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एनओसी की शिकायत पर डीटीपी और विधायक में बहस : डीटीपी ने 12 मिनट तक विधायक को रखा खड़ा, बोले - जाओ सीएम और निदेशक को कर दो शिकायत
Mon, 12 May 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 12 May 2025 11:43 PM IST
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डीटीपी को अंगुली दिखाकर बात करते विधायक गोकुल सेतिया। सोशल मीडिया।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय में सोमवार को उस समय गर्मा-गर्मी हो गई जब विधायक गोकुल सेतिया एक मामले को लेकर जिला नगर योजनाकार से मिलने पहुंचे। एक प्रॉपर्टी की एनओसी न मिलने से नाराज एक युवती और युवक ने विधायक से शिकायत की थी। विधायक जब सीधे डीटीपी कर्मबीर सिंह झांझडिया के कार्यालय पहुंचे तो वहां दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
कार्यालय में अधिकारी ने विधायक को 12 मिनट तक खड़ा रखा और कुर्सी तक नहीं पूछी और स्वयं बैठकर उनसे बात करते रहे। दोनों के बीच 15 मिनट तक बहस होती रही, इसका वीडियो भी वायरल हो गया है।
पहली बार विधायक गोकुल सेतिया को किसी अधिकारी सीधेतौर पर जवाब दिया है। अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि आप चाहे तो निदेशक को शिकायत कर दें या सीएम को शिकायत कर दें। कार्यालय में आकर झगड़ा करने की जरूरत नहीं है। इस पर विधायक ने कहा कि वह स्वयं भी जानते हैं कि उनका अधिकार क्या है और वह सीएम को शिकायत करेंगे।
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यह है मामला
डबवाली के रहने वाले एक व्यक्ति ने शहर में 10 एकड़ भूमि पर कॉलोनी बसाने के लिए एनओसी की मांग की थी। लेकिन क्षेत्र अनअप्रूव्ड होने के कारण नगर योजनाकार विभाग ने एनओसी देने से मना कर दिया। कई बार आवेदन रद्द होने के बाद उक्त व्यक्ति की बेटी और बेटा विधायक गोकुल सेतिया के पास पहुंचे और अधिकारियों द्वारा चक्कर कटवाने की बात कही। विधायक के पीए ने डीटीपी को फोन किया। डीटीपी ने कहा कि वह किसी जरूरी काम में व्यस्त है। दो मिनट बाद दोबारा करते हैं। पीए के बार-बार फोन करने पर डीटीपी ने उसे फटकार लगा दी और फोन काट दिया।
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इस प्रकार हुई बहस
विधायक ने डीटीपी से खड़े होने को कहा
डीटीपी ने जवाब दिया कि वह क्यों खड़े हों।
विधायक- इतनी अकड़ क्यों है, क्या जनता के सेवक नहीं हो।
डीटीपी- आपको बात करने की तमीज है क्या?
विधायक- तू तमीज की बात कर रहा है, तेरा नाम क्या है?
डीटीपी- बाहर बोर्ड पर लिखा है, पढ़ लीजिए।
विधायक - फोन पर क्या कह रहा था कि एसपी को शिकायत करेगा, लिख दे एसपी को।
डीटीपी- दफ्तर में आकर हंगामा और झगड़ा करने की जरूरत नहीं है।
विधायक ने आवेदनकर्ता लड़की को बात रखने को कहा-
आवेदनकर्ता- हम डबवाली से पांच से छह दिन से आ रहे हैं। पहले पापा आए थे।
डीटीपी ने विधायक से - मैंने इनको सब बता दिया, अब क्या सारा दिन बैठाकर रखा होता तो ठीक होता। क्षेत्र अनअप्रूव्ड है। इसकी एनओसी नहीं मिल सकती है।
विधायक- ये तो कह रहे है कि चक्कर कटवा रहे है।
डीटीपी- तो क्या मैं झूठ बोल रहा हूं।
विधायक- ये दोनों तेरे दफ्तर के बाहर बैठे हैं।
डीटीपी- मेरे पास आए थे, बता दिया था कि एनओसी नहीं मिल सकती है। कितनी बार आए हैं, यहां सीसीटीवी लगे हैं, देख सकते हो।
बहस होने पर डीटीपी बोले- आपको सीएम को शिकायत करनी है, निदेशक को करनी है तो कर लो।
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डीटीपी ने करवाया अपनी ताकत का अहसास
बात बढ़ती देख डीटीपी ने विधायक को बताया कि उनका परिवार भी औद्योगिक भूमि पर स्कूल चला रहा है, जिसकी एनओसी उन्हीं के विभाग से मिली थी। विधायक ने यह सुनते ही सुर नरम कर लिए और धन्यवाद जताते हुए बातचीत शांतिपूर्वक बैठकर हुई।
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कोट्स
आवेदन कर्ता 10 एकड़ में कॉलोनी बसाना चाहता है। उसको पहले भी स्पष्ट कर दिया गया था कि क्षेत्र अनअप्रूव्ड है और एनओसी नहीं मिल सकती। इसके लिए उसे सीएलयू लेनी होगी। आवेदन कर्ता ने यह समझने के बजाय सिफारिश लेकर आ रहे हैं। गलत काम करवाने का दबाव बना रहे हैं। विधायक को भी गुमराह किया गया था। पीए का व्यवहार ठीक नहीं था, तो विधायक को भी अवगत करवाया है। अब उन्होंने भी वास्तविकता जान ली है। - कर्मबीर सिंह झांझडियां, जिला नगर योजनाकार
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एनओसी न देने को लेकर शिकायत आई थी। डीटीपी ने फोन नहीं उठाया तो कार्यालय पहुंचकर उन्हें समझाया गया है। जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। डीटीपी ने एनओसी न देने के कारणों से अवगत करवाया दिया है। कोई जनता काम नहीं करेगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। - गोकुल सेतिया, विधायक।
