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गर्मियों में शहर की दो लाख आबादी झेलेगी पेयजल किल्लत
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भीषण गर्मी में नहरी पानी को एक बार फिर पांच जोन में बांटने से शहर की दो लाख से अधिक की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। पब्लिक हेल्थ शहरवासियों को अब रोजाना की जगह तीसरे दिन ही दो वक्त की आपूर्ति करेगा। ऐसे में लोगों को दो दिन एक समय के पानी से ही काम चलाना होगा। स्थिति से निपटने के लिए विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वह पेयजल को व्यर्थ न बहाएं।
छह जून को नहर में पानी बंद हो गया है और अब 24 जून को नहर में पानी आएगा। ऐसे में विभाग को अब 16 दिन बगैर नहरी पानी के पेयजल सप्लाई चलानी होगी। जबकि हकीकत में विभाग की क्षमता महज आठ दिन के पानी को स्टोरेज करने की है। 24 जून को नहर आने के बाद ही शहरवासियों की पेयजल समस्या का समाधान हो पाएगा। विभाग के पास शहर की पेयजल सप्लाई के लिए तीन जलघर हैं। तीनों जल घर के अलावा देव कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन व हुडा का जलघर है। इनमें से पब्लिक हेल्थ के जल घर एक की स्थिति सबसे अधिक खराब है। जलघर एक से पुराना शहर जुड़ा है और यहां सबसे अधिक उपभोक्ता जुडे़ हैं। इसके चलते सबसे अधिक पेयजल किल्लत इसी जलघर को होती है।
जल घर कनेक्शन
एक 25 हजार
दोे 35 हजार
तीन 15 हजार
नोट : नियमानुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर पेयजल पब्लिक हेल्थ विभाग को हर दिन देना होता है। जबकि विभाग अधिकांश समय आधी सप्लाई भी नहीं दे रहा है।
अमरूत योजना का नहीं मिला लाभ
जलघरों के टैंकों की सफाई के लिए सरकार ने नगर निगम को अमरूत योजना का प्रोजेक्ट दिया। इसके तहत टैंकों की सफाई भी हुई, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। हर बार गर्मियों में शहरवासियों को महीने में 15 दिन पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।
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नहर बंदी के कारण पानी की सप्लाई का रोस्टर बदल दिया गया है। हर रोज दो समय देने के लिए पानी नहीं है। इसलिए काम चलाने के लिए एक समय पानी की सप्लाई नहीं दी जाएगी। पहले आठ दिन नहर बंद होती थी और हमारे जल घरों की क्षमता आठ दिन बगैर नहरी पानी के सप्लाई के देने की थी। अब जब 16 दिन नहर बंद हो रही है तो समस्या आ रही है। 24 जून को नहर में पानी आने के बाद दोनों समय पानी की सप्लाई दे दी जाएगी।
- वीके जैन, एसडीई, पब्लिक हेल्थ
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छह जून को नहर में पानी बंद हो गया है और अब 24 जून को नहर में पानी आएगा। ऐसे में विभाग को अब 16 दिन बगैर नहरी पानी के पेयजल सप्लाई चलानी होगी। जबकि हकीकत में विभाग की क्षमता महज आठ दिन के पानी को स्टोरेज करने की है। 24 जून को नहर आने के बाद ही शहरवासियों की पेयजल समस्या का समाधान हो पाएगा। विभाग के पास शहर की पेयजल सप्लाई के लिए तीन जलघर हैं। तीनों जल घर के अलावा देव कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन व हुडा का जलघर है। इनमें से पब्लिक हेल्थ के जल घर एक की स्थिति सबसे अधिक खराब है। जलघर एक से पुराना शहर जुड़ा है और यहां सबसे अधिक उपभोक्ता जुडे़ हैं। इसके चलते सबसे अधिक पेयजल किल्लत इसी जलघर को होती है।
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जल घर कनेक्शन
एक 25 हजार
दोे 35 हजार
तीन 15 हजार
नोट : नियमानुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर पेयजल पब्लिक हेल्थ विभाग को हर दिन देना होता है। जबकि विभाग अधिकांश समय आधी सप्लाई भी नहीं दे रहा है।
अमरूत योजना का नहीं मिला लाभ
जलघरों के टैंकों की सफाई के लिए सरकार ने नगर निगम को अमरूत योजना का प्रोजेक्ट दिया। इसके तहत टैंकों की सफाई भी हुई, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। हर बार गर्मियों में शहरवासियों को महीने में 15 दिन पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।
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नहर बंदी के कारण पानी की सप्लाई का रोस्टर बदल दिया गया है। हर रोज दो समय देने के लिए पानी नहीं है। इसलिए काम चलाने के लिए एक समय पानी की सप्लाई नहीं दी जाएगी। पहले आठ दिन नहर बंद होती थी और हमारे जल घरों की क्षमता आठ दिन बगैर नहरी पानी के सप्लाई के देने की थी। अब जब 16 दिन नहर बंद हो रही है तो समस्या आ रही है। 24 जून को नहर में पानी आने के बाद दोनों समय पानी की सप्लाई दे दी जाएगी।
- वीके जैन, एसडीई, पब्लिक हेल्थ