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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ ठगों के खिलाफ केस
सिरसा /ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2015 12:34 AM IST
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विदेश में बच्चे को पढ़ाने का सपना साकार करने के चक्कर में लाखों की धोखाधड़ी का शिकार हुए किसान की गुहार को अदालत ने सुन लिया।
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सदर थाना पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली और मामले से जुड़े तमाम सबूत देखते हुए एसीजेएम पवन कुमार की अदालत ने चंडीगढ़ स्थित नेवीगेटर्स की डायरेक्टर वीना गोयल व एचडीएफसी बैंक मैनेजर हिरदयपाल सिंह सहित नौ आरोपियों के खिलाफ पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
इस मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर 35सी स्थित बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने वाली नेवीगेटर्स कंपनी ने सिरसा के किसान से उसके पुत्र को आस्ट्रेलिया भेजने के एवज में 45 लाख रुपये ठग लिए।
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जानकारी के अनुसार गांव सिकंदरपुर निवासी किसान शमशेर सिंह के बेटे नवनीत सिंह ने वर्ष 2014 में बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
शमशेर ने बेटे को एमबीए की पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया भेजने का मन बनाया। इसी बीच नवनीत ने एक टीवी चैनल पर एक कंपनी का शो देखा जिसमें चंडीगढ़ की एक कंपनी जो बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजनी की जानकारी दे रही थी।
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इसके बाद नवनीत पिता के साथ चंडीगढ के सेक्टर 35सी दफ्तर में पहुंचा और डायरेक्टर वीना गोयल, राजेश्वर गोयल निवासी सेक्टर 44बी से मिला।
दोनों ने शमशेर सिंह को बताया कि वे नवनीत को आस्ट्रेलिया भेज देंगे। काउंसलिंग ऑफिसर दीपिका ने नवनीत की काउंसलिंग की और इंटरव्यू लिया।
कंपनी के पदाधिकारियों ने 10 नवंबर 2014 को शमशेर सिंह से 20 लाख रुपये वसूल किए और बोले नवनीत का आस्ट्रेलिया के मेलबर्न एडमीशन करवा दिया है।
इसके बाद एफडीआर के नाम पर 18 लाख रुपये जो पीड़ित ने एक्सिस बैंक वेदवाला से कंपनी डायरेक्टर वीना के अकाउंट में ट्रांसफर करवा दिए। शमशेर रिश्तेदारों को पार्टी तक दे डाली।
सभी ने नवनीत सिंह को आशीर्वाद दिया। इसके बाद कंपनी के पदाधिकारियों का शमशेर के पास फोन आया उन्होंने कहा कि ‘आपको 5823 डालर देने होंने’। शमशेर सिंह ने यह राशि भी बैंक के माध्यम से कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा दी।
इसके बाद काफी दिनों तक कंपनी की तरफ से कोई फोन नहीं आया। शमशेर ने कंपनी डायरेक्टर से कहा कि सारा रुपया जमा करवा दिया है अब जल्द से मेरे पुत्र को आस्ट्रेलिया भेजो।
कंपनी अधिकारी टाल मटोल करने लगे। तब जाकर पता चला कि वह ठगी का शिकार हुआ है। सदर थाना पुलिस को पीड़ित ने शिकायत की लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद पीड़ित को न्याय के लिए अदालत का द्वार खटखटाना पड़ा। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कंपनी डायरेक्टर वीना गोयल, अमृतसर स्थित एचडीएफसी बैंक मैनेजर हिरदय पाल सिंह, राजेश्वर सिंह, चंडीगढ़ सेक्टर 45 निवासी कुसुम , दीपिका रानी, कामिया भाटिया, दिनेश मानहस, जोबनप्रीत सिंह निवासी रईया व अमृतसर निवासी शंकर चंद के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है।