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कोरोना : 78 बच्चों के सिर से हटा माता-पिता का साया
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कोरोना महामारी से जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हुई है, उन बच्चों का ब्योरा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एकत्रित किया जा रहा है। इसमें 1028 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट काम कर रही है। यह सर्वे विभाग द्वारा पिछले 6 दिनों से चल रहा है। अभी तक जिले में 78 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना महामारी से हुई है। 78 में से 4 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता दोनों की ही मृत्यु हो चुकी है और 74 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु हुई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट जिलेभर में सर्वे कर उन बच्चों का डाटा एकत्रित कर रही है, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना महामारी के दौरान हुई है। सर्वे में अभी तक 78 बच्चों को ढूंढा गया है। सर्वे में यह पता किया जा रहा है कि ऐसे कितने बच्चे हैं जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हुई है, किन बच्चों के माता या पिता किसी एक की मृत्यु हुई है व कितने बच्चे अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं। इन बच्चों के नाम, उम्र, माता-पिता के नाम, गांव व वार्ड का नाम इत्यादि जानकारी ली जा रही है। (संवाद)
सीसीआई में बेसहारा बच्चों को रखने का प्रबंध
सर्वे के दौरान यदि ऐसे बच्चे पाए जाते हैं जिनके माता-पिता दोनों ही नहीं हैं और उनके रिश्तेदार भी नहीं या कोई बच्चों को रखना नहीं चाहता है तो उन बच्चों को रखने के लिए सीसीआई (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट) में प्रबंध किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सीसीआई में बच्चों के रखरखाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण का जिम्मा विभाग द्वारा लिया गया है।
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जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु कोरोना के चलते हुई है, उन बच्चों का डाटा आंगनबाड़ी व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट डोर-टू-डोर सर्वे करके प्राप्त कर रही है। पिछले 6 दिनों से जिले में यह सर्वे जारी है। अब तक 78 बच्चों का डाटा विभाग के पास पहुंचा है।
- डॉ. दर्शना सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट जिलेभर में सर्वे कर उन बच्चों का डाटा एकत्रित कर रही है, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना महामारी के दौरान हुई है। सर्वे में अभी तक 78 बच्चों को ढूंढा गया है। सर्वे में यह पता किया जा रहा है कि ऐसे कितने बच्चे हैं जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हुई है, किन बच्चों के माता या पिता किसी एक की मृत्यु हुई है व कितने बच्चे अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं। इन बच्चों के नाम, उम्र, माता-पिता के नाम, गांव व वार्ड का नाम इत्यादि जानकारी ली जा रही है। (संवाद)
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सीसीआई में बेसहारा बच्चों को रखने का प्रबंध
सर्वे के दौरान यदि ऐसे बच्चे पाए जाते हैं जिनके माता-पिता दोनों ही नहीं हैं और उनके रिश्तेदार भी नहीं या कोई बच्चों को रखना नहीं चाहता है तो उन बच्चों को रखने के लिए सीसीआई (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट) में प्रबंध किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सीसीआई में बच्चों के रखरखाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण का जिम्मा विभाग द्वारा लिया गया है।
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जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु कोरोना के चलते हुई है, उन बच्चों का डाटा आंगनबाड़ी व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट डोर-टू-डोर सर्वे करके प्राप्त कर रही है। पिछले 6 दिनों से जिले में यह सर्वे जारी है। अब तक 78 बच्चों का डाटा विभाग के पास पहुंचा है।
- डॉ. दर्शना सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा।