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Sirsa News: डॉक्टर संजीव कौशल को 20 मई सुबह 10 बजे जेल में करना होगा आत्मसमर्पण
Sat, 17 May 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 17 May 2025 11:18 PM IST
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सिरसा। फाइनेंसर से व्हाट्सएप पर कॉल करके 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी डॉक्टर संजीव कौशल को 20 मई 2025 को सिरसा जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ेगा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने डॉ. संजीव कौशल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी ने इलाज के लिए दो महीने की अवधि की अंतरिम जमानत बढ़ाने का अनुरोध किया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने कहा कि पब्लिक प्रोसिक्यूटर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता का सिरसा में अपना निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर है और अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान वह इसे चला रहा है। वह मरीजों की देखभाल कर रहा है व परीक्षण भी कर रहा है।
सिविल सर्जन सिरसा के कार्यालय ने याचिकाकर्ता द्वारा फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 के महीनों में तैयार की गई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट का विधिवत समर्थन किया है। इस तथ्य को अन्यथा भी नकारा नहीं जा सकता। जब याचिकाकर्ता अंतरिम जमानत पर रहते हुए सामान्य कामकाज कर रहा है और उसकी बीमारी उसके काम करने में बाधा नहीं बन रही है, तो यह परिस्थिति इस बात पर प्रकाश डालती है कि उसे चिकित्सा उपचार के लिए दी गई अंतरिम सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। संवाद
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जेल में दिया जाएगा तरल आहार
याचिकाकर्ता द्वारा निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाना निश्चित रूप से दान का कार्य नहीं है। अंतरिम सुरक्षा का उद्देश्य एक विशिष्ट अवधि और विशिष्ट उद्देश्य के लिए था। याचिकाकर्ता ने अपने इलाज के लिए पहले ही चार महीने की अंतरिम जमानत ले रखी है। उसकी इस आशंका के संबंध में कि जेल में रहने के दौरान वह तरल आहार नहीं ले पाएगा। न्यायाधीश ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि जेल के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुसूची के अनुसार आरोपी को समय पर चिकित्सा उपचार और तरल आहार प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाएंगे। याचिकाकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि वह अपनी अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद 20 मई 2025 को सुबह 10 बजे जिला जेल सिरसा के जेल गेट पर आत्मसमर्पण करे।
22 दिसंबर 2024 पुलिस ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि इस मामले में शहर थाना सिरसा पुलिस ने आरोपी डॉक्टर संजीव कौशल को 22 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद डॉ. कौशल ने जीभ के कैंसर हवाला देते हुए इलाज हेतु न्यायालय ने अंतरिम जमानत मांगी। न्यायालय ने आरोपी को चार माह की अंतरिम जमानत दे दी। अब आरोपी ने फिर से जमानत अवधि बढ़ाने के लिए याचिका लगाई थी।
ये है पूरा मामला
बता दें कि डॉ संजीव कौशल का अपने पड़ोसी वीके फाइनेंसर के संचालक विनोद कुमार से झगड़ा चल रहा था। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. कौशल ने अपने पुराने साथी विनोद गोदारा जोकि इस समय कनाडा में रह रहा है, से संपर्क किया। विनोद गोदारा ने आश्वासन दिया कि फाइनेंसर उसे जानता है और वह समझौता करवा देगा। गोदाना ने फाइनेंसर को व्हाट्सएप कॉल की तो बात समझौते तक नहीं पहुंची। इस पर विनोद ने अपने भतीजे गांव खाई शेरगढ़ निवासी सुशील को फाइनेंसर के पास भेजा और बात कराने को कहा। सुनील ने बात करवाई तो विनोद गोदारा ने फाइनेंसर को गालियां दीं। बाद में फाइनेंसर ने पुलिस को शिकायत दी कि उससे 10 करोड़ की रंगदारी मांगी गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर डॉ. संजीव कौशल व सुशील को गिरफ्तार कर लिया।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने कहा कि पब्लिक प्रोसिक्यूटर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता का सिरसा में अपना निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर है और अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान वह इसे चला रहा है। वह मरीजों की देखभाल कर रहा है व परीक्षण भी कर रहा है।
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सिविल सर्जन सिरसा के कार्यालय ने याचिकाकर्ता द्वारा फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 के महीनों में तैयार की गई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट का विधिवत समर्थन किया है। इस तथ्य को अन्यथा भी नकारा नहीं जा सकता। जब याचिकाकर्ता अंतरिम जमानत पर रहते हुए सामान्य कामकाज कर रहा है और उसकी बीमारी उसके काम करने में बाधा नहीं बन रही है, तो यह परिस्थिति इस बात पर प्रकाश डालती है कि उसे चिकित्सा उपचार के लिए दी गई अंतरिम सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। संवाद
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जेल में दिया जाएगा तरल आहार
याचिकाकर्ता द्वारा निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाना निश्चित रूप से दान का कार्य नहीं है। अंतरिम सुरक्षा का उद्देश्य एक विशिष्ट अवधि और विशिष्ट उद्देश्य के लिए था। याचिकाकर्ता ने अपने इलाज के लिए पहले ही चार महीने की अंतरिम जमानत ले रखी है। उसकी इस आशंका के संबंध में कि जेल में रहने के दौरान वह तरल आहार नहीं ले पाएगा। न्यायाधीश ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि जेल के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुसूची के अनुसार आरोपी को समय पर चिकित्सा उपचार और तरल आहार प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाएंगे। याचिकाकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि वह अपनी अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद 20 मई 2025 को सुबह 10 बजे जिला जेल सिरसा के जेल गेट पर आत्मसमर्पण करे।
22 दिसंबर 2024 पुलिस ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि इस मामले में शहर थाना सिरसा पुलिस ने आरोपी डॉक्टर संजीव कौशल को 22 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद डॉ. कौशल ने जीभ के कैंसर हवाला देते हुए इलाज हेतु न्यायालय ने अंतरिम जमानत मांगी। न्यायालय ने आरोपी को चार माह की अंतरिम जमानत दे दी। अब आरोपी ने फिर से जमानत अवधि बढ़ाने के लिए याचिका लगाई थी।
ये है पूरा मामला
बता दें कि डॉ संजीव कौशल का अपने पड़ोसी वीके फाइनेंसर के संचालक विनोद कुमार से झगड़ा चल रहा था। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. कौशल ने अपने पुराने साथी विनोद गोदारा जोकि इस समय कनाडा में रह रहा है, से संपर्क किया। विनोद गोदारा ने आश्वासन दिया कि फाइनेंसर उसे जानता है और वह समझौता करवा देगा। गोदाना ने फाइनेंसर को व्हाट्सएप कॉल की तो बात समझौते तक नहीं पहुंची। इस पर विनोद ने अपने भतीजे गांव खाई शेरगढ़ निवासी सुशील को फाइनेंसर के पास भेजा और बात कराने को कहा। सुनील ने बात करवाई तो विनोद गोदारा ने फाइनेंसर को गालियां दीं। बाद में फाइनेंसर ने पुलिस को शिकायत दी कि उससे 10 करोड़ की रंगदारी मांगी गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर डॉ. संजीव कौशल व सुशील को गिरफ्तार कर लिया।