फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   farmer, protest

कलेक्टर रेट 20 लाख करने की मांग को लेकर चौटाला के ग्रामीणों का प्रदर्शन

Thu, 11 Jul 2019 02:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2019 02:12 AM IST
विज्ञापन
farmer, protest
जिले के गांव चौटाला के ग्रामीणों ने कलेक्टर रेट 20 लाख रुपये प्रति एकड़ घोषित किए जाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। गांव चौटाला में जमीन के कलेक्टर रेट फिलहाल 10 लाख रुपये प्रति एकड़ है।
विज्ञापन

उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए किसान गुरजंट सिंह, महेंद्र कुमार, पृथ्वीराज, दलीप कुमार, बलवंत, बनवारी लाल, संजय कुमार, आत्माराम, नछतर सिंह, रामकुमार, ताराचंद, लीलाधर, दयाराम ढलाणिया, राजेश कुमार, अनुज कुमार व अन्य निर्धारित किए गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके गांव की जमीन की कीमत का आंकलन कम किया गया है। उनके साथ लगते गांव तेजाखेड़ा और अबूबशहर की जमीन के कलेक्टर रेट 15 लाख तय किए गए है। जबकि गांव चौटाला राजस्थान के संगरिया से सटा हुआ है। रिको औद्योगिक प्लांट संगरिया, बस स्टेंड संगरिया, सब्जी मंडी संगरिया चौटाला के बेहद नजदीक है। यहां 6 किलोमीटर के दायरे में 10 पैट्रोल पंप, 8 धर्मकांटे, किन्नू प्लांट, आईटीआई सेंटर, अस्पताल, हैफेड गोदाम व दो गैस एजेंसियां भी है। राजस्थान के लगभग 100 गांवों के किसान चौटाला मंडी में अपनी उपज बेचने आते हैं और यहीं पर खरीददारी करते हैं। उन्होंने कहा कि गांव चौटाला आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए उसके गांव के जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाए जाए।
विज्ञापन

एनएच-754 फोरलेन का होना है निर्माण
चौटाला में से पठानकोट से कांडला के लिए एनएच-754 फोरलेन हाई-वे प्रस्तावित है। जिसके लिए ग्रामीणों की जमीनें अधिकृत की जानी है। करीब तीन किलोमीटर भूमि अधिग्रहित की जानी है। किसानों ने कहा कि दस जुलाई को जिला राजस्व अधिकारी ने जमीन का अवार्ड सुनाना है। उन्हें सुबह दस बजे बुलाया गया था। लेकिन अभी तक राजस्व विभाग के अधिकारी मीटिंग में व्यस्त है। गांव से करीब 50 किसानों को बुलाया गया है। किसानों ने बताया कि फोरलेन हाईवे बनने पर उनके समक्ष परेशानियां भी पैदा होगी। उनके खेत दो भागों में बंट जाएंगे। चूंकि हाई-वे के साथ सर्विस लैन भी होगी, इसलिए वे अपने ही खेत में 5-5 किलोमीटर चलकर ही पहुंच सकेंगे। उन्हें अपने खेतों में पानी देने में दिक्कत आएगी, साथ ही पानी की बारी भी बंट जाएगी। उन्हें खेती करने में भी दिक्कत आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed