{"_id":"63a5eca52defa16c52476a97","slug":"inld-retains-zila-parishad-karan-chautala-elected-chairman-sirsa-news-hsr650563350","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: जिला परिषद पर इनेलो का कब्जा बरकरार, कर्ण चौटाला बने चेयरमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: जिला परिषद पर इनेलो का कब्जा बरकरार, कर्ण चौटाला बने चेयरमैन
विज्ञापन
जिला परिषद के नव निर्वाचित चेयरमैन कर्ण चौटाला समर्थकों के साथ विजयी चिन्ह बनाकर खुशी व्यक्त कर?
- फोटो : Sirsa
सिरसा। जिला परिषद के चेयरमैन पद पर इनेलो का फिर से कब्जा हो गया। इनेलो नेता कर्ण चौटाला को 12 वोट मिलने के बाद वह विजेता घोषित हो गए। प्रधान पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में रहे। जबकि उपप्रधान पद के लिए दो उम्मीदार मैदान में आए। इसमें आजाद प्रत्याशी मीना रानी को 13 वोट मिलने पर वह उपप्रधान चुनी गई। जिला परिषद के लिए हुए चुनावों में 19 पार्षदों ने भाग लिया।
शुक्रवार को बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में जिला परिषद के चुनावों का आयोजन किया गया। चुनावों में इनेलो के 10 उम्मीदवार, आम आदमी पार्टी के छह और आजाद तीन सहित कुल 19 सदस्य चुनावों में भाग लेने के लिए पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा के नेतृत्व में चुनावों का आयोजन किया गया। प्रधान पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज करवाए। वार्ड 6 से इनेलो के कर्ण चौटाला, वार्ड 8 से आप प्रत्याशी गुरभेज सिंह, जबकि वार्ड 4 से ओमप्रकाश पार्षद (भाजपा समर्थित) मैदान में उतरे। मतगणना में कर्ण चौटाला को 12, गुरभेज सिंह को 6 और ओमप्रकाश को 1 वोट मिला। कर्ण चौटाला चेयरमैन चुने गए। वहीं उपप्रधान पद के लिए वार्ड नंबर 24 की आप प्रत्याशी संदीप कौर और आजाद प्रत्याशी वार्ड नंबर 17 से मीना रानी मैदान में रहे। जिसमें मीना रानी को 13 वोट और संदीप कौर को छह वोट मिले। मीना रानी को उपप्रधान चुना गया। अतिरिक्त उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा ने विजेता रहे प्रधान व उपप्रधान को प्रमाण पत्र सौंपा ।
इस तरह से रहे परिणाम
प्रधान पद, वोट
कर्ण चौटाला, 12
गुरभेज सिंह, 6
ओमप्रकाश, 1
उपप्रधान, वोट
मीना रानी, 13
संदीप कौर, 6
प्रत्याशियों के साथ आए सदस्यों को बाहर गेट पर ही रोका
जिला परिषद के चेयरमैन चुनावों में शामिल होने के लिए सुबह 10 बजे से ही प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ पंचायत भवन में पहुंचना शुरू हो गए। लिस्ट के अनुसार प्रत्याशियों की एंट्री करवाई गई। जबकि प्रत्याशियों के साथ आए उनके समर्थकों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी गेट पर तैनात रहा।
विज्ञापन
आप कार्यकर्ताओं ने ईमानदार सरकार जिंदाबाद के लगाए नारे
प्रधान और उपप्रधान पद के चुनावों के दौरान आप कार्यकर्ताओं के दोनों प्रत्याशियों को पार्टी के ही वोट मिल पाए। परिणाम जारी होने के बाद आप कार्यकर्ताओं ने ईमानदार सरकार जिंदाबाद के नारे लगाए। वहीं आप के जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्य न कभी बिके थे और न ही बिकेंगे। पदों पर अब उन्हें चाहे हार मिली है लेकिन पार्टी के सदस्य अपने दावों पर खरे रहे हैं। चाहे वह अब विपक्ष में है पर भविष्य में उनकी सरकार जरूर आएगी।
सत्ताधारी भाजपा गठबंधन और कांग्रेस का इन चुनावों में जनता ने सूपड़ा किया साफ : कर्ण चौटाला
चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कर्ण चौटाला ने कहा कि जिला परिषद चेयरमैन व उप प्रधान पद के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुए और पहली बार में ही चुनाव संपन्न हो गए। कई बार देखने को मिलता है कि मौजूदा सरकार द्वारा अपने उम्मीदवार को चेयरमैन बनवाने के लिए बार-बार चुनाव स्थगित किए जाते हैं, लेकिन इस चुनाव में भाजपा गठबंधन सरकार की एक नहीं चली और पहली बार में ही चुनाव संपन्न हो गए। ईवीएम से वोटिंग हुई जिसमें उन्हें 12 वोट मिले और वे विजयी हुए। उन्होंने कहा कि सत्ताधरी भाजपा गठबंधन और कांग्रेस का जनता ने सूपड़ा साफ कर दिया है। कई सदस्य उन्हें हराने की बात कहते थे, लेकिन यहां पर कोई चुनावों में शामिल होने के लिए नहीं आया। जिला परिषद के फंड से नियमानुसार आम जनता की मांगों को पूरा किया जाएगा और जनहित के कार्यों में लगाया जाएगा और विकास कार्यों से जन-जन को फायदा पहुंचाने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में जिला परिषद के चुनावों का आयोजन किया गया। चुनावों में इनेलो के 10 उम्मीदवार, आम आदमी पार्टी के छह और आजाद तीन सहित कुल 19 सदस्य चुनावों में भाग लेने के लिए पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा के नेतृत्व में चुनावों का आयोजन किया गया। प्रधान पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज करवाए। वार्ड 6 से इनेलो के कर्ण चौटाला, वार्ड 8 से आप प्रत्याशी गुरभेज सिंह, जबकि वार्ड 4 से ओमप्रकाश पार्षद (भाजपा समर्थित) मैदान में उतरे। मतगणना में कर्ण चौटाला को 12, गुरभेज सिंह को 6 और ओमप्रकाश को 1 वोट मिला। कर्ण चौटाला चेयरमैन चुने गए। वहीं उपप्रधान पद के लिए वार्ड नंबर 24 की आप प्रत्याशी संदीप कौर और आजाद प्रत्याशी वार्ड नंबर 17 से मीना रानी मैदान में रहे। जिसमें मीना रानी को 13 वोट और संदीप कौर को छह वोट मिले। मीना रानी को उपप्रधान चुना गया। अतिरिक्त उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा ने विजेता रहे प्रधान व उपप्रधान को प्रमाण पत्र सौंपा ।
विज्ञापन
इस तरह से रहे परिणाम
प्रधान पद, वोट
कर्ण चौटाला, 12
गुरभेज सिंह, 6
ओमप्रकाश, 1
उपप्रधान, वोट
मीना रानी, 13
संदीप कौर, 6
प्रत्याशियों के साथ आए सदस्यों को बाहर गेट पर ही रोका
जिला परिषद के चेयरमैन चुनावों में शामिल होने के लिए सुबह 10 बजे से ही प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ पंचायत भवन में पहुंचना शुरू हो गए। लिस्ट के अनुसार प्रत्याशियों की एंट्री करवाई गई। जबकि प्रत्याशियों के साथ आए उनके समर्थकों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी गेट पर तैनात रहा।
विज्ञापन
आप कार्यकर्ताओं ने ईमानदार सरकार जिंदाबाद के लगाए नारे
प्रधान और उपप्रधान पद के चुनावों के दौरान आप कार्यकर्ताओं के दोनों प्रत्याशियों को पार्टी के ही वोट मिल पाए। परिणाम जारी होने के बाद आप कार्यकर्ताओं ने ईमानदार सरकार जिंदाबाद के नारे लगाए। वहीं आप के जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्य न कभी बिके थे और न ही बिकेंगे। पदों पर अब उन्हें चाहे हार मिली है लेकिन पार्टी के सदस्य अपने दावों पर खरे रहे हैं। चाहे वह अब विपक्ष में है पर भविष्य में उनकी सरकार जरूर आएगी।
सत्ताधारी भाजपा गठबंधन और कांग्रेस का इन चुनावों में जनता ने सूपड़ा किया साफ : कर्ण चौटाला
चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कर्ण चौटाला ने कहा कि जिला परिषद चेयरमैन व उप प्रधान पद के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुए और पहली बार में ही चुनाव संपन्न हो गए। कई बार देखने को मिलता है कि मौजूदा सरकार द्वारा अपने उम्मीदवार को चेयरमैन बनवाने के लिए बार-बार चुनाव स्थगित किए जाते हैं, लेकिन इस चुनाव में भाजपा गठबंधन सरकार की एक नहीं चली और पहली बार में ही चुनाव संपन्न हो गए। ईवीएम से वोटिंग हुई जिसमें उन्हें 12 वोट मिले और वे विजयी हुए। उन्होंने कहा कि सत्ताधरी भाजपा गठबंधन और कांग्रेस का जनता ने सूपड़ा साफ कर दिया है। कई सदस्य उन्हें हराने की बात कहते थे, लेकिन यहां पर कोई चुनावों में शामिल होने के लिए नहीं आया। जिला परिषद के फंड से नियमानुसार आम जनता की मांगों को पूरा किया जाएगा और जनहित के कार्यों में लगाया जाएगा और विकास कार्यों से जन-जन को फायदा पहुंचाने का काम किया जाएगा।