फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Pesticide medicine samples failed, powder was being sold in the name of medicine

Sirsa News: कीटनाशक के दवा के सैंपल फेल, दवा के नाम पर बेचा जा रहा था पाउडर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2023 10:39 PM IST
विज्ञापन
Pesticide medicine samples failed, powder was being sold in the name of medicine
रोहतक। शहर के सुनारिया रोड स्थित कुंज विहार एक मकान में नामी कंपनियों के नाम पर रखे गए दो कीटनाशक दवाओं की सैंपल रिपोर्ट आ गई हैं। सिरसा लैब से जारी रिपोर्ट में साफ किया गया है कि सैंपल के अंदर दवा का एक प्रतिशत भी अंश नहीं था।
विज्ञापन

कृषि विभाग के गुण नियंत्रक निरीक्षक राकेश जांगड़ा ने बताया कि 28 अगस्त को खुफिया विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के साथ कृषि विभाग की टीम सुनारिया रोड स्थित कुंज विहार कॉलोनी में पहुंची। मकान में कीटनाशक दवाइयां बनाने की फैक्टरी चल रही थी। कृषि विभाग के उप निदेशक महाबीर सिंह, डीडीए डाॅक्टर संदीप मलिक, एसडीओ राकेश कुमार ने पुलिस के साथ मिलकर जांच की। मौके पर हांसी निवासी सुनील, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के राजपुरा निवासी पिंटू व चांदनी मिले। नकली दवाइयां बनाने का काम जारी था, लेकिन वे फैक्टरी का किसी तरह का लाइसेंस नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम ने अलग-अलग दवाइयों के चार सैंपल भरे थे। साथ ही 30 पेटी तैयार की गई दवाइयां, सात मशीन, 30 पेटी खाली रैपर व अन्य सामान जब्त किया था। बरामद दवाइयों के दो सैंपल सिरसा तो दो फरीदाबाद लैब में जांच के लिए भेजे गए थे।
विज्ञापन

जनता कॉलोनी मकान से जब्त दवाइयों के तीन सैंपल फरीदाबाद भेजे
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ कृषि विभाग की टीम ने दो दिन पहले जनता कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा था, जहां से नामी दवा कंपनियों के नाम पर बेची जा रही दवाइयां जब्त की थी। कृषि विभाग ने तीन सैंपल भरकर जांच के लिए फरीदाबाद लैब भेजे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान यह सावधानियां बरतें
-नामी कंपनी के बीज और दवाइयों पर होलोग्राम व बार कोड होता है। बार कोड स्कैन करने से कंपनी का नाम लिखा आता है।
- दवा के ऊपर बैच नंबर लिखा होता है। किसान उस नंबर को नोट करके दूसरी दुकान से वेरीफाई कर सकते हैं।
- पक्का बिल लेंं। अगर विक्रेता नकली सामान बेच रहा है तो वह पक्का बिल देने में टालमटोल करेगा।
-शक होने पर किसान विक्रेता से पूछ सकता है कि माल कहां से आया है। कृषि विभाग को शिकायत की जा सकती है।

गेहूं की बिजाई से लेकर खरपतवार नाशक दवा की पड़ेगी जरूरत
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि अगेती धान न केवल मंडियों में आने लगी है, बल्कि पछेती भी दिवाली तक कट जाएगी। नवंबर माह में गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। गेहूं के बीज के साथ एक दवा मिलती है, जिसके एक ग्राम से एक किलो बीज का उपचार किया जाता है। इसके बाद गेहूं की फसल बढ़ने लगेगी तो खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed