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उड़ता सिरसा : गांव मटदादू में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, शौचालय में मिला शव

Sun, 10 Nov 2024 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 10 Nov 2024 11:55 PM IST
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Flying Sirsa: Youth dies under suspicious circumstances in village Matdadu, dead body found in toilet
नशे के कारण मौत होने की आशंका, परिजनों ने साधी चुप्पी, ग्रामीण बोले- गांव में पांच माह में नशे से तीसरी मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। जिले में नशे से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। रविवार को भी गांव मटदादू में 21 वर्षीय गरमीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव परिजनों को घर में बने शौचालय में मिला। मौत के पीछे नशे को कारण बताया जा रहा है, लेकिन परिजन पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, ग्रामीणों ने नशे पर चिंता जताते हुए कहा है कि पांच माह में नशे के कारण गांव में तीसरी मौत हुई है।

नशे से प्रतिमाह 10 से 15 युवाओं की ऑन रिकॉर्ड मौत होती है। इतने ही मामलों में परिजन चुप्पी साध जाते हैं और पुलिस को सूचित नहीं करते। ऐसे में मौत के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। डबवाली ही नहीं, पूरे सिरसा जिले में नशे से मौत के मामले देखने को मिलते हैं। डबवाली की तरह ही कालांवाली में भी युवाओं की मौत के काफी मामले देखने को मिलते हैं। एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो 500 से ज्यादा मौत मेडिकल नशे व चिट्टे के कारण होती है।
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मेडिकल नशा पर डीसी भी जता चुके चिंता

चिट्टे से ज्यादा मेडिकल नशे का प्रकोप जिले में देखने को मिल रहा है। मेडिकल नशे पर उपायुक्त शांतनु शर्मा भी दिशा की बैठक में चिंता जता चुके हैं। कई दवाओं के एनडीपीएस एक्ट में नहीं आने के कारण उनकी मांग ज्यादा है। पंजाब से भी बड़े स्तर पर मेडिकल नशा सप्लाई हो रहा है। डबवाली, कालांवाली दोनों मुख्य रूप से पंजाब की सीमाओं से लगे हुए हैं इसलिए इन क्षेत्र में मेडिकल नशा ज्यादा है।
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उपचार के आंकड़े बेहद निराशाजनक



सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में नशा करने वाले संख्या 30 हजार के आसपास है। इनमें से 3 प्रतिशत युवा ही उपचार करवाने के लिए आते हैं। यह आंकड़ा बेहद निराशाजनक है। पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन के प्रयासों के बाद भी उपचार करवाने वाले मरीजों का आंकड़ा अभी तक नहीं बढ़ा है।





इस प्रकार हैं आकंड़े

वर्ष - नशा पीड़ित - उपचार करवाया

2021- 19135- 391

2022- 31000 - 588

2023 - 35000- 763



2024 - 25000 - 619



नशा करने वाले 90 प्रतिशत युवा एचआईवी के शिकार

हर साल 400 के आस पास एचआईवी के मामले जिले में आ रहे हैं। इनमें से नशा करने के कारण 90 फीसदी मरीज एड्स की चपेट में आ रहे हैं। इनकी आयु 15 से 30 वर्ष के लगभग है। इनका उपचार नागरिक अस्पताल में चलता है।











जिले के 134 गांवों के अलावा सिरसा के 4 और ऐलनाबाद के 4 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। हेरोइन पर नियंत्रण किया जा चुका है। सिरसा से नशे को खत्म करने के प्रयास जारी है। प्रतिबंधित दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की जा रही है। - विक्रांत भूषण, एसपी , सिरसा
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