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Sirsa News: रानियां बाईपास पर खोदाई का कार्य जारी, वाहनों का आवागमन रहा बंद
Thu, 07 Mar 2024 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 07 Mar 2024 11:13 PM IST
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सिरसा। रानियां बाईपास पर 55 इंची सीवरेज लाइन मंगलवार देर रात को धंस गई थी। इस मुख्य सीवरेज लाइन को दुरुस्त करने में दो दिनों से जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगे हुए हैं। अभी तक अधिकारी ऊपरी खोदाई का कार्य ही पूरा करा पाए है। ऐसे में पूर्ण स्थिति वह ही नहीं जान पाए हैं कि मुख्य सीवरेज लाइन कितनी क्षतिग्रस्त हुई और किस स्तर तक हुई है।
वहीं जिस गति से कार्य चल रहा है और जिस प्रकार की सीवरेज लाइन है। ऐसे में इस काम को पूरा होने में 20 दिनों का वक्त लग सकता है। यदि इस लाइन को दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाता है तो यह डेढ़ माह का वक्त ले लेगा। ऐसे में रानियां बाईपास पूरी तरह से बंद रहेगा। केलनियां रोड को जाने वाले लोगों को साथ लगती कॉलोनियों से गुजरकर जाना पड़ेगा।
बता दें कि लाइन को ठीक करने के लिए 20 फुट का गहरा गड्ढा अभी तक खोदा जा चुका है। इस गड्ढे में रात के समय कोई पशु या व्यक्ति गिर न जाए। इसके लिए दो कर्मचारियों की रात्रि ड्यूटी लगाई गई है। वीरवार को पोकलेन मशीन से खोदाई का कार्य किया गया।
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55 इंची लाइन के दो है विकल्प
अधिकारियों के अनुसार 55 इंची लाइन को दुरुस्त करने के दो विकल्प उनके पास है। दोनों विकल्प लाइन की डैमेज स्थिति के अनुसार है। यदि सीवरेज लाइन की पाइप में केवल दरार आई और लीकेज है। ताकि उसके उसके चारों ओर सीसी का चैंबर बनाकर दुरुस्त कर दिया जाएगा। यदि पाइप लाइन का टुकड़े में कई जगह दरारें है। तो ऐसी स्थिति में पूरे टुकड़े को बदलना पड़ेगा। जिसको लेकर खर्च ज्यादा आएगा और वक्त भी लगेगा। ऐसी सूरत में विभाग को टेंडर प्रक्रिया से गुजरना होगा।
25 लाख से ऊपर की अनुमति देगा मुख्यालय
अधिकारियों के अनुसार 25 लाख रुपये तक का कार्य एसई की अनुमति से इमरजेंसी तौर पर करवाया जा सकता है। उसे ज्यादा खर्च आने की सूरत में मुख्यालय से टेंडर लगाने की अनुमति लेनी पड़ती है और डीपीआर बनानी होती है। जिसे मुख्यालय भेजकर अप्रूव्ड करवाया जाता है। अनुमति मिलने के बाद टैंडर लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में एक माह से ज्यादा का वक्त लगता है।
यह है स्थिति
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में सीवरेज लाइन से पानी गुजर रहा है। इस कारण शहर का एरिया ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है। यदि लाइन के कार्य के दौरान सीवरेज लाइन टूटी हुई मिलती है तो ऐसी स्थिति में लाइन में पानी को बंद करना पड़ेगा। उस सूरत में शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सीवरेज लाइन को दुरुस्त करने को लेकर खोदाई का कार्य चल रहा है। पूरी खोदाई होने के बाद ही पता चलेगा कि पाइप लाइन कितनी डैमेज है। अभी लाइन से सीवरेज का पानी गुजर रहा है। उसमें कोई दिक्कत नहीं आई है।
-संदीप कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
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वहीं जिस गति से कार्य चल रहा है और जिस प्रकार की सीवरेज लाइन है। ऐसे में इस काम को पूरा होने में 20 दिनों का वक्त लग सकता है। यदि इस लाइन को दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाता है तो यह डेढ़ माह का वक्त ले लेगा। ऐसे में रानियां बाईपास पूरी तरह से बंद रहेगा। केलनियां रोड को जाने वाले लोगों को साथ लगती कॉलोनियों से गुजरकर जाना पड़ेगा।
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बता दें कि लाइन को ठीक करने के लिए 20 फुट का गहरा गड्ढा अभी तक खोदा जा चुका है। इस गड्ढे में रात के समय कोई पशु या व्यक्ति गिर न जाए। इसके लिए दो कर्मचारियों की रात्रि ड्यूटी लगाई गई है। वीरवार को पोकलेन मशीन से खोदाई का कार्य किया गया।
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55 इंची लाइन के दो है विकल्प
अधिकारियों के अनुसार 55 इंची लाइन को दुरुस्त करने के दो विकल्प उनके पास है। दोनों विकल्प लाइन की डैमेज स्थिति के अनुसार है। यदि सीवरेज लाइन की पाइप में केवल दरार आई और लीकेज है। ताकि उसके उसके चारों ओर सीसी का चैंबर बनाकर दुरुस्त कर दिया जाएगा। यदि पाइप लाइन का टुकड़े में कई जगह दरारें है। तो ऐसी स्थिति में पूरे टुकड़े को बदलना पड़ेगा। जिसको लेकर खर्च ज्यादा आएगा और वक्त भी लगेगा। ऐसी सूरत में विभाग को टेंडर प्रक्रिया से गुजरना होगा।
25 लाख से ऊपर की अनुमति देगा मुख्यालय
अधिकारियों के अनुसार 25 लाख रुपये तक का कार्य एसई की अनुमति से इमरजेंसी तौर पर करवाया जा सकता है। उसे ज्यादा खर्च आने की सूरत में मुख्यालय से टेंडर लगाने की अनुमति लेनी पड़ती है और डीपीआर बनानी होती है। जिसे मुख्यालय भेजकर अप्रूव्ड करवाया जाता है। अनुमति मिलने के बाद टैंडर लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में एक माह से ज्यादा का वक्त लगता है।
यह है स्थिति
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में सीवरेज लाइन से पानी गुजर रहा है। इस कारण शहर का एरिया ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है। यदि लाइन के कार्य के दौरान सीवरेज लाइन टूटी हुई मिलती है तो ऐसी स्थिति में लाइन में पानी को बंद करना पड़ेगा। उस सूरत में शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सीवरेज लाइन को दुरुस्त करने को लेकर खोदाई का कार्य चल रहा है। पूरी खोदाई होने के बाद ही पता चलेगा कि पाइप लाइन कितनी डैमेज है। अभी लाइन से सीवरेज का पानी गुजर रहा है। उसमें कोई दिक्कत नहीं आई है।
-संदीप कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग