{"_id":"68cc4a6a65e42692d3071adc","slug":"defying-challenges-two-sisters-are-making-a-name-for-themselves-in-judo-sirsa-news-c-128-1-sir1002-144462-2025-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: चुनाैतियों को पछाड़ दो सगी बहनें बना रहीं जूडो में नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: चुनाैतियों को पछाड़ दो सगी बहनें बना रहीं जूडो में नाम
विज्ञापन
सिरसा।जूडो खिलाड़ी भूमि
सिरसा। आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी खेल-मंच पर अपने दम दिखा रही दो बहनों की यह कहानी शहर में प्रेरणा बन चुकी है। स्कूल स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जूडो में कदम रखने वाली शिवानी और उनकी छोटी बहन भूमि ने मेहनत और समर्पण से न केवल परिवार का बल्कि अपने इलाके का भी नाम रोशन किया है।
शिवानी और भूमि का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में सुविधाओं की कमी, प्रशिक्षण के लिए और सुविधाजनक प्रशिक्षण केंद्रों तक पहुंच न होना जैसी चुनौतियां सामने आई। इसके बावजूद स्कूल के कोच और शहीद भगत सिंह स्टेडियम के कोच के सहयोग से दोनों ने नियमित अभ्यास शुरू रखा। शिवानी की निरंतरता और उपलब्धियों ने भूमि को भी प्रेरित किया। भूमि ने छोटी उम्र में ही जूडो के तकनीकी कदम सीखना शुरू कर दिया और जल्द ही जिला-स्तर से लेकर राज्य स्तर के टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने लगी।
-- -- -- -- -- -- --
सुबह व शाम करती है अभ्यास
दोनों बहनों की दिनचर्या में रोजाना शारीरिक कसरत, तकनीकी ड्रिल और स्किल-सत्र शामिल हैं। प्रतियोगिता के समय वे अतिरिक्त अभ्यास और वजन-मेनटेन पर भी ध्यान देती हैं। स्कूल की पढ़ाई और प्रशिक्षण दोनों को संतुलित रखने के लिए परिवार का भी सहयोग रहा है। खासकर मां ने सिलाई से थोड़ी-बहुत आमदनी बढ़ाई और पिता मुश्किलों के बावजूद बेटियों के सपनों का साथ दे रहे हैं। पिता गांवों में फेरी लगाने का काम करते हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
दोनों बहनों का परिवार मनोबल बढ़ाया
परिवार की सीमित आय के बावजूद शिवानी और भूमि को घर-परिवार का पूरा मनोबल मिला हुआ है। कोच का मानना है कि शिवानी के राष्ट्रीय अनुभव और भूमि की प्रतिभा दोनों का तालमेल सही दिशा में है। उन्हें नियमित प्रशिक्षण सुविधाएं, स्पैरिंग पार्टनर और प्रेरक प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता है ताकि वे राज्य-स्तर से राष्ट्रीय-स्तर तक स्थिर प्रदर्शन दे सकें। प्रतियोगिता अनुभव और बेहतर कोचिंग मिलने पर दोनों बहनें आगे चलकर जरूर बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
विज्ञापन
शिवानी और भूमि का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में सुविधाओं की कमी, प्रशिक्षण के लिए और सुविधाजनक प्रशिक्षण केंद्रों तक पहुंच न होना जैसी चुनौतियां सामने आई। इसके बावजूद स्कूल के कोच और शहीद भगत सिंह स्टेडियम के कोच के सहयोग से दोनों ने नियमित अभ्यास शुरू रखा। शिवानी की निरंतरता और उपलब्धियों ने भूमि को भी प्रेरित किया। भूमि ने छोटी उम्र में ही जूडो के तकनीकी कदम सीखना शुरू कर दिया और जल्द ही जिला-स्तर से लेकर राज्य स्तर के टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने लगी।
विज्ञापन
सुबह व शाम करती है अभ्यास
दोनों बहनों की दिनचर्या में रोजाना शारीरिक कसरत, तकनीकी ड्रिल और स्किल-सत्र शामिल हैं। प्रतियोगिता के समय वे अतिरिक्त अभ्यास और वजन-मेनटेन पर भी ध्यान देती हैं। स्कूल की पढ़ाई और प्रशिक्षण दोनों को संतुलित रखने के लिए परिवार का भी सहयोग रहा है। खासकर मां ने सिलाई से थोड़ी-बहुत आमदनी बढ़ाई और पिता मुश्किलों के बावजूद बेटियों के सपनों का साथ दे रहे हैं। पिता गांवों में फेरी लगाने का काम करते हैं।
विज्ञापन
दोनों बहनों का परिवार मनोबल बढ़ाया
परिवार की सीमित आय के बावजूद शिवानी और भूमि को घर-परिवार का पूरा मनोबल मिला हुआ है। कोच का मानना है कि शिवानी के राष्ट्रीय अनुभव और भूमि की प्रतिभा दोनों का तालमेल सही दिशा में है। उन्हें नियमित प्रशिक्षण सुविधाएं, स्पैरिंग पार्टनर और प्रेरक प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता है ताकि वे राज्य-स्तर से राष्ट्रीय-स्तर तक स्थिर प्रदर्शन दे सकें। प्रतियोगिता अनुभव और बेहतर कोचिंग मिलने पर दोनों बहनें आगे चलकर जरूर बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

सिरसा।जूडो खिलाड़ी भूमि