक्ति गाड़ी के आगे लेट गए। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वे न ही तो धरने से उठेंगे और न ही पुलिस को बाहर जाने देंगे। जिसके बाद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर कोर्ट का हवाला देते हुए गाड़ी को मुश्किल से निकलवाया।
पांच दिन का मांगा समय
थाने के घेराव की सूचना पाकर ओढां थाना प्रभारी कृष्ण लाल के अलावा डबवाली के डीएसपी किशोरी लाल मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। डीएसपी ने लोगों को समझाया कि थाना प्रभारी नई आई हैं। इसलिए उन्हें 4-5 दिन का समय देना चाहिए। घंटों चली बातचीत के बाद डीएसपी ने लोगों से पांच दिन का समय मांगते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जिसके बाद लोग शांत हुए।
ये था मामला
छह अगस्त को बडागुढ़ा निवासी काला सिंह ने अपनी पत्नी सुखदीप कौर की कुल्हाड़े से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। काला सिंह ने हत्या का कारण सुखदीप कौर का चाल-चलन ठीक न होना बताया। हत्या के बाद काला सिंह ने सरेंडर कर दिया था। इस संबंध मेें पुलिस ने मृतका के पिता अमरीक सिंह के बयान पर काला सिंह व उसके भाई नीटा सिंह सहित दो के खिलाफ हत्या व उसकी सास चंद्रकौर, ससुर सुखदेव सिंह, चाची सास चरणजीत कौर व दुकानदार अमन सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इस मामले में काला सिंह को छोड़कर सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।
इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी की नई नियुक्ति होने के चलते गिरफ्तारी में देरी हुई। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। पांच दिन में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
- किशोरी लाल, डीएसपी, डबवाली।