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100 किलोग्राम प्रतिदिन कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं को देना होगा सेल्फ डिकलेरेशन
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सिरसा। नगर परिषद ने शहर में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट 2016 के नियमों को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। 100 किग्रा प्रतिदिन कचरा जनरेट करने वाली संस्थाओं को नोटिस दिए जा रहे हैं। अभी तक 50 संस्थाओं को नोटिस दिए जा चुके हैं। शहर में हर दिन 80 से 90 टन कचरा इकट्ठा होता है। केंद्र सरकार ने सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के तहत 100 किलोग्राम प्रतिदिन कचरा जनरेट करने वाली संस्थाओं को अपने कचरे का निपटारा खुद करने के निर्देश दिए हुए है। इसी की पालना करते हुए नप ने शहर में 150 से ज्यादा लोगों, सरकारी संस्थाओं को नोटिस इश्यू किए है। ये नोटिस सफाई दरोगाओं के माध्यम से संस्थाओं को बांटे जाएंगे।
जानकारी के अनुसार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, जेसीडी, बस स्टैंड सिरसा, रेलवे स्टेशन, अनाज मंडी, सब्जी मंडी 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा जनरेट कर रही है। इन्हें अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन करना होगा। इसके अतिरिक्त डेरा सच्चा सौदा और एयरफोर्स स्टेशन को भी दिया जाएगा। शहर में करीब 300 से ज्यादा डेयरियां चल रही है। इन डेयरी वालों को भी नोटिस दिए गए है। हालांकि अभी सफाई दरोगाओं के माध्यम से इस बात की भी जानकारी भी जुटाई जा रही है कि डेयरियां बंद तो नहीं हुई। सिरसा में हर दिन 80 से 90 टन कचरा पैदा होता है।
सेल्फ डिक्ल्यरेशन का फार्म भरना होगा
नगरपरिषद जिन सरकारी, प्राइवेट संस्थाओं को नोटिस दे रही है, उन्हें एक सेल्फ डिक्ल्यरेशन फार्म भरना होगा कि वे 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा कर रही है या नहीं। यदि कर रही है तो उन्हें फार्म में इस बात का भी सत्यापन करना होगा कि वे कचरे को सेरीगेट भी खुद कर रही है। यदि 100 किलोग्राम प्रतिदिन से कम कचरा पैदा हो रहा है तो इसकी भी जानकारी देनी होगी। यदि कोई संस्था कचरा प्रबंधन नहीं करती तो कम से कम पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। यह राशि अधिक भी हो सकती है। डीसी प्रभजोत सिंह ने नगरपरिषद को हर महीने 50 चालान का लक्ष्य दिया है। जिसमें कि पॉलिथीन मिलने पर भी चालान की कार्रवाई की जाएगी।
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कोट्स
करीब 150 नोटिस तैयार किए जा चुके हैं और 50 नोटिस भेज भी दिए गए है। 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं को खुद कचरा प्रबंधन करना होगा।
देवेंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद सिरसा।
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जानकारी के अनुसार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, जेसीडी, बस स्टैंड सिरसा, रेलवे स्टेशन, अनाज मंडी, सब्जी मंडी 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा जनरेट कर रही है। इन्हें अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन करना होगा। इसके अतिरिक्त डेरा सच्चा सौदा और एयरफोर्स स्टेशन को भी दिया जाएगा। शहर में करीब 300 से ज्यादा डेयरियां चल रही है। इन डेयरी वालों को भी नोटिस दिए गए है। हालांकि अभी सफाई दरोगाओं के माध्यम से इस बात की भी जानकारी भी जुटाई जा रही है कि डेयरियां बंद तो नहीं हुई। सिरसा में हर दिन 80 से 90 टन कचरा पैदा होता है।
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सेल्फ डिक्ल्यरेशन का फार्म भरना होगा
नगरपरिषद जिन सरकारी, प्राइवेट संस्थाओं को नोटिस दे रही है, उन्हें एक सेल्फ डिक्ल्यरेशन फार्म भरना होगा कि वे 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा कर रही है या नहीं। यदि कर रही है तो उन्हें फार्म में इस बात का भी सत्यापन करना होगा कि वे कचरे को सेरीगेट भी खुद कर रही है। यदि 100 किलोग्राम प्रतिदिन से कम कचरा पैदा हो रहा है तो इसकी भी जानकारी देनी होगी। यदि कोई संस्था कचरा प्रबंधन नहीं करती तो कम से कम पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। यह राशि अधिक भी हो सकती है। डीसी प्रभजोत सिंह ने नगरपरिषद को हर महीने 50 चालान का लक्ष्य दिया है। जिसमें कि पॉलिथीन मिलने पर भी चालान की कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 150 नोटिस तैयार किए जा चुके हैं और 50 नोटिस भेज भी दिए गए है। 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं को खुद कचरा प्रबंधन करना होगा।
देवेंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद सिरसा।