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फर्जी हस्ताक्षर कर दूसरे व्यक्ति के नाम करवाई गाड़ी, पुलिस ने छह के खिलाफ मामला किया दर्ज
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सिरसा। राजस्थान के व्यक्ति के दस्तावेजों पर फर्जी तरीके से गाड़ी नाम करवाने के आरोप में पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजा राम निवासी गांव बालासर तहसील रानियां, सुरेश कुमार, हरी किशन, विजय कुमार, संजय कुमार व रवि कुमार निवासी 16ए अमर सिंह गहलोत सोसायटी नजदीक सेवक पार्क, द्वाराका मेट्रो मोड़ स्टेशन, द्वारका नई दिल्ली पर मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में संदीप कुमार ने बताया कि 17 दिसंबर 2020 को शाम 6 बजे उसके मामा का देहांत होने पर उनके निवास स्थान अग्रसेन कॉलोनी में आया हुआ था। उक्त गाड़ी को लेकर हरीकिशन व सुंदर कुमार भी वहां पर आए हुए थे। जब गाड़ी के बारे में उनसे पूछा कि आपने हरियाणा नंबर की गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर कैसे करवाई तो इस पर उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया। ज्यादा पूछने पर वे टाल मटोल करने लगे। जब मैंने ऑनलाइन रिकॉर्ड से इस गाड़ी के मालिक का नाम पता किया तो मुझे पता चला कि यह गाड़ी तो उसके ही नाम से रजिस्टर्ड है। जब उसने उनसे पुन: पूछा कि यह गाड़ी तो मेरे नाम पर दर्शा रही है। तब वे मेरे साथ गाली-गलौच करने लगे तथा धमकाने लगे और कहा कि हमने ही यह गाड़ी तुम्हारे नाम से ट्रांसफर करवाई है और यदि तुमने भविष्य में इस गाड़ी के बारे में बात की तो अच्छा नहीं होगा। इसके बाद आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और वहां से चले गए। उसने बताया कि इस गाड़ी को सिरसा में रजिस्टर्ड करवाने हेतु एक एनओसी 26 मई 2016 को ऐलनाबाद से उसके नाम पर जारी की गई और 10 जून 2016 को उसके नाम पर रजिस्टर्ड की गई। जबकि इस गाड़ी से उसका कोई लेना देना नहीं है। उक्त लोगों ने आपसी मिली भगत करके व साजिश के तहत उसके दस्तावेजों का प्रयोग करके उक्त गाड़ी उसके नाम पर हस्तांतरित करवाई है। जबकि उक्त गाड़ी के रजिस्ट्रेशन व खरीदने बाबत उसके कोई हस्ताक्षर नहीं हैं। ये लोग इस गाड़ी के माध्यम से उसे भविष्य में नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में संदीप कुमार ने बताया कि 17 दिसंबर 2020 को शाम 6 बजे उसके मामा का देहांत होने पर उनके निवास स्थान अग्रसेन कॉलोनी में आया हुआ था। उक्त गाड़ी को लेकर हरीकिशन व सुंदर कुमार भी वहां पर आए हुए थे। जब गाड़ी के बारे में उनसे पूछा कि आपने हरियाणा नंबर की गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर कैसे करवाई तो इस पर उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया। ज्यादा पूछने पर वे टाल मटोल करने लगे। जब मैंने ऑनलाइन रिकॉर्ड से इस गाड़ी के मालिक का नाम पता किया तो मुझे पता चला कि यह गाड़ी तो उसके ही नाम से रजिस्टर्ड है। जब उसने उनसे पुन: पूछा कि यह गाड़ी तो मेरे नाम पर दर्शा रही है। तब वे मेरे साथ गाली-गलौच करने लगे तथा धमकाने लगे और कहा कि हमने ही यह गाड़ी तुम्हारे नाम से ट्रांसफर करवाई है और यदि तुमने भविष्य में इस गाड़ी के बारे में बात की तो अच्छा नहीं होगा। इसके बाद आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और वहां से चले गए। उसने बताया कि इस गाड़ी को सिरसा में रजिस्टर्ड करवाने हेतु एक एनओसी 26 मई 2016 को ऐलनाबाद से उसके नाम पर जारी की गई और 10 जून 2016 को उसके नाम पर रजिस्टर्ड की गई। जबकि इस गाड़ी से उसका कोई लेना देना नहीं है। उक्त लोगों ने आपसी मिली भगत करके व साजिश के तहत उसके दस्तावेजों का प्रयोग करके उक्त गाड़ी उसके नाम पर हस्तांतरित करवाई है। जबकि उक्त गाड़ी के रजिस्ट्रेशन व खरीदने बाबत उसके कोई हस्ताक्षर नहीं हैं। ये लोग इस गाड़ी के माध्यम से उसे भविष्य में नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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