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Sirsa News: आढ़तियों ने हड़ताल करके मंडी में निकाला रोष मार्च, निजी खरीद रही बंद, 60 फीसदी कम कटे टोकन
Fri, 05 Apr 2024 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:23 PM IST
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मंडी में रोष मार्च निकालते आढ़ती।
सिरसा। अनाज मंडी में धरने के पांचवें दिन शुक्रवार को आढ़तियों ने पूर्व घोषणा के अनुसार निजी खरीद बंद रखकर अपना विरोध जताया। इस दौरान आढ़तियों का सहयोग करने के लिए कई अन्य यूनियन भी पहुंची। सभी ने मिलकर मंडी में रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि जहां निजी खरीद बंद रही, वहीं सरकारी खरीद नियमित रूप से हुई। आढ़तियों के किसानों से मंडी में फसल न लाने की अपील के चलते 60 फीसदी किसानों ने मंडी से दूरी बनाए रखी। रोज जहां एक हजार के आसपास टोकन कटते हैं, वहीं शुक्रवार को 400 टोकन ही कटे।
मंडी में रोष मार्च निकालने के बाद व्यापारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर उपायुक्त आरके सिंह की गैरमौजूदगी में उन्होंने डीडीपीओ को मुख्यमंत्री के नाम अपना ज्ञापन सौंपा। वहीं सिरसा व चोपटा मंडी में सरसों की सरकारी खरीद लगभग 11 हजार 587 क्विंटल हुई। मजदूर यूनियन का आढ़तियों का समर्थन करने के कारण मंडी में ट्रॉलियों से सरसों उतारने और झार लगाने के लिए मजदूर नहीं मिले। दोपहर बाद ही कुछ मजदूर ही किसानों को मिले। जिससे वह अपनी फसल की झार लगवाकर सरकारी खरीद करवा पाए।
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मार्केट कमेटी कार्यालय से लेकर कपास मंडी तक किया रोष प्रदर्शन
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनोहर मेहता के नेतृत्व में आढ़तियों और मजदूरों ने रोष प्रदर्शन करते हुए मंडी में मार्च निकाला। इस दौरान आढ़ती नारेबाजी करते हुए अनाजमंडी, एडिशनल मंडी, सेकंड एडिशनल मंडी, एससीएफ मंडी, स्टेडियम रोड व कपास मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की और लघु सचिवालय पहुंचे । आढ़तियों के साथ ही कॉटन मिलर्स एसोसिएशन, राइस मिलर्स, मंडी मजदूर यूनियन, दलाल एसोसिएशन तथा मुनीम एसोसिएशन ने भी भाग लिया।
स्टेट कमेटी बनाएगी आगामी रणनीति
पूर्व प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि एक अप्रैल से शुरू किया गया धरना प्रदर्शन आज खत्म हो गया है। स्टेट कमेटी की ओर से ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उसी अनुरूप आंदोलन को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे स्टेट कमेटी से मांग करेंगे कि आढ़तियों द्वारा गेहूं तुलाई करवाना बंद किया जाए। सरकार आढ़तियों के साथ ज्यादती कर रही है और उनके कारोबार को बंद करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा की काफी वर्षों से किसान, आढ़ती और मजदूर के रिश्ते को तोड़ने का सरकार प्रयास कर रही है। सरकार से अपील है कि वह उनकी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे। इस मौके पर उपप्रधान प्रेम बजाज, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष कुणाल जैन, सह सचिव महावीर शर्मा, उपाध्यक्ष सुशील कस्वां, बाबा रामदास, सुरेंद्र मिचनाबादी, हरदीप सरकारिया, विजय चौधरी, चिमन मोंगा, धर्मपाल जिंदल, हनीश गर्ग, नरेश मक्कड़, उपप्रधान कृष्ण गोयल आदि मौजूद रहे।
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हालांकि जहां निजी खरीद बंद रही, वहीं सरकारी खरीद नियमित रूप से हुई। आढ़तियों के किसानों से मंडी में फसल न लाने की अपील के चलते 60 फीसदी किसानों ने मंडी से दूरी बनाए रखी। रोज जहां एक हजार के आसपास टोकन कटते हैं, वहीं शुक्रवार को 400 टोकन ही कटे।
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मंडी में रोष मार्च निकालने के बाद व्यापारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर उपायुक्त आरके सिंह की गैरमौजूदगी में उन्होंने डीडीपीओ को मुख्यमंत्री के नाम अपना ज्ञापन सौंपा। वहीं सिरसा व चोपटा मंडी में सरसों की सरकारी खरीद लगभग 11 हजार 587 क्विंटल हुई। मजदूर यूनियन का आढ़तियों का समर्थन करने के कारण मंडी में ट्रॉलियों से सरसों उतारने और झार लगाने के लिए मजदूर नहीं मिले। दोपहर बाद ही कुछ मजदूर ही किसानों को मिले। जिससे वह अपनी फसल की झार लगवाकर सरकारी खरीद करवा पाए।
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मार्केट कमेटी कार्यालय से लेकर कपास मंडी तक किया रोष प्रदर्शन
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनोहर मेहता के नेतृत्व में आढ़तियों और मजदूरों ने रोष प्रदर्शन करते हुए मंडी में मार्च निकाला। इस दौरान आढ़ती नारेबाजी करते हुए अनाजमंडी, एडिशनल मंडी, सेकंड एडिशनल मंडी, एससीएफ मंडी, स्टेडियम रोड व कपास मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की और लघु सचिवालय पहुंचे । आढ़तियों के साथ ही कॉटन मिलर्स एसोसिएशन, राइस मिलर्स, मंडी मजदूर यूनियन, दलाल एसोसिएशन तथा मुनीम एसोसिएशन ने भी भाग लिया।
स्टेट कमेटी बनाएगी आगामी रणनीति
पूर्व प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि एक अप्रैल से शुरू किया गया धरना प्रदर्शन आज खत्म हो गया है। स्टेट कमेटी की ओर से ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उसी अनुरूप आंदोलन को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे स्टेट कमेटी से मांग करेंगे कि आढ़तियों द्वारा गेहूं तुलाई करवाना बंद किया जाए। सरकार आढ़तियों के साथ ज्यादती कर रही है और उनके कारोबार को बंद करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा की काफी वर्षों से किसान, आढ़ती और मजदूर के रिश्ते को तोड़ने का सरकार प्रयास कर रही है। सरकार से अपील है कि वह उनकी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे। इस मौके पर उपप्रधान प्रेम बजाज, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष कुणाल जैन, सह सचिव महावीर शर्मा, उपाध्यक्ष सुशील कस्वां, बाबा रामदास, सुरेंद्र मिचनाबादी, हरदीप सरकारिया, विजय चौधरी, चिमन मोंगा, धर्मपाल जिंदल, हनीश गर्ग, नरेश मक्कड़, उपप्रधान कृष्ण गोयल आदि मौजूद रहे।