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जेल बाहर आते ही डेरामुखी आया लाइव :6 लाख 85 हजार लोगों ने देखा व 50 हजार ने किया लाइक
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डेरामुखी को पैरोल मिलने की खुशी में नाचते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम शनिवार को जेल से बाहर आ गया। रोहतक जेल से बाहर आकर डेरामुखी यूपी के बरनावा स्थित आश्रम में पहुंचा। जेल से बाहर आते ही डेरामुखी अपने सोशल मीडिया चैनल पर लाइव आ गया। डेरामुखी ने अनुयायियों को अवतार दिवस की बधाई दी और निर्देश दिए कि घरों में ही रहें। प्रबंधन के निर्देश का पालन करें। इस वीडियो को शाम 7 बजे तक 6 लाख 85 हजार लोगों ने देखा और 50 हजार लोगों ने लाइक भी किया।
जेल से बाहर आते ही डेरामुखी यू-ट्यूब चैनल पर लाइव आ गया। उन्होंने सबसे पहले गुरु जी के अवतार माह की बधाइयां दी ंऔर कहा कि एक बार फिर सेवा में हाजिर हो गए हैं। डेरामुखी के जेल से बाहर आने की खुशी में सिरसा में अनुयायियों ने खुशियां मनायी और केक भी काटा। डेरामुखी के सिरसा न आने पर थोड़े निराश भी दिखाई दिए। डेरा अनुयायियों ने उम्मीद जताई की डेरामुखी 25 जनवरी को सिरसा आएगा और यहां होने वाले कार्यक्रम में भी भाग लेगा।
5 गांवों के लोगों ने शुरू किया धरना, आंदोलन की चेतावनी
डेरामुखी के बाहर आते ही पांच गांवों के लोगों ने डेरा प्रबंधन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे गांव नेजिया, शाहपुर बेगू, अरनियांवाली, बाजेकां, अलीमोहम्मद के ग्रामीणों का कहना है कि डेरे ने अपना अलग गांव शाह सतनामपुरा बसाया है। उन्होंने कहा कि पहले इसके अंदर 1500 एकड़ जमीन का रकबा शामिल किया गया था। कुछ समय पहले 200 एकड़ और करवा लिया। उन्होंने कहा कि शाह सतनामपुरा डेरे का ही गांव है। इसलिए डेरा अपने गांव में केवल डेरे की भूमि को रकबे में शामिल करें। डेरे की 800 एकड़ जमीन ही है, जबकि बाकी 900 एकड़ जमीन पांच गांवों की है। इसे शाह सतनामपुरा में न शामिल की जाए। ग्रामीणों के धरने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और धरना स्थल पर पहुंची।
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सरकार डेरामुखी के सामने झुकी, प्रभाव का कर रहा इस्तेमाल : अंशुल
सिरसा। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को पैरोल मिलने पर दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि डेरामुखी ने हमेशा ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया है। पहले मामलों को दबाने, जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया है। सजा सुनाई तो अब जेल में सजा काट रहा है। आदतन अपराधी है और चार सजाएं भुगत रहा है। एक मामला अदालत में विचाराधीन है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि बार-बार डेरामुखी को पैरोल दी जा रही है। सरकार उसके सामने झुकी हुई है और प्रभावित होकर बार-बार पैरोल दी जा रही है। ये कानून के साथ खिलवाड़ और भद्दा मजाक है।
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जेल से बाहर आते ही डेरामुखी यू-ट्यूब चैनल पर लाइव आ गया। उन्होंने सबसे पहले गुरु जी के अवतार माह की बधाइयां दी ंऔर कहा कि एक बार फिर सेवा में हाजिर हो गए हैं। डेरामुखी के जेल से बाहर आने की खुशी में सिरसा में अनुयायियों ने खुशियां मनायी और केक भी काटा। डेरामुखी के सिरसा न आने पर थोड़े निराश भी दिखाई दिए। डेरा अनुयायियों ने उम्मीद जताई की डेरामुखी 25 जनवरी को सिरसा आएगा और यहां होने वाले कार्यक्रम में भी भाग लेगा।
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5 गांवों के लोगों ने शुरू किया धरना, आंदोलन की चेतावनी
डेरामुखी के बाहर आते ही पांच गांवों के लोगों ने डेरा प्रबंधन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे गांव नेजिया, शाहपुर बेगू, अरनियांवाली, बाजेकां, अलीमोहम्मद के ग्रामीणों का कहना है कि डेरे ने अपना अलग गांव शाह सतनामपुरा बसाया है। उन्होंने कहा कि पहले इसके अंदर 1500 एकड़ जमीन का रकबा शामिल किया गया था। कुछ समय पहले 200 एकड़ और करवा लिया। उन्होंने कहा कि शाह सतनामपुरा डेरे का ही गांव है। इसलिए डेरा अपने गांव में केवल डेरे की भूमि को रकबे में शामिल करें। डेरे की 800 एकड़ जमीन ही है, जबकि बाकी 900 एकड़ जमीन पांच गांवों की है। इसे शाह सतनामपुरा में न शामिल की जाए। ग्रामीणों के धरने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और धरना स्थल पर पहुंची।
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सरकार डेरामुखी के सामने झुकी, प्रभाव का कर रहा इस्तेमाल : अंशुल
सिरसा। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को पैरोल मिलने पर दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि डेरामुखी ने हमेशा ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया है। पहले मामलों को दबाने, जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया है। सजा सुनाई तो अब जेल में सजा काट रहा है। आदतन अपराधी है और चार सजाएं भुगत रहा है। एक मामला अदालत में विचाराधीन है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि बार-बार डेरामुखी को पैरोल दी जा रही है। सरकार उसके सामने झुकी हुई है और प्रभावित होकर बार-बार पैरोल दी जा रही है। ये कानून के साथ खिलवाड़ और भद्दा मजाक है।