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Rohtak News: छोटे बच्चे अभिभावकों की उपस्थिति में ही पटाखे जलाएं

Sat, 18 Oct 2025 02:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sat, 18 Oct 2025 02:47 AM IST
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Young children should only light firecrackers in the presence of their parents.
डॉ. सचिन सहगल
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। दिवाली का त्योहार खुशियां लेकर आता है। ऐसे में सावधानी से इको फ्रेंडली पटाखें जलाएं। आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतें। विशेषकर, छोटे बच्चे अभिभावकों की उपस्थिति में ही पटाखे जलाएं।
नागरिक अस्पताल में दिवाली पर हादसे का शिकार हुए मरीजों के लिए तीन सर्जन व दो डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी गई है। हर साल दिवाली पर 20 के करीब मरीज हादसों से ग्रस्त होकर आते हैं। इनमें से गंभीर से रूप से आंख पर चोट वाले करीब 4 मामले भी होते हैं। ऐसे में सावधानी बरतें व अनहोनी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचे।
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नियमित रेडियोलॉजिस्ट नहीं, रेडियोग्राफर की डयूटी लगाई
त्योहार के समय अस्पताल में आंखों को लेकर गंभीर मरीज आते हैं, ऐसे समय तो अस्पताल में 24 घंटे रेडियोलॉजिस्ट होना चाहिए। हफ्ते में तीन दिन सांपला से डेपुटेशन पर आ रहीं डॉक्टर मरीजों को देख रही हैं। प्रशासन का कहना है कि रेडियोग्राफर उपलब्ध रहेगा। डॉ. सचिन सहगल ने बताया कि बम धमाके से गंभीर रूप से घायल मरीज की आंख का तुरंत एक्स-रे करना पड़ता है ताकि पता लग सके बारूद आंख में कहां तक पहुंचा है। लापरवाही बरतने से पीड़ित की रोशनी भी जा सकती है। ऐसे मेें 72 घंटे बाद प्रभावित आंख के साथ दूसरी आंख की रोशनी जाने का खतरा भी बन जाता है। इस कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
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ये सावधानियां बरतें
पटाखे जलाते समय चश्मे का प्रयोग करें ताकि बारूद व धुआं आंखों में न जाए। हादसा होने पर आंखों को ठंडे पानी से कई बार धोएं। पटाखों को दूर से ही आग लगाएं। छोटे बच्चे अभिभावकों की उपस्थिति में ही पटाखे जलाएं। पटाखे जलाने से पहले पानी, चादर व रेत का प्रबंध रखें। इको फ्रेंडली पटाखों का ही उपयोग करें। हादसा होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें या 112 पर कॉल करें।
दिवाली पर आंख के दो डॉक्टर व तीन सर्जन हर समय ड्यूटी पर उपलब्ध रहेंगे। अनहोनी होने पर मरीजों का तुरंत इलाज किया जाएगा।

- डॉ. रेनू भांबू, पीएमओ, नागरिक अस्पताल
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