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Sirsa News: नामांकन का आखिरी दिन, भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार दाखिल करेंगे पर्चा
Sun, 16 Feb 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा ।
नगर निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने नामांकन को लेकर कमर कस लिया है। प्रशासन की ओर से भी पुख्ता तैयारी के दावे किए जा रहे हैं। नगर परिषद चुनाव में भाजपा-हलोपा की ओर वीर शांति स्वरूप वाल्मीकि को चेयरमैन का उम्मीदवार बनाया गया है। चेयरमैन और वार्ड पार्षद का चुनाव बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल के फूल पर लड़ा जाएगा। वहीं, कांग्रेस में जसविंद्र कौर गिल चेयरमैन पद के लिए अपना नामांकन भरेंगी। हालांकि कांग्रेस में बाकी 32 उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अब चेयरमैन की प्रत्याशी विधायक खेमे से होने के कारण चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा मिल सकता है। चुनावी आंकड़े को देखें तो प्रत्याशी की जीत व हार का निर्णय इस बार जनरल मतदाता के हाथ में है। भारतीय जनता पार्टी अपने 32 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है। जबकि देर शाम तक कांग्रेस के पार्षदों के नामों की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि कांग्रेस से टिकट मांगने वाले निर्दलीय भी उतर सकते हैं।
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सांसद के मैदान में उतरने से बदलेगी स्थिति
सांसद कुमारी सैलजा पर सभी की निगाहें बनी हुई है। सांसद कुमारी सैलजा सिरसा के चेयरमैन चुनाव की बागडोर संभालती हैं तो चुनाव बेहद रोचक होगा। भले ही पार्टी ने प्रत्याशी कोई खड़ा किया हो।
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क्या वर्चस्व बनाए रख पाएगी कांग्रेस
नगर पालिका और परिषद के चुनावों में कांग्रेस की हार-जीत का समीकरण बेहद अलग है। सिरसा में मौजूदा समय में भाजपा का कोई चेयरमैन नहीं है। ऐसे में सिरसा को लेकर भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। वहीं, कांग्रेस के लिए सिरसा जीतना नाक का सवाल होगा। सिरसा का सांसद और विधायक होने के बावजूद पार्टी चेयरमैन के पद पर जीत हासिल नहीं कर सकी तो कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।
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सरकार होने का भी रहेगा असर
भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का व्यवहार, दोनों ही इस चुनाव में अहम रोल निभाएंगे। यहां कांग्रेस के विधायक भी मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए नहीं थकते हैं। इसका भी असर निकाय चुनावों पर पड़ेगा।
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पुलिस की रहेगी विशेष सुरक्षा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लघु सचिवालय परिसर में सोमवार को विशेष रूप से पुलिस बल तैनात किया जाएगा। 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी प्रकार से माहौल खराब न हो। लघु सचिवालय परिसर के मुख्य गेट पर महिला और पुरुष बल की तैनात की पहले ही की जा चुकी है। नामांकन के आखिरी दिन पुलिस बल को बढ़ा दिया जाएगा। जिससे की किसी प्रकार की विवाद की स्थिति पैदा न हो।
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सिरसा ।
नगर निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने नामांकन को लेकर कमर कस लिया है। प्रशासन की ओर से भी पुख्ता तैयारी के दावे किए जा रहे हैं। नगर परिषद चुनाव में भाजपा-हलोपा की ओर वीर शांति स्वरूप वाल्मीकि को चेयरमैन का उम्मीदवार बनाया गया है। चेयरमैन और वार्ड पार्षद का चुनाव बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल के फूल पर लड़ा जाएगा। वहीं, कांग्रेस में जसविंद्र कौर गिल चेयरमैन पद के लिए अपना नामांकन भरेंगी। हालांकि कांग्रेस में बाकी 32 उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अब चेयरमैन की प्रत्याशी विधायक खेमे से होने के कारण चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा मिल सकता है। चुनावी आंकड़े को देखें तो प्रत्याशी की जीत व हार का निर्णय इस बार जनरल मतदाता के हाथ में है। भारतीय जनता पार्टी अपने 32 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है। जबकि देर शाम तक कांग्रेस के पार्षदों के नामों की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि कांग्रेस से टिकट मांगने वाले निर्दलीय भी उतर सकते हैं।
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सांसद के मैदान में उतरने से बदलेगी स्थिति
सांसद कुमारी सैलजा पर सभी की निगाहें बनी हुई है। सांसद कुमारी सैलजा सिरसा के चेयरमैन चुनाव की बागडोर संभालती हैं तो चुनाव बेहद रोचक होगा। भले ही पार्टी ने प्रत्याशी कोई खड़ा किया हो।
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क्या वर्चस्व बनाए रख पाएगी कांग्रेस
नगर पालिका और परिषद के चुनावों में कांग्रेस की हार-जीत का समीकरण बेहद अलग है। सिरसा में मौजूदा समय में भाजपा का कोई चेयरमैन नहीं है। ऐसे में सिरसा को लेकर भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। वहीं, कांग्रेस के लिए सिरसा जीतना नाक का सवाल होगा। सिरसा का सांसद और विधायक होने के बावजूद पार्टी चेयरमैन के पद पर जीत हासिल नहीं कर सकी तो कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।
सरकार होने का भी रहेगा असर
भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का व्यवहार, दोनों ही इस चुनाव में अहम रोल निभाएंगे। यहां कांग्रेस के विधायक भी मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए नहीं थकते हैं। इसका भी असर निकाय चुनावों पर पड़ेगा।
पुलिस की रहेगी विशेष सुरक्षा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लघु सचिवालय परिसर में सोमवार को विशेष रूप से पुलिस बल तैनात किया जाएगा। 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी प्रकार से माहौल खराब न हो। लघु सचिवालय परिसर के मुख्य गेट पर महिला और पुरुष बल की तैनात की पहले ही की जा चुकी है। नामांकन के आखिरी दिन पुलिस बल को बढ़ा दिया जाएगा। जिससे की किसी प्रकार की विवाद की स्थिति पैदा न हो।