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Sirsa News: 55 कर्मचारी हुए रिलीव, आशंकितों के सैंपल लेने व लैब में रिपोर्ट तैयार करने को लेकर बिगड़ी व्यवस्था
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना काल में नियुक्त किए गए कोविड के 55 स्वास्थ्य कर्मियों को विभाग ने रिलीव कर दिया है। अब अस्पताल सहित अन्य केंद्रों पर मरीजों के सैंपल लेने व लैब में जांच करने को लेकर व्यवस्था बिगड़नी शुरू हो गई है। रिलीव हुए कर्मचारियों ने अस्पताल में बैठक की और सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री से मिलने का समय लिया है। हालांकि विभाग की ओर से भी नए कर्मचारी दिए जाने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
शनिवार को नागरिक अस्पताल में कोविड कर्मचारियों ने बैठक की। बैठक की अध्यक्षता कोविड कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान सुनील कुलड़िया ने की। उन्होंने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से सोमवार को बैठक करने का समय लिया गया है। सोमवार को कोविड कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित होंगे। बैठक के बाद हल निकलने की उम्मीद है। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वह अस्पताल में बैठकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं उन्होंने कौशल रोजगार योजना के तहत कर्मचारियों की भर्ती किए जाने की मांग रखी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को सामान्य रखने के लिए स्थायी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
अस्पताल सहित अन्य केंद्रों पर सैंपलिंग प्रक्रिया हुई प्रभावित
नागरिक अस्पताल में कोरोना आशंकितों के सैंपल लेने व उनकी देखरेख करने के लिए विभाग की ओर से पहले 72 कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया था। जिसके पश्चात कर्मचारियों के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया। लेकिन 31 मार्च को अब इनका कार्यकाल खत्म होने के दौरान शेष रहे 55 कर्मचारियों को रिलीव किया गया है। जिसके कारण सैंपलिंग लेने की प्रक्रिया और लैब में जांच के बाद उनकी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कोविड कर्मचारियों के रिलीव होने के बाद अन्य कर्मचारियों पर कार्य का भार पहले से बढ़ गया है। जिसके चलते उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आरटीपीसीआर लैब में थे पांच कर्मचारी, 21 थी स्टाफ नर्स
स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल 55 कोविड कर्मचारी कार्य कर रहे थे। इनमें से 21 स्टाफ नर्स, 18 लैब टेक्निशियन, 9 डीईओ कोविड, चार फार्मासिस्ट व एक रिसर्च सहायक तैनात था। नागरिक अस्पताल में करीब 30 कोविड कर्मचारी तैनात थे। वहीं नागरिक अस्पताल की आरटीपीसीआर लैब में चार एलटी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात था। रिलीव होने के बाद सभी कर्मचारियों ने अपना कार्य बंद कर दिया है। ऐसे में लैब में कम कर्मचारी होने से सैंपलों की जांच में भी देरी होने की आशंका है।
इन स्थानों पर तैनात थे कर्मचारी
- कोविड ओपीडी
- आरटीपीसीआर लैब
- कोविड कंट्रोल रूम
- अलग-अलग वार्ड में स्टाफ नर्स
- यूपीएचसी
- एक्सरे सहित अन्य केंद्रों में लगे कंप्यूटरों ऑपरेटर
कोविड कर्मचारियों का कार्यकाल मुख्यालय की ओर से ही बढ़ाया जाना है। कोरोना सैंपल लेने सहित अन्य कार्य के लिए स्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही है।
-- -डॉ. संदीप गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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शनिवार को नागरिक अस्पताल में कोविड कर्मचारियों ने बैठक की। बैठक की अध्यक्षता कोविड कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान सुनील कुलड़िया ने की। उन्होंने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से सोमवार को बैठक करने का समय लिया गया है। सोमवार को कोविड कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित होंगे। बैठक के बाद हल निकलने की उम्मीद है। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वह अस्पताल में बैठकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं उन्होंने कौशल रोजगार योजना के तहत कर्मचारियों की भर्ती किए जाने की मांग रखी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को सामान्य रखने के लिए स्थायी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
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अस्पताल सहित अन्य केंद्रों पर सैंपलिंग प्रक्रिया हुई प्रभावित
नागरिक अस्पताल में कोरोना आशंकितों के सैंपल लेने व उनकी देखरेख करने के लिए विभाग की ओर से पहले 72 कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया था। जिसके पश्चात कर्मचारियों के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया। लेकिन 31 मार्च को अब इनका कार्यकाल खत्म होने के दौरान शेष रहे 55 कर्मचारियों को रिलीव किया गया है। जिसके कारण सैंपलिंग लेने की प्रक्रिया और लैब में जांच के बाद उनकी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कोविड कर्मचारियों के रिलीव होने के बाद अन्य कर्मचारियों पर कार्य का भार पहले से बढ़ गया है। जिसके चलते उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आरटीपीसीआर लैब में थे पांच कर्मचारी, 21 थी स्टाफ नर्स
स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल 55 कोविड कर्मचारी कार्य कर रहे थे। इनमें से 21 स्टाफ नर्स, 18 लैब टेक्निशियन, 9 डीईओ कोविड, चार फार्मासिस्ट व एक रिसर्च सहायक तैनात था। नागरिक अस्पताल में करीब 30 कोविड कर्मचारी तैनात थे। वहीं नागरिक अस्पताल की आरटीपीसीआर लैब में चार एलटी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात था। रिलीव होने के बाद सभी कर्मचारियों ने अपना कार्य बंद कर दिया है। ऐसे में लैब में कम कर्मचारी होने से सैंपलों की जांच में भी देरी होने की आशंका है।
इन स्थानों पर तैनात थे कर्मचारी
- कोविड ओपीडी
- आरटीपीसीआर लैब
- कोविड कंट्रोल रूम
- अलग-अलग वार्ड में स्टाफ नर्स
- यूपीएचसी
- एक्सरे सहित अन्य केंद्रों में लगे कंप्यूटरों ऑपरेटर
कोविड कर्मचारियों का कार्यकाल मुख्यालय की ओर से ही बढ़ाया जाना है। कोरोना सैंपल लेने सहित अन्य कार्य के लिए स्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही है।