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Sirsa News: दूध की शुद्धता और मेहनत के मोल के लिए पशुपालक एकजुट
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सिरसा। दूध के उचित और लाभकारी भाव दिलाने तथा नकली दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने की मांग को लेकर पशुपालक, किसान और डेयरी संचालक एकजुट होने लगे हैं। रविवार को गांव मंगाला स्थित गुरुद्वारा बाबा भूमन शाह जी में इस मुद्दे के लिए बैठक हुई। इसमें आसपास के कई गांवों से किसान और पशुपालक पहुंचे।
बैठक में नकली दूध, पनीर, खोया और अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग उठाई गई। पशुपालकों ने कहा कि बाजार में बिक रहे नकली और मिलावटी उत्पादों से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पशुपालक दिन-रात मेहनत कर दूध का उत्पादन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप भाव नहीं मिल पाता। वहीं सस्ते नकली उत्पाद बाजार में उनकी आय को प्रभावित कर रहे हैं। बैठक में नकली दुग्ध उत्पादों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई गई। लोगों ने नकली दूध बंद हो का संदेश देते हुए शुद्ध दूध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी ने दूध उत्पादकों के हित में सामूहिक संघर्ष करने पर सहमति जताई। इसके लिए आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया।
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बैठक में नकली दूध, पनीर, खोया और अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग उठाई गई। पशुपालकों ने कहा कि बाजार में बिक रहे नकली और मिलावटी उत्पादों से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि पशुपालक दिन-रात मेहनत कर दूध का उत्पादन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप भाव नहीं मिल पाता। वहीं सस्ते नकली उत्पाद बाजार में उनकी आय को प्रभावित कर रहे हैं। बैठक में नकली दुग्ध उत्पादों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई गई। लोगों ने नकली दूध बंद हो का संदेश देते हुए शुद्ध दूध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी ने दूध उत्पादकों के हित में सामूहिक संघर्ष करने पर सहमति जताई। इसके लिए आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया।
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