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20 करोड़ से एचएसवीपी का ट्रीटमेंट प्लांट तैयार, 50 हजार की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
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हाइवे किनारे गांव वैदवाला की भूमि पर बना एसएचवीपी का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। एचएसवीपी के सेक्टरों में रहने वाली 50 हजार की आबादी के लिए अच्छी खबर है। सेक्टरों से निकलने वाला सीवरेज का पानी अब खुले मैदान में नहीं डाला जाएगा। एचएसवीपी ने 20 करोड़ रुपये की लागत से नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कर दिया है। जिसका ट्रायल भी सफल हो चुका है। बिजली कनेक्शन मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। अच्छी बात ये है कि ट्रीटमेंट के बाद इस पानी का प्रयोग सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। करीब दो साल पहले निर्माण कार्य शुरू किया गया था, कोरोना काल के कारण कुछ बाधा आई लेकिन अब काम पूरा हो चुका है।
बरनाला रोड पर एचएसवीपी का सेक्टर-19 व 20 स्थापित किया गया है। इन दोनों सेक्टरों में करीब 10 हजार मकान बने हैं। कुछ मकान निर्माणाधीन भी हैं। लेकिन अभी तक सेक्टरों में बने घरों से निकलने वाला सीवरेज का पानी खुले प्लॉट में जा रहा था। इस कारण पूरा दिन क्षेत्र में बदबू का माहौल बना रहता था। ऐसे में सेक्टरवासियों ने लंबी लड़ाई लड़ी। दबाव में आकर विभाग ने इस पानी को थोड़ा और आगे छोड़ना शुरू कर दिया।
एसटीपी बनाने के लिए विभाग ने खरीदी गांव वैदवाला में जमीन, विवादों के कारण रुका काम
हालांकि सेक्टर स्थापित करते समय ही एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान किया गया। लेकिन इसके लिए शुरुआत में जगह का चयन करना समस्या बना रहा। बाद में सेक्टरवासियों का विरोध बढ़ा तो विभाग को हरकत मे आना पड़ा और वैदवाला गांव की हाइवे किनारे स्थित करीब 20 एकड़ भूमि खरीद ली। लेकिन एसटीपी बनाने के लिए विभाग ने मंजूरी नहीं दी जबकि सेक्टरवासियों के दबाव में आकर विभाग ने सीवरेज का पानी यहां छोड़ना शुरू कर दिया। इस कारण ग्रामीणों ने भी विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। करीब दो वर्ष पहले एचएसवीपी ने एसटीपी बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट जारी किया और इसके निर्माण को मंजूरी दी। काम शुरू हुआ तो कोरोना महामारी आ गई और काम देरी से हुआ। अब एसटीपी बनकर तैयार हो चुका है। इसके बनने से दोनों सेक्टरों में रहने वाली करीब 50 हजार लोगों की आबादी को सुविधा मिलेगी और गंदे पानी की निकासी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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जानिये...ये मिलेगी सुविधा
हाइवे किनारे गांव वैदवाला की जमीन पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर बड़े टैंक बनाए गए हैं। यहां साढ़े 22 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन स्टोर किया जा सकता है। इसके अलावा प्रतिदिन साढ़े 7 लाख मिलियन पानी को ट्रीट करने की सुविधा रहेगी। विभाग ने 7.5 एमएलडी पानी ट्रीटमेंट और 22.5 लाख पानी स्टोरेज के लिए टैंकों का निर्माण पूरा कर दिया है। इतना ही नहीं सेक्टर से ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब ये पानी साफ करने के बाद आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए मिल सकेगा। इससे खेतों में फसल की सिंचाई के लिए पानी की समस्या का भी समाधान होगा। ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का काम पूरा होने के बाद इसका ट्रायल भी किया जा चुका है। अब केवल बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है। फिलहाल निर्माण से लेकर अगले तीन साल तक ठेकेदार ही इसकी संभाल करेगा और उसके बाद इसे विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
काम पूरा हो चुका है, ट्रायल भी कर लिया : अतिमुक्त जैन
