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सिरसा को हरियाणा की धार्मिक राजधानी कहना अतिशयोक्ति नहीं : धीरेंद्र शास्त्री
Sun, 15 Sep 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 15 Sep 2024 12:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कथा व्यास श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सिरसा की धरा, शिव और संतों की पावन धरा है। सिरसा को हरियाणा की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्री बाबा तारा कुटिया (श्री तारकेश्वर धाम) में आयोजित श्री हनुमंत कथा का वाचन कर रहे थे। कथा के पहले दिन बागेश्वर धाम सरकार ने सिरसा की धरती को नमन करते हुए बाबा तारा की तपस्या और श्री तारकेश्वर धाम पर चर्चा की। उन्होंने श्री बाबा तारा चेरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से करवाए जा रहे धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सराहना की।
श्री बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्री हनुमान जी महाराज का चरित्र प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। तन को चमकाने के लिए अनेक प्रसाधन है लेकिन मन को चमकाने के लिए केवल कथा साधन है। हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए कथा श्रवण जरूरी है।
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इस मौके पर श्री सालासर धाम मंदिर के प्रधान गोपाल सर्राफ, दिल्ली के प्रमुख उद्योगपति सुभाष गोयल, पुनीत नारंग, युवा नेता धवल कांडा, धैर्य कांडा, श्री अग्रवाल सभा के पूर्व प्रधान अनिल सर्राफ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भगवान की कथा मन को चमकाती है
हनुमान चालीसा की विभिन्न चौपाइयों का अर्थ बताते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सभी चौपाई सीधा प्रभु से जुड़ने का मार्ग बताती है। राम भक्त हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों का ज्ञाता कहा जाता है। चौपाई ''अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता'' से स्पष्ट है कि हनुमान जी ही ऐसे देवता है, जिन्हें माता जानकी ने आठ दिव्य सिद्धियां और नौ निधियां प्राप्त करने का वरदान दिया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि तन का उजला होना बड़ी बात नहीं है। मन का उजला होना जरूरी है। प्रभु कृपा के लिए, परमात्मा प्राप्ति के लिए कथा सुनना चाहिए। भगवान की कथा मन को चमकाती है।
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सिरसा। कथा व्यास श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सिरसा की धरा, शिव और संतों की पावन धरा है। सिरसा को हरियाणा की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्री बाबा तारा कुटिया (श्री तारकेश्वर धाम) में आयोजित श्री हनुमंत कथा का वाचन कर रहे थे। कथा के पहले दिन बागेश्वर धाम सरकार ने सिरसा की धरती को नमन करते हुए बाबा तारा की तपस्या और श्री तारकेश्वर धाम पर चर्चा की। उन्होंने श्री बाबा तारा चेरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से करवाए जा रहे धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सराहना की।
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श्री बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्री हनुमान जी महाराज का चरित्र प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। तन को चमकाने के लिए अनेक प्रसाधन है लेकिन मन को चमकाने के लिए केवल कथा साधन है। हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए कथा श्रवण जरूरी है।
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इस मौके पर श्री सालासर धाम मंदिर के प्रधान गोपाल सर्राफ, दिल्ली के प्रमुख उद्योगपति सुभाष गोयल, पुनीत नारंग, युवा नेता धवल कांडा, धैर्य कांडा, श्री अग्रवाल सभा के पूर्व प्रधान अनिल सर्राफ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भगवान की कथा मन को चमकाती है
हनुमान चालीसा की विभिन्न चौपाइयों का अर्थ बताते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सभी चौपाई सीधा प्रभु से जुड़ने का मार्ग बताती है। राम भक्त हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों का ज्ञाता कहा जाता है। चौपाई ''अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता'' से स्पष्ट है कि हनुमान जी ही ऐसे देवता है, जिन्हें माता जानकी ने आठ दिव्य सिद्धियां और नौ निधियां प्राप्त करने का वरदान दिया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि तन का उजला होना बड़ी बात नहीं है। मन का उजला होना जरूरी है। प्रभु कृपा के लिए, परमात्मा प्राप्ति के लिए कथा सुनना चाहिए। भगवान की कथा मन को चमकाती है।