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Sirsa News: तनाव के कारण बुजुर्ग दंपती ने दी जान एक ही चिता पर किया अंतिम संस्कार
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सिरसा। एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार। संवाद
चोपटा (सिरसा)। गांव खेड़ी में मानसिक तनाव में सोमवार की शाम करीब छह बजे बुजुर्ग दंपती रामचंद्र (63) और महेंद्रो देवी ने जहरीला पदार्थ निगल कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम को दोनों का गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
सोमवार शाम को पड़ोस की एक महिला रामचंद्र के घर गई। महिला के आवाज देने पर भी किसी ने गेट नहीं खोला। अनहोनी की आशंका में महिला ने इसकी सूचना रामचंद्र के बेटे संजय उर्फ धोलू को दी। बेटे ने आकर गेट तोड़ दिया। बेटे ने कमरे में अंदर जाकर देखा तो माता-पिता ने जहरीला पदार्थ निगला हुआ था। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बेटे संजय ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके माता-पिता उसकी शादी के तीन साल बाद से अलग रहने लगे थे। करीब 17 साल से पास में ही बने दूसरे मकान में रहते थे। उनकी मां महेंद्रो 20 साल से पेट की बीमारी से पीड़ित थीं। उनके पिता रामचंद्र ने बीकानेर, सिरसा व अन्य जगहों पर उनका उपचार कराया, लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस कारण उनके पिता परेशान रहने लगे और शराब पीने के आदी बन गए। बेटे ने बताया कि मानसिक परेशानी और शराब के नशे में ही पिता ने यह कदम उठाया है।
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दोस्त से बोला रामचंद्र आज दो घंटे बाद जाऊंगा
मृतक रामचंद्र के दोस्त महावीर ने बताया कि रामचंद्र पिछले दस दिनों से कह रहे थे कि वह जाएगा। सोमवार को उसने दिन में शराब पी थी और कह रहा था कि आज दो घंटे बाद जाऊंगा। हमने सोचा कि हर रोज ही कहता है। शाम को छह बजे के आसपास उसके व उसकी पत्नी की आत्महत्या की खबर मिलते ही गहरा सदमा लगा
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कागदाना पुलिस चौकी के जांच अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि मृतक रामचंद्र शराब के नशे का आदी था। वह मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी पिछले 20 सालों से बीमार चल रही थी। मृतक के बेटे व भाई के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
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सोमवार शाम को पड़ोस की एक महिला रामचंद्र के घर गई। महिला के आवाज देने पर भी किसी ने गेट नहीं खोला। अनहोनी की आशंका में महिला ने इसकी सूचना रामचंद्र के बेटे संजय उर्फ धोलू को दी। बेटे ने आकर गेट तोड़ दिया। बेटे ने कमरे में अंदर जाकर देखा तो माता-पिता ने जहरीला पदार्थ निगला हुआ था। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के बेटे संजय ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके माता-पिता उसकी शादी के तीन साल बाद से अलग रहने लगे थे। करीब 17 साल से पास में ही बने दूसरे मकान में रहते थे। उनकी मां महेंद्रो 20 साल से पेट की बीमारी से पीड़ित थीं। उनके पिता रामचंद्र ने बीकानेर, सिरसा व अन्य जगहों पर उनका उपचार कराया, लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस कारण उनके पिता परेशान रहने लगे और शराब पीने के आदी बन गए। बेटे ने बताया कि मानसिक परेशानी और शराब के नशे में ही पिता ने यह कदम उठाया है।
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दोस्त से बोला रामचंद्र आज दो घंटे बाद जाऊंगा
मृतक रामचंद्र के दोस्त महावीर ने बताया कि रामचंद्र पिछले दस दिनों से कह रहे थे कि वह जाएगा। सोमवार को उसने दिन में शराब पी थी और कह रहा था कि आज दो घंटे बाद जाऊंगा। हमने सोचा कि हर रोज ही कहता है। शाम को छह बजे के आसपास उसके व उसकी पत्नी की आत्महत्या की खबर मिलते ही गहरा सदमा लगा
कागदाना पुलिस चौकी के जांच अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि मृतक रामचंद्र शराब के नशे का आदी था। वह मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी पिछले 20 सालों से बीमार चल रही थी। मृतक के बेटे व भाई के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।