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सिरसा। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय में सोमवार को उस समय गर्मा-गर्मी हो गई जब विधायक गोकुल सेतिया एक मामले को लेकर जिला नगर योजनाकार से मिलने पहुंचे। एक प्रॉपर्टी की एनओसी न मिलने से नाराज एक युवती और युवक ने विधायक से शिकायत की थी। विधायक जब सीधे डीटीपी कर्मबीर सिंह झांझडिया के कार्यालय पहुंचे तो वहां दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
कार्यालय में अधिकारी ने विधायक को 12 मिनट तक खड़ा रखा और कुर्सी तक नहीं पूछी और स्वयं बैठकर उनसे बात करते रहे। दोनों के बीच 15 मिनट तक बहस होती रही, इसका वीडियो भी वायरल हो गया है।
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पहली बार विधायक गोकुल सेतिया को किसी अधिकारी सीधेतौर पर जवाब दिया है। अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि आप चाहे तो निदेशक को शिकायत कर दें या सीएम को शिकायत कर दें। कार्यालय में आकर झगड़ा करने की जरूरत नहीं है। इस पर विधायक ने कहा कि वह स्वयं भी जानते हैं कि उनका अधिकार क्या है और वह सीएम को शिकायत करेंगे।
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यह है मामला
डबवाली के रहने वाले एक व्यक्ति ने शहर में 10 एकड़ भूमि पर कॉलोनी बसाने के लिए एनओसी की मांग की थी। लेकिन क्षेत्र अनअप्रूव्ड होने के कारण नगर योजनाकार विभाग ने एनओसी देने से मना कर दिया। कई बार आवेदन रद्द होने के बाद उक्त व्यक्ति की बेटी और बेटा विधायक गोकुल सेतिया के पास पहुंचे और अधिकारियों द्वारा चक्कर कटवाने की बात कही। विधायक के पीए ने डीटीपी को फोन किया। डीटीपी ने कहा कि वह किसी जरूरी काम में व्यस्त है। दो मिनट बाद दोबारा करते हैं। पीए के बार-बार फोन करने पर डीटीपी ने उसे फटकार लगा दी और फोन काट दिया।
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इस प्रकार हुई बहस
विधायक ने डीटीपी से खड़े होने को कहा
डीटीपी ने जवाब दिया कि वह क्यों खड़े हों।
विधायक- इतनी अकड़ क्यों है, क्या जनता के सेवक नहीं हो।
डीटीपी- आपको बात करने की तमीज है क्या?
विधायक- तू तमीज की बात कर रहा है, तेरा नाम क्या है?
डीटीपी- बाहर बोर्ड पर लिखा है, पढ़ लीजिए।
विधायक - फोन पर क्या कह रहा था कि एसपी को शिकायत करेगा, लिख दे एसपी को।
डीटीपी- दफ्तर में आकर हंगामा और झगड़ा करने की जरूरत नहीं है।
विधायक ने आवेदनकर्ता लड़की को बात रखने को कहा-
आवेदनकर्ता- हम डबवाली से पांच से छह दिन से आ रहे हैं। पहले पापा आए थे।
डीटीपी ने विधायक से - मैंने इनको सब बता दिया, अब क्या सारा दिन बैठाकर रखा होता तो ठीक होता। क्षेत्र अनअप्रूव्ड है। इसकी एनओसी नहीं मिल सकती है।
विधायक- ये तो कह रहे है कि चक्कर कटवा रहे है।
डीटीपी- तो क्या मैं झूठ बोल रहा हूं।
विधायक- ये दोनों तेरे दफ्तर के बाहर बैठे हैं।
डीटीपी- मेरे पास आए थे, बता दिया था कि एनओसी नहीं मिल सकती है। कितनी बार आए हैं, यहां सीसीटीवी लगे हैं, देख सकते हो।
बहस होने पर डीटीपी बोले- आपको सीएम को शिकायत करनी है, निदेशक को करनी है तो कर लो।
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डीटीपी ने करवाया अपनी ताकत का अहसास
बात बढ़ती देख डीटीपी ने विधायक को बताया कि उनका परिवार भी औद्योगिक भूमि पर स्कूल चला रहा है, जिसकी एनओसी उन्हीं के विभाग से मिली थी। विधायक ने यह सुनते ही सुर नरम कर लिए और धन्यवाद जताते हुए बातचीत शांतिपूर्वक बैठकर हुई।
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कोट्स
आवेदन कर्ता 10 एकड़ में कॉलोनी बसाना चाहता है। उसको पहले भी स्पष्ट कर दिया गया था कि क्षेत्र अनअप्रूव्ड है और एनओसी नहीं मिल सकती। इसके लिए उसे सीएलयू लेनी होगी। आवेदन कर्ता ने यह समझने के बजाय सिफारिश लेकर आ रहे हैं। गलत काम करवाने का दबाव बना रहे हैं। विधायक को भी गुमराह किया गया था। पीए का व्यवहार ठीक नहीं था, तो विधायक को भी अवगत करवाया है। अब उन्होंने भी वास्तविकता जान ली है। - कर्मबीर सिंह झांझडियां, जिला नगर योजनाकार
एनओसी न देने को लेकर शिकायत आई थी। डीटीपी ने फोन नहीं उठाया तो कार्यालय पहुंचकर उन्हें समझाया गया है। जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। डीटीपी ने एनओसी न देने के कारणों से अवगत करवाया दिया है। कोई जनता काम नहीं करेगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। - गोकुल सेतिया, विधायक।

डीटीपी को अंगुली दिखाकर बात करते विधायक गोकुल सेतिया। सोशल मीडिया।