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Rohtak: अनाज मंडियों में खराब गेहूं को साफ करके किया जा रहा पैक, आढ़ती बोले-सरकार नहीं कर रही उठान
Sun, 18 May 2025 06:59 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 18 May 2025 06:59 PM IST
सार
बरसात से खराब हुए गेहूं को बोरियों में भरा जा रहा है। जिले की अनाज मंडियों में पिछले दिनों हुई बरसात में गेहूं भीग गया था। बारिश में भीगकर खराब हुए इस गले सड़े काले पड़े गेहूं को बोरियों में भर कर आगे सप्लाई किए जाने की तैयारी है।
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बारिश से खराब हुआ गेंहू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
(रोहित राठौर) खेतों में कड़ी मेहनत से उगाया गया बेशकीमती गेहूं शासन प्रशासन की लचर व्यवस्था व कुप्रबंधन के कारण सड़ रहा है। जिले की विभिन्न मंडियों में करीब 3000 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न सड़ कर बर्बाद होने का अनुमान है। रोहतक मंडी में ही करीब 200 क्विंटल से अधिक गेहूं सड़ कर काली पड़ गई है। अनाज मंडियों में सुखाने के लिए दूर तक फैला सड़ा गला व काला गेहूं भी खाद्यान्न की बर्बादी साफ बयां कर रहा है। यही नहीं, इससे उठती तीव्र दुर्गंध ने यहां से लोगों का गुजरना मुश्किल कर दिया है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने रविवार को अनाज मंडियों की पड़ताल की तो यह सच सामने आया।
सरकार नहीं कर रही गेहूं की खरीद: आढ़ती
बरसात से खराब हुए गेहूं को बोरियों में भरा जा रहा है। जिले की अनाज मंडियों में पिछले दिनों हुई बरसात में गेहूं भीग गया था। बारिश में भीगकर खराब हुए इस गले सड़े काले पड़े गेहूं को बोरियों में भर कर आगे सप्लाई किए जाने की तैयारी है। इसमें से बड़ी मात्रा में गेहूं मिट्टी बन चुका है। आढ़तियों का कहना है कि बरसात में खराब गेहूं की खरीद सरकार नहीं कर रही है। इसलिए इसे कम दाम में मीलों में बेच कर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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सरकार नहीं कर रही गेहूं की खरीद: आढ़ती
बरसात से खराब हुए गेहूं को बोरियों में भरा जा रहा है। जिले की अनाज मंडियों में पिछले दिनों हुई बरसात में गेहूं भीग गया था। बारिश में भीगकर खराब हुए इस गले सड़े काले पड़े गेहूं को बोरियों में भर कर आगे सप्लाई किए जाने की तैयारी है। इसमें से बड़ी मात्रा में गेहूं मिट्टी बन चुका है। आढ़तियों का कहना है कि बरसात में खराब गेहूं की खरीद सरकार नहीं कर रही है। इसलिए इसे कम दाम में मीलों में बेच कर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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तीन हजार क्विंटल गेहूं खराब होने का अनुमान
गेहूं खरीद व उठान के समय दो से तीन बार हुई बरसात से मंडियों में फसल का काफी नुकसान हुआ है। रोहतक, काहनौर व सांपला अनाज मंडी में ही करीब 3000 क्विंटल गेहूं खराब होने का अनुमान है। गेहूं से उठती दुर्गंध इसकी बर्बादी का प्रमाण है। फिलहाल आढ़ती इस काले व सड़े हुए गेहूं की सफाई करा कर उन्हें कट्टों में भरने में व्यस्त हैं। श्रमिकों का कहना है कि यह रोहतक की मंडी में काहनौर मंडी का भी खराब गेहूं यहां लाकर सुखाया जा रहा है। सांपला में भी रविवार को श्रमिक बुल्डोजर के जरिए गेहूं सुखाते नजर आए।
गेहूं खरीद व उठान के समय दो से तीन बार हुई बरसात से मंडियों में फसल का काफी नुकसान हुआ है। रोहतक, काहनौर व सांपला अनाज मंडी में ही करीब 3000 क्विंटल गेहूं खराब होने का अनुमान है। गेहूं से उठती दुर्गंध इसकी बर्बादी का प्रमाण है। फिलहाल आढ़ती इस काले व सड़े हुए गेहूं की सफाई करा कर उन्हें कट्टों में भरने में व्यस्त हैं। श्रमिकों का कहना है कि यह रोहतक की मंडी में काहनौर मंडी का भी खराब गेहूं यहां लाकर सुखाया जा रहा है। सांपला में भी रविवार को श्रमिक बुल्डोजर के जरिए गेहूं सुखाते नजर आए।