{"_id":"6aaec67cb42586ea5405215e","slug":"cavity-found-in-children-teeth-sirsa-news-c-128-1-sir1004-165280-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: 50 में से 38 बच्चों में कैविटी मिली, जंक फूड से बढ़ रहा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: 50 में से 38 बच्चों में कैविटी मिली, जंक फूड से बढ़ रहा खतरा
Sat, 19 Sep 2026 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
फोटो - 26
- स्कूलों बच्चों के दांतों की जांच के दौरान सामने आया मामला, दंत चिकित्सक ने चिपचिपे व मीठे खाद्य पदार्थों के बाद कुल्ला करने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बच्चों में दांतों की कैविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में 50 बच्चों के दांतों की जांच हुई। इनमें से 38 बच्चों में कैविटी पाई गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को दांतों की नियमित सफाई और खान-पान की सावधानियां बताईं। दंत चिकित्सक डॉ. शिखा चौधरी ने बताया कि कैविटी की शुरुआत में दांतों में छोटे छेद या काले धब्बे दिख सकते हैं। समय पर उपचार न होने पर दांतों में दर्द, ठंडा-गर्म लगना और खाने में परेशानी हो सकती है।
कैविटी गहरी होने पर दांत की अंदरूनी नस तक संक्रमण पहुंच सकता है जिससे तेज दर्द और सूजन हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के दांतों की नियमित जांच करवाने की सलाह दी। टीम ने सभी बच्चों को टूथपेस्ट और टूथब्रश भी वितरित किए।
विज्ञापन
कैविटी के कारण और बचाव
डॉ. शिखा चौधरी के अनुसार, अधिक मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों के सेवन से दांतों पर बैक्टीरिया की गतिविधि बढ़ती है, जिससे कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट, टॉफी और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी। चिपचिपा या मीठा खाने के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला करना जरूरी है। साथ ही दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए।
जांच अभियान और क्लीनिक की पहल
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने कहा कि बच्चों में दांतों की बढ़ती समस्या को देखते हुए अब अभियान चलाकर दांतों की जांच की जाएगी। मित्रता क्लीनिक के काउंसलर कमल खटखड़ ने बताया कि उनकी टीम समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित कर स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है। इसका उद्देश्य बीमारियों का समय पर पता लगाकर सही उपचार देना है। शिविर बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी संजय व चिराग के सहयोग से संपन्न हुआ।
विज्ञापन
- स्कूलों बच्चों के दांतों की जांच के दौरान सामने आया मामला, दंत चिकित्सक ने चिपचिपे व मीठे खाद्य पदार्थों के बाद कुल्ला करने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बच्चों में दांतों की कैविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में 50 बच्चों के दांतों की जांच हुई। इनमें से 38 बच्चों में कैविटी पाई गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को दांतों की नियमित सफाई और खान-पान की सावधानियां बताईं। दंत चिकित्सक डॉ. शिखा चौधरी ने बताया कि कैविटी की शुरुआत में दांतों में छोटे छेद या काले धब्बे दिख सकते हैं। समय पर उपचार न होने पर दांतों में दर्द, ठंडा-गर्म लगना और खाने में परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
कैविटी गहरी होने पर दांत की अंदरूनी नस तक संक्रमण पहुंच सकता है जिससे तेज दर्द और सूजन हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के दांतों की नियमित जांच करवाने की सलाह दी। टीम ने सभी बच्चों को टूथपेस्ट और टूथब्रश भी वितरित किए।
विज्ञापन
कैविटी के कारण और बचाव
डॉ. शिखा चौधरी के अनुसार, अधिक मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों के सेवन से दांतों पर बैक्टीरिया की गतिविधि बढ़ती है, जिससे कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट, टॉफी और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी। चिपचिपा या मीठा खाने के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला करना जरूरी है। साथ ही दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए।
जांच अभियान और क्लीनिक की पहल
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने कहा कि बच्चों में दांतों की बढ़ती समस्या को देखते हुए अब अभियान चलाकर दांतों की जांच की जाएगी। मित्रता क्लीनिक के काउंसलर कमल खटखड़ ने बताया कि उनकी टीम समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित कर स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है। इसका उद्देश्य बीमारियों का समय पर पता लगाकर सही उपचार देना है। शिविर बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी संजय व चिराग के सहयोग से संपन्न हुआ।