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सड़क टूटी है तो फोटो खींचों और मोबाइल एप ‘हरपथ’ पर डाला
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:22 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
प्रदेश में टूटी सड़कों की मरम्मत की समस्या को दूर करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने एक अनूठी पहल की है। राज्य की सभी सड़कों को जियो टैगिंग करके मोबाइल एप में डाला गया है। मोबाइल एप का नाम ‘हरपथ’ है। जिसके तहत सड़क में कहीं भी गड्ढा दिखाई दे तो उसका तुरंत फोटो खींचें और पोस्ट करें। शिकायत संबंधित अधिकारियों तक स्वयं पहुंच जाएगी।
कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) पीके जिंदल ने बताया कि जियो टैगिंग के बाद यह विभाग की जिम्मेदारी होगी कि दो सप्ताह के अंदर वे उस सड़क की भले ही कारपेंटिंग करें, लेकिन गड्ढों को भरकर उसे चलने योग्य बनाएं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए। इस काम में सुशासन सहयोगियों और डिजिटल हरियाणा की टीम का सहयोग लिया गया। गड्ढों और टूटी सड़कों को लेकर सीएम विंडो पर भी काफी शिकायतें आ रही थी। जब ये शिकायतें संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए जाती तो पता ही नहीं चलता था कि आखिर सड़क किसकी है। अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते थे। इस तरह पता ही नहीं चल पाता था कि सड़क है किस महकमे की। इसी वजह से समस्याएं बनी हुईं थीं।
उन्होंने बताया कि डिजिटल हरियाणा की टीम द्वारा प्रदेश की सभी सड़कों की गूगल मैप के साथ जियो टैगिंग की गई। इसमें शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सड़कों को शामिल करते हुए एक मोबाइल एप तैयार किया गया। इसे ‘हरपथ’ नाम दिया गया है। इसी एप में राज्य की प्रत्येक सड़क को केवल संबंधित विभाग के साथ जोड़ा गया, बल्कि जिम्मेदार इंजीनियरों को भी इसमें टैग किया गया है। हरपथ पर जैसे ही कोई फोटो अपलोड होगी, वह वैसे ही संबंधित इंजीनियर के पास भी जाएगी। उसे लोकेशन पता करने की भी जरूरत नहीं है। अगले दो सप्ताह में सड़क की मरम्मत करके उसे चलने योग्य बनाने की जिम्मेदारी उसकी होगी।
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सिरसा।
प्रदेश में टूटी सड़कों की मरम्मत की समस्या को दूर करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने एक अनूठी पहल की है। राज्य की सभी सड़कों को जियो टैगिंग करके मोबाइल एप में डाला गया है। मोबाइल एप का नाम ‘हरपथ’ है। जिसके तहत सड़क में कहीं भी गड्ढा दिखाई दे तो उसका तुरंत फोटो खींचें और पोस्ट करें। शिकायत संबंधित अधिकारियों तक स्वयं पहुंच जाएगी।
कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) पीके जिंदल ने बताया कि जियो टैगिंग के बाद यह विभाग की जिम्मेदारी होगी कि दो सप्ताह के अंदर वे उस सड़क की भले ही कारपेंटिंग करें, लेकिन गड्ढों को भरकर उसे चलने योग्य बनाएं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए। इस काम में सुशासन सहयोगियों और डिजिटल हरियाणा की टीम का सहयोग लिया गया। गड्ढों और टूटी सड़कों को लेकर सीएम विंडो पर भी काफी शिकायतें आ रही थी। जब ये शिकायतें संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए जाती तो पता ही नहीं चलता था कि आखिर सड़क किसकी है। अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते थे। इस तरह पता ही नहीं चल पाता था कि सड़क है किस महकमे की। इसी वजह से समस्याएं बनी हुईं थीं।
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उन्होंने बताया कि डिजिटल हरियाणा की टीम द्वारा प्रदेश की सभी सड़कों की गूगल मैप के साथ जियो टैगिंग की गई। इसमें शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सड़कों को शामिल करते हुए एक मोबाइल एप तैयार किया गया। इसे ‘हरपथ’ नाम दिया गया है। इसी एप में राज्य की प्रत्येक सड़क को केवल संबंधित विभाग के साथ जोड़ा गया, बल्कि जिम्मेदार इंजीनियरों को भी इसमें टैग किया गया है। हरपथ पर जैसे ही कोई फोटो अपलोड होगी, वह वैसे ही संबंधित इंजीनियर के पास भी जाएगी। उसे लोकेशन पता करने की भी जरूरत नहीं है। अगले दो सप्ताह में सड़क की मरम्मत करके उसे चलने योग्य बनाने की जिम्मेदारी उसकी होगी।
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