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वीवीआईपी की तरह सिरसा कोर्ट में पेश हुआ शातिर ठग
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:27 AM IST
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अजय पंडित
- फोटो : Bureau
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प्रदेश के सबसे बड़े हाई प्रोफाइल ठग सिरसा निवासी अजय पंडित उर्फ सरजू को कड़ी सुरक्षा में सिरसा की अदालत में पेश किया गया। अजय पंडित रेप के मामले में आरोपी है और 18 सालों से भगोड़ा था। सिरसा की डिंग थाना पुलिस शनिवार को अंबाला जेल में चार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बंद अजय पंडित को प्रोडक्शन वारंट पर सिरसा लेकर आई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
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थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अवतार सिंह का कहना है रिमांड अवधि के दौरान अजय पंडित से वारदात स्थल की निशानदेही और वारदात में प्रयुक्त हुई गाड़ी की बरामदगी की जाएगी। पीड़ित लड़की राजधानी नई दिल्ली के नरेला क्षेत्र में रहती है। उसका कहना है कि सितंबर 1997 को अजय पंडित अपने साथियों के साथ उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर दिल्ली से सिरसा ले आया और चार सितंबर 1997 को डिंग क्षेत्र में उसके साथ बलात्कार किया।
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डिंग पुलिस ने अजय पंडित सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पंडित गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया और अदालत ने 1998 को उसे भगौड़ा करार दे दिया था। 18 वर्षों तक अजय पंडित धड़ल्ले से घूमता रहा और हरियाणा पुलिस उसे गिरफ्तार करने की बजाए उसे कैबिनेट मंत्री की तरह सुरक्षा देती रही।
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कटघरे में कई सीनियर अधिकारी
21 जनवरी 2016 को करनाल पुलिस ने चार करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अजय पंडित को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उससे दो करोड़ रुपये बरामद किए। पंडित की गिरफ्तारी के बाद से ही प्रदेश के कई सीनियर आईपीएस अधिकारी और उनकी कार्यप्रणाली निशाने पर आ गई। अधिकारियों की मेहरबानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ठग अजय पंडित जब सिरसा आता तो फतेहाबाद सीमा में प्रवेश करते ही उसकेकाफिले में जैमर तक शामिल कर दिया जाता था। बेशक जैमर केवल गृह विभाग की अनुमति पर जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी में आने वाले वीवीआईपी को दिया जाता है।
लेकिन अजय पंडित के करीबी आईपीएस अधिकारियों, सीआईडी के अफसर उसकी शान शौकत बढ़ाने के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करवाते थे। चार पायलट और चार एस्कॉर्ट गाड़ियां उसके सुरक्षा काफिले में शामिल थी। इसमें से दो पायलट व दो एस्कॉर्ट हरियाणा पुलिस के थे। जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में सिरसा और हिसार पुलिस के आठ जवान अजय पंडित की सुरक्षा में भेज दिए गए। पंडित के सुरक्षा काफिले में बीस सरकारी गनमैन साथ चलते थे। अब सवाल यह है कि प्रदेश में केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री व डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को मिलती है। प्रदेश में इन्हीं तीनों के काफिले में जैमर भी इस्तेमाल होता है। अब ऐसे में रेप मामले में आरोपी और अदालत से भगौड़ा घोषित अजय पंडित का तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हरियाणा पुलिस इतना ख्याल क्यों रखती थी, बीजेपी सरकार ने इसकी जांच के आदेश दे रखे हैं।
पुलिस महानिदेशक कार्यालय पंचकूला के सूत्रों का कहना है कि जांच अभी तक चल रही है और एडीजी रैंक सीनियर आईपीएस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। नये खुलासे से यह मामला काफी गंभीर हो चुका है। डेढ़ दशक से ज्यादा समय से भगोड़े शख्स को पकड़कर अदालत में पेश करने की बजाए कुछ सीनियर अधिकारी उस पर मेहरबानी करते रहे।
पंडित के साथी आई उसकी प्राइवेट पुलिस
अजय पंडित को गिरफ्तार के सिरसा पहुंची पुलिस के साथ-साथ पंडित की प्राइवेट पुलिस भी अदालत परिसर तक साथ आई। डिंग पुलिस पंडित को कोर्ट में पेश करने ले गई और प्राइवेट पुलिस कोर्ट परिसर के गेट पर मोर्चा संभालकर खड़े हो गए। वे किसी भी शख्स को अदालत तक नहीं जाने दे रहे थे। प्रेस फोटोग्राफर अदालत परिसर की तरफ जाने लगा तो उसे रोक दिया गया। मीडिया कर्मी ने उसने रोकने का कारण पूछा तो वे बोले दिल्ली पुलिस से हैं। जब तक पंडित कोर्ट में पेश होकर गाड़ी में नहीं बैठ जाता तब तक किसी को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। जब पंडित को कोर्ट में पेश करके गाड़ी में बैठाया गया तो सिरसा पुलिस ने बताया कि दिल्ली का कोई पुलिसवाला उनके साथ नहीं है। ये पंडित के आदमी थे जो खुद को पुलिस वाला बताकर खड़े होंगे ताकि कोई मीडिया कर्मी उसकी फोटो न ले सके।
हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक का सफर
आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते अजय पंडित वर्ष 1997 में सिरसा से दिल्ली गया था। कभी हवाई चप्पल पहनने वाला अजय उर्फ सरजू ने एक दशक में इतना रुपया कमा लिया कि वह सीधा हवाई जहाज से सिरसा आने लगा। कभी उसका चार्टर प्लेन तो कभी हेलीकॉप्टर सिरसा के आसमान पर चक्कर लगाने के बाद एयरफोर्स स्टेशन पर उतरता। सभी लोग हैरान है कि अजय पंडित के पास एक दशक में इतना रुपया आखिरकार आया कहां से। करीब डेढ़ वर्ष पहले तक तो जब भी अजय पंडित ने सिरसा आना होता तो एक दिन पहले ही सिरसा के चप्पे-चप्पे पर उसके आगमन पर बधाई वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए जाते। उसने लाखों रुपये गोशाला व मंदिर निर्माण पर दिए। हुडा सेक्टर में मंदिर का निर्माण करवाया।
2011 में सरजू को देख दंग रह गए थे लोग
साल 2011 में सिरसा शहर के रोड़ी बाजार में भारी सुरक्षा काफिले के साथ एक लग्जरी गाड़ी आकर रुकी। सुरक्षा में हरियाणा, पंजाब व दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे। एक पायलट व तीन एस्कॉट गाड़ी देखकर सिरसा वासियों ने सोचा कोई बड़ा मंत्री आया है। इतनी सुरक्षा कैबिनेट मंत्री के पास भी नहीं होती। लग्जरी गाड़ी से अजय पंडित जिसे उसके दोस्त सरजू के नाम से पुकारा करते वह नीचे उतारा और शोरूम में दाखिल होकर दस मिनट बाद बाहर आया। सुरक्षा कर्मचारियों ने आसपास किसी को भी फटकने नहीं दिया। सुरक्षा काफिला सायरन बजाता हुआ शहर भर में घूमता रहा। इसके बाद तो अजय पंडित के काफिले में जैमर तक शामिल होने लगा। हर कोई उसकी सुरक्षा देखकर दंग रहने लगा। एक कारोबारी को जेड प्लस जैसी सुरक्षा स्थानीय नेताओं को भी चौंकाती रहती। कुछ एक नेताओं ने अधिकारियों से पूछा तो कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।