सीवरेज ट्रीटमेंट के निर्माण का काम पूरा हो चुुका है। इसका ट्रायल भी जनरेटर से कर लिया गया है। अब बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है। इसके बाद प्लांट अपना काम शुरू कर देगा। यहां अधिकारी भी निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि अभी 3 साल तक इसे हम ही चलाएंगे, उसके बाद इसे विभाग के सुपुर्द करेंगे।
-अतिमुक्त जैन, ठेकेदार।
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बरनाला रोड पर एचएसवीपी का सेक्टर-19 व 20 स्थापित किया गया है। इन दोनों सेक्टरों में करीब 10 हजार मकान बने हैं। कुछ मकान निर्माणाधीन भी हैं। लेकिन अभी तक सेक्टरों में बने घरों से निकलने वाला सीवरेज का पानी खुले प्लॉट में जा रहा था। इस कारण पूरा दिन क्षेत्र में बदबू का माहौल बना रहता था। ऐसे में सेक्टरवासियों ने लंबी लड़ाई लड़ी। दबाव में आकर विभाग ने इस पानी को थोड़ा और आगे छोड़ना शुरू कर दिया।
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एसटीपी बनाने के लिए विभाग ने खरीदी गांव वैदवाला में जमीन, विवादों के कारण रुका काम
हालांकि सेक्टर स्थापित करते समय ही एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान किया गया। लेकिन इसके लिए शुरुआत में जगह का चयन करना समस्या बना रहा। बाद में सेक्टरवासियों का विरोध बढ़ा तो विभाग को हरकत मे आना पड़ा और वैदवाला गांव की हाइवे किनारे स्थित करीब 20 एकड़ भूमि खरीद ली। लेकिन एसटीपी बनाने के लिए विभाग ने मंजूरी नहीं दी जबकि सेक्टरवासियों के दबाव में आकर विभाग ने सीवरेज का पानी यहां छोड़ना शुरू कर दिया। इस कारण ग्रामीणों ने भी विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। करीब दो वर्ष पहले एचएसवीपी ने एसटीपी बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट जारी किया और इसके निर्माण को मंजूरी दी। काम शुरू हुआ तो कोरोना महामारी आ गई और काम देरी से हुआ। अब एसटीपी बनकर तैयार हो चुका है। इसके बनने से दोनों सेक्टरों में रहने वाली करीब 50 हजार लोगों की आबादी को सुविधा मिलेगी और गंदे पानी की निकासी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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जानिये...ये मिलेगी सुविधा
हाइवे किनारे गांव वैदवाला की जमीन पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर बड़े टैंक बनाए गए हैं। यहां साढ़े 22 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन स्टोर किया जा सकता है। इसके अलावा प्रतिदिन साढ़े 7 लाख मिलियन पानी को ट्रीट करने की सुविधा रहेगी। विभाग ने 7.5 एमएलडी पानी ट्रीटमेंट और 22.5 लाख पानी स्टोरेज के लिए टैंकों का निर्माण पूरा कर दिया है। इतना ही नहीं सेक्टर से ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब ये पानी साफ करने के बाद आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए मिल सकेगा। इससे खेतों में फसल की सिंचाई के लिए पानी की समस्या का भी समाधान होगा। ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का काम पूरा होने के बाद इसका ट्रायल भी किया जा चुका है। अब केवल बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है। फिलहाल निर्माण से लेकर अगले तीन साल तक ठेकेदार ही इसकी संभाल करेगा और उसके बाद इसे विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
काम पूरा हो चुका है, ट्रायल भी कर लिया : अतिमुक्त जैन
सीवरेज ट्रीटमेंट के निर्माण का काम पूरा हो चुुका है। इसका ट्रायल भी जनरेटर से कर लिया गया है। अब बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है। इसके बाद प्लांट अपना काम शुरू कर देगा। यहां अधिकारी भी निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि अभी 3 साल तक इसे हम ही चलाएंगे, उसके बाद इसे विभाग के सुपुर्द करेंगे।
-अतिमुक्त जैन, ठेकेदार।

हाइवे किनारे गांव वैदवाला की भूमि पर बना एसएचवीपी का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।- फोटो : Sirsa