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कलेक्टर रेट 20 लाख करने की मांग को लेकर चौटाला के ग्रामीणों का प्रदर्शन
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जिले के गांव चौटाला के ग्रामीणों ने कलेक्टर रेट 20 लाख रुपये प्रति एकड़ घोषित किए जाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। गांव चौटाला में जमीन के कलेक्टर रेट फिलहाल 10 लाख रुपये प्रति एकड़ है।
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए किसान गुरजंट सिंह, महेंद्र कुमार, पृथ्वीराज, दलीप कुमार, बलवंत, बनवारी लाल, संजय कुमार, आत्माराम, नछतर सिंह, रामकुमार, ताराचंद, लीलाधर, दयाराम ढलाणिया, राजेश कुमार, अनुज कुमार व अन्य निर्धारित किए गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके गांव की जमीन की कीमत का आंकलन कम किया गया है। उनके साथ लगते गांव तेजाखेड़ा और अबूबशहर की जमीन के कलेक्टर रेट 15 लाख तय किए गए है। जबकि गांव चौटाला राजस्थान के संगरिया से सटा हुआ है। रिको औद्योगिक प्लांट संगरिया, बस स्टेंड संगरिया, सब्जी मंडी संगरिया चौटाला के बेहद नजदीक है। यहां 6 किलोमीटर के दायरे में 10 पैट्रोल पंप, 8 धर्मकांटे, किन्नू प्लांट, आईटीआई सेंटर, अस्पताल, हैफेड गोदाम व दो गैस एजेंसियां भी है। राजस्थान के लगभग 100 गांवों के किसान चौटाला मंडी में अपनी उपज बेचने आते हैं और यहीं पर खरीददारी करते हैं। उन्होंने कहा कि गांव चौटाला आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए उसके गांव के जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाए जाए।
एनएच-754 फोरलेन का होना है निर्माण
चौटाला में से पठानकोट से कांडला के लिए एनएच-754 फोरलेन हाई-वे प्रस्तावित है। जिसके लिए ग्रामीणों की जमीनें अधिकृत की जानी है। करीब तीन किलोमीटर भूमि अधिग्रहित की जानी है। किसानों ने कहा कि दस जुलाई को जिला राजस्व अधिकारी ने जमीन का अवार्ड सुनाना है। उन्हें सुबह दस बजे बुलाया गया था। लेकिन अभी तक राजस्व विभाग के अधिकारी मीटिंग में व्यस्त है। गांव से करीब 50 किसानों को बुलाया गया है। किसानों ने बताया कि फोरलेन हाईवे बनने पर उनके समक्ष परेशानियां भी पैदा होगी। उनके खेत दो भागों में बंट जाएंगे। चूंकि हाई-वे के साथ सर्विस लैन भी होगी, इसलिए वे अपने ही खेत में 5-5 किलोमीटर चलकर ही पहुंच सकेंगे। उन्हें अपने खेतों में पानी देने में दिक्कत आएगी, साथ ही पानी की बारी भी बंट जाएगी। उन्हें खेती करने में भी दिक्कत आएगी।
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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए किसान गुरजंट सिंह, महेंद्र कुमार, पृथ्वीराज, दलीप कुमार, बलवंत, बनवारी लाल, संजय कुमार, आत्माराम, नछतर सिंह, रामकुमार, ताराचंद, लीलाधर, दयाराम ढलाणिया, राजेश कुमार, अनुज कुमार व अन्य निर्धारित किए गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके गांव की जमीन की कीमत का आंकलन कम किया गया है। उनके साथ लगते गांव तेजाखेड़ा और अबूबशहर की जमीन के कलेक्टर रेट 15 लाख तय किए गए है। जबकि गांव चौटाला राजस्थान के संगरिया से सटा हुआ है। रिको औद्योगिक प्लांट संगरिया, बस स्टेंड संगरिया, सब्जी मंडी संगरिया चौटाला के बेहद नजदीक है। यहां 6 किलोमीटर के दायरे में 10 पैट्रोल पंप, 8 धर्मकांटे, किन्नू प्लांट, आईटीआई सेंटर, अस्पताल, हैफेड गोदाम व दो गैस एजेंसियां भी है। राजस्थान के लगभग 100 गांवों के किसान चौटाला मंडी में अपनी उपज बेचने आते हैं और यहीं पर खरीददारी करते हैं। उन्होंने कहा कि गांव चौटाला आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए उसके गांव के जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाए जाए।
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एनएच-754 फोरलेन का होना है निर्माण
चौटाला में से पठानकोट से कांडला के लिए एनएच-754 फोरलेन हाई-वे प्रस्तावित है। जिसके लिए ग्रामीणों की जमीनें अधिकृत की जानी है। करीब तीन किलोमीटर भूमि अधिग्रहित की जानी है। किसानों ने कहा कि दस जुलाई को जिला राजस्व अधिकारी ने जमीन का अवार्ड सुनाना है। उन्हें सुबह दस बजे बुलाया गया था। लेकिन अभी तक राजस्व विभाग के अधिकारी मीटिंग में व्यस्त है। गांव से करीब 50 किसानों को बुलाया गया है। किसानों ने बताया कि फोरलेन हाईवे बनने पर उनके समक्ष परेशानियां भी पैदा होगी। उनके खेत दो भागों में बंट जाएंगे। चूंकि हाई-वे के साथ सर्विस लैन भी होगी, इसलिए वे अपने ही खेत में 5-5 किलोमीटर चलकर ही पहुंच सकेंगे। उन्हें अपने खेतों में पानी देने में दिक्कत आएगी, साथ ही पानी की बारी भी बंट जाएगी। उन्हें खेती करने में भी दिक्कत आएगी।
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