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क्लब सदस्य बोले उन्होंने वीएलडीए को कभी गांव में नहीं देखा तो वीएलडीए बोले बाहरी डयूटी लगी हुई थी
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गोवंश की दुर्दशा दिखातीं करती तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली तो दिए जांच के आदेश
ओढां। मिठड़ी के गुरु तेग बहादुर युवा क्लब द्वारा गांव में गोवंश की दुर्दशा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद संबंधित विभाग ने एसडीओ कालांवाली को जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता व वीएलडीए को 25 अप्रैल को मिठड़ी केे जीवीडी केंद्र में बुलाया है। वहीं इस मामले में वीएलडीए ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उसने अपनी ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं बरती। उसकी ड्यूटी पशुगणना व टीकाकरण के तहत जीवीडी केंद्र से अन्य जगह लगाई हुई थी।
क्लब सदस्यों ने बीती 2 जनवरी को गांव में स्थित पशुबाड़े में गोवंश की घायल अवस्था व दुर्दशा को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड की थी। क्लब सदस्यों के अनुसार गोवंश के पैरों व सिर में कीड़े पड़े हुए थे। जिस पर उन्होंने अपने स्तर पर उपचार भी करवाया। क्लब सदस्यों का कहना है, कि उनके गांव में पशु अस्पताल है, जहां उन्होंने डयूटी पर तैनात वीएलडीए विक्रम को कभी नहीं देखा। जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्लब सदस्य हरदीप सिंह, नरेन्द्र सिंह, हरीपाल सिंह, कुलदीप सिंह व अवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने वीएलडीए को काफी समय से डयूटी पर नहीं देखा। क्लब सदस्यों द्वारा पशुबाड़े के गोवंश की दुर्दशा ब्यान करती तस्वीरें तब सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तो उपायुक्त ने सबंधित विभाग को जांच के आदेश दिए। जिसके बाद पशुपालन विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुखविंद्र चौहान ने कालांवाली के एसडीओ को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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बॉक्स :-
मामले की शिकायत उपायुक्त के पॉर्टल पर डाली गई थी। जांच पड़ताल की तो पाया कि मिठड़ी में जो पशुबाड़ा है, उसमें कुछ बाहरी पशु घुस गए थे। मौसम की वजह से संक्रमण फैलने व उचित देखभाल न होने के कारण गोवंश को दिक्कत आई। हमनें उपचार के लिए भी चिकित्सक को भेजा था। फिर भी शिकायत के आधार पर कालांवाली के एसडीओ को जांच करने के आदेश दिए गए हैं। जांच उपरांत ही स्पष्ट हो पाएगा कि लापरवाही कहां हुई है। डॉ. सुखविंद्र चौहान, उप-निदेशक (पशुपालन विभाग)
बॉक्स :-
मैंने डयूटी के प्रति कोई कोताही नहीं बरती। मेरी डयूटी कुछ समय से पशुगणना व वेक्सिन के लिए अन्य जगह लगाई गई है। मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। --विक्रम कुमार, वीएलडीए
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ओढां। मिठड़ी के गुरु तेग बहादुर युवा क्लब द्वारा गांव में गोवंश की दुर्दशा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद संबंधित विभाग ने एसडीओ कालांवाली को जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता व वीएलडीए को 25 अप्रैल को मिठड़ी केे जीवीडी केंद्र में बुलाया है। वहीं इस मामले में वीएलडीए ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उसने अपनी ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं बरती। उसकी ड्यूटी पशुगणना व टीकाकरण के तहत जीवीडी केंद्र से अन्य जगह लगाई हुई थी।
क्लब सदस्यों ने बीती 2 जनवरी को गांव में स्थित पशुबाड़े में गोवंश की घायल अवस्था व दुर्दशा को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड की थी। क्लब सदस्यों के अनुसार गोवंश के पैरों व सिर में कीड़े पड़े हुए थे। जिस पर उन्होंने अपने स्तर पर उपचार भी करवाया। क्लब सदस्यों का कहना है, कि उनके गांव में पशु अस्पताल है, जहां उन्होंने डयूटी पर तैनात वीएलडीए विक्रम को कभी नहीं देखा। जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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क्लब सदस्य हरदीप सिंह, नरेन्द्र सिंह, हरीपाल सिंह, कुलदीप सिंह व अवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने वीएलडीए को काफी समय से डयूटी पर नहीं देखा। क्लब सदस्यों द्वारा पशुबाड़े के गोवंश की दुर्दशा ब्यान करती तस्वीरें तब सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तो उपायुक्त ने सबंधित विभाग को जांच के आदेश दिए। जिसके बाद पशुपालन विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुखविंद्र चौहान ने कालांवाली के एसडीओ को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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मामले की शिकायत उपायुक्त के पॉर्टल पर डाली गई थी। जांच पड़ताल की तो पाया कि मिठड़ी में जो पशुबाड़ा है, उसमें कुछ बाहरी पशु घुस गए थे। मौसम की वजह से संक्रमण फैलने व उचित देखभाल न होने के कारण गोवंश को दिक्कत आई। हमनें उपचार के लिए भी चिकित्सक को भेजा था। फिर भी शिकायत के आधार पर कालांवाली के एसडीओ को जांच करने के आदेश दिए गए हैं। जांच उपरांत ही स्पष्ट हो पाएगा कि लापरवाही कहां हुई है। डॉ. सुखविंद्र चौहान, उप-निदेशक (पशुपालन विभाग)
बॉक्स :-
मैंने डयूटी के प्रति कोई कोताही नहीं बरती। मेरी डयूटी कुछ समय से पशुगणना व वेक्सिन के लिए अन्य जगह लगाई गई है। मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। --विक्रम कुमार, वीएलडीए