फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Ex-employee of pesticide company swiped goods and money

Sirsa News: पेस्टीसाइड फर्म के पूर्व कर्मचारी ने माल व रकम हड़पी

Thu, 03 Sep 2026 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 03 Sep 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
Ex-employee of pesticide company swiped goods and money
ऐलनाबाद। गांव धोलपालियां स्थित मैसर्स बालाजी पेस्टीसाइड एवं फर्टिलाइजर फर्म के पूर्व कर्मचारी पर संचालक ने माल और रकम हड़पने का आरोप लगाया है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) सिरसा की जांच के बाद पुलिस ने दिनेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन

जांच अधिखारी प्रगट सिंह के मुताबिक प्रवेश कुमार निवासी ऐलनाबाद ने रिपोर्ट में बताया कि धोलपालियां में उनकी पेस्टीसाइड एवं फर्टिलाइजर की फर्म है। वर्ष 2016 में कारोबार बढ़ने के कारण उन्होंने दिनेश कुमार निवासी 9 बीएनडब्ल्यू, तहसील सादुलशहर (श्रीगंगानगर) को नौकरी पर रखा था। वर्ष 2021 में एक मामले में न्यायिक हिरासत में जाने से पहले उन्होंने 26 जुलाई 2021 को दिनेश कुमार को मुख्त्यारे खास नियुक्त कर फर्म की जिम्मेदारी सौंप दी। उस समय फर्म का कारोबार करीब 1.01 करोड़ रुपये था। आरोप है कि दिनेश कुमार ने वर्ष 2023 में धोलपालियां में अपनी अलग फर्म मैसर्स किसान सेल्स एजेंसी शुरू कर ली। 30 जनवरी 2026 को जेल से रिहा होने के बाद जब प्रवेश कुमार अपनी फर्म पहुंचे तो दुकान लगभग खाली मिली। शिकायतकर्ता के मुताबिक फर्म का स्टॉक, नकदी, बैंक बैलेंस, उधारी की रकम, हस्ताक्षरशुदा चेकबुक, मोहर, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन मशीन आदि गायब थे। आरोप है कि कई ग्राहकों से फर्म की बकाया रकम भी दिनेश कुमार ने प्राप्त कर ली लेकिन फर्म के खाते में जमा नहीं करवाया।
विज्ञापन

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आए तथ्य
आर्थिक अपराध शाखा सिरसा की जांच में दिनेश कुमार व्यक्तिगत रूप से शामिल हुआ लेकिन आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत कर आरोपों पर स्पष्टीकरण नहीं दिया। जांच में उपलब्ध मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फर्म की सुपुर्द संपत्ति, माल और धनराशि के दुरुपयोग के प्रथम दृष्टया आरोप सामने आए। जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2023 में अलग फर्म स्थापित की थी। शिकायतकर्ता की फर्म के माल को उसमें स्थानांतरित किए जाने के संबंध में भी साक्ष्य मिले। जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जीएसटी रिकॉर्ड, बैंक खाते, खरीद-बिक्री और स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। ईओडब्ल्यू की जांच और पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद आरोप पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed