{"_id":"6a9a60a98d4f4a3e1d040987","slug":"sukhchain-singh-from-sirsa-martyred-in-rajouri-jammu-kashmir-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिरसा: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में शहीद हुआ सुखचैन सिंह, पैतृक गांव राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरसा: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में शहीद हुआ सुखचैन सिंह, पैतृक गांव राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
Fri, 04 Sep 2026 11:39 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:39 AM IST
सार
शहीद सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर आज राजौरी से सिरसा एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ ले जाया जाएगा। यहां करीब दोपहर 2 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
शहीद जवान सुखचैन सिंह
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव कुत्ताबढ़ के रहने वाले 30 वर्षीय जवान सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। देश की रक्षा करते हुए जवान की शहादत की खबर मिलते ही गांव सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सुखचैन सिंह भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके बलिदान से क्षेत्रवासियों में जहां गहरा दुख है, वहीं शहीद के प्रति गर्व की भावना भी है।
विज्ञापन
शहीद सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर आज राजौरी से सिरसा एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ ले जाया जाएगा। यहां करीब दोपहर 2 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रवासियों के शामिल होने की संभावना है। गांव कुत्ताबढ़ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए तैयार है। देश की रक्षा के लिए सुखचैन सिंह द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा बनी रहेगी।
विज्ञापन