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Sirsa News: चोपटा क्षेत्र के गांवों में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
Sat, 02 Mar 2024 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 02 Mar 2024 11:26 PM IST
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चोपटा। राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र के कई गांवों में शनिवार दोपहर को हुई बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसल को काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से पकने के कगार पर खड़ी गेहूं, सरसों, चने की फसल में काफी नुकसान होने की आशंका किसानों ने जताई।
राजस्थान की सीमा से लगते कुम्हारिया, खेड़ी, गुसाईंआना, कागदाना, हरवाला, जोगीवाला, रामपुरा, गिगोरानी, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, रुपाणा, नहराना, जसानियां सहित कई गांवों में शनिवार दोपहर को बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। जिससे सरसों, गेहूं व चने की फसल को नुकसान हुआ है। चोपटा खंड में इस बार किसानों ने 38000 हेक्टेयर में गेहूं, 22000 हेक्टेयर में सरसों, 2100 हेक्टेयर में चना, जौ व अन्य फसलों की बिजाई की है।
किसान राम कुमार व सुल्तान सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। किसान महेंद्र सिंह व जगदीश का कहना है कि अचानक बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि व बारिश से फसलों की पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों के बिछने के भी आशंका है। 15-20 मिनट तक गिरे ओले के कारण सरसों पर ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।
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गांव भंगू व खैरेकां में भी पड़े ओले
चोपटा के अतिरिक्त जिले के गांव खैरेका और भंगू में भी ओलावृष्टि हुई। करीबन तीन से चार मिनट तक ओले पड़े। फसलों को कितना नुकसान है। इसकी सही अनुमान कृषि अधिकारी ही लगा पाएंगे। वहीं शनिवार का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री दर्ज किया गया।
चोपटा खंड में इस बार किसानों ने 38,000 हेक्टेयर में गेहूं, 22,000 हेक्टेयर में सरसों, 2100 हेक्टेयर में चना, जौ व अन्य फसलों की बिजाई की है। कई गांवों में बारिश व ओलावृष्टि की सूचना मिली है। अभी फसलों में नुकसान का पता नहीं चल पाया है।
-डॉ. शैलेंद्र सहारण, कृषि विकास अधिकारी।
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राजस्थान की सीमा से लगते कुम्हारिया, खेड़ी, गुसाईंआना, कागदाना, हरवाला, जोगीवाला, रामपुरा, गिगोरानी, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, रुपाणा, नहराना, जसानियां सहित कई गांवों में शनिवार दोपहर को बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। जिससे सरसों, गेहूं व चने की फसल को नुकसान हुआ है। चोपटा खंड में इस बार किसानों ने 38000 हेक्टेयर में गेहूं, 22000 हेक्टेयर में सरसों, 2100 हेक्टेयर में चना, जौ व अन्य फसलों की बिजाई की है।
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किसान राम कुमार व सुल्तान सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। किसान महेंद्र सिंह व जगदीश का कहना है कि अचानक बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि व बारिश से फसलों की पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों के बिछने के भी आशंका है। 15-20 मिनट तक गिरे ओले के कारण सरसों पर ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।
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गांव भंगू व खैरेकां में भी पड़े ओले
चोपटा के अतिरिक्त जिले के गांव खैरेका और भंगू में भी ओलावृष्टि हुई। करीबन तीन से चार मिनट तक ओले पड़े। फसलों को कितना नुकसान है। इसकी सही अनुमान कृषि अधिकारी ही लगा पाएंगे। वहीं शनिवार का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री दर्ज किया गया।
चोपटा खंड में इस बार किसानों ने 38,000 हेक्टेयर में गेहूं, 22,000 हेक्टेयर में सरसों, 2100 हेक्टेयर में चना, जौ व अन्य फसलों की बिजाई की है। कई गांवों में बारिश व ओलावृष्टि की सूचना मिली है। अभी फसलों में नुकसान का पता नहीं चल पाया है।
-डॉ. शैलेंद्र सहारण, कृषि विकास अधिकारी।