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Rohtak News: लघु चिड़ियाघर में अब भालू भी देख सकेंगे पर्यटक
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मिनी जू में पहुंचा भालू। अमर उजाला
विकास सैनी
रोहतक। लघु चिड़ियाघर में वन्यजीवों का परिवार बढ़ने लगा है। यहां बाघ, शेर के बाद अब भालू भी पहुंच गया है। इसे जल्द पर्यटकों के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। यही नहीं, आने वाले दिनों में यहां जैब्रा और कंगारू भी लाए जाएंगे। इससे लघु चिड़ियाघर परिवार का विस्तार होने के साथ पर्यटकों को भी देसी और विदेशी वन्यप्राणी देखने को मिलेंगे। विश्व वन्य प्राणी दिवस पर अमर उजाला ने लघु चिड़ियाघर की व्यवस्था जानी तो यहां पर नए वन्यजीवों के आने की भी बात सामने आई।
स्पर्धा के दौर में बढ़ते शहरीकरण ने वन और वन्य प्राणियों की मुश्किल बढ़ाने का काम किया है। इसके चलते वन्यजीवों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। नतीजतन जंगल से भटके वन्यजीव शहर में आने लगे हैं। पिछले एक साल में प्रदेश के विभिन्न जिलों में वन्यप्राणी मानव बस्ती में घुसे हैं। इनमें सबसे मुख्य तेंदुआ था। बता दें पिछले दिनों पानीपत में आए तेंदुए को पकड़ने गई लघु चिड़ियाघर की टीम के डॉक्टर और उनके वाहन चालक घायल भी हो गए थे।
चिड़ियाघर कर्मचारियों की गोद में खेल कर पले सिंह शावक
पीपली चिड़ियाघर में जन्मे तीन शावकों को लघु चिड़ियाघर रोहतक के कर्मचारियों ने पाला। इनकी गोद में खेलकूद कर सिंह अर्जुन अपनी दो बहनों के साथ यहीं बड़ा हुआ। इन शावकों को बोतल से दूध पिलाकर कर्मचारियों ने बड़ा किया है। इसके बाद इन्हें भिवानी भेज दिया गया। अब वहां से एक मादा और हिमाचल प्रदेश से सिंह धीरा व अन्य मादा को यहां लाया गया है। बाघ परिवार भी पिछले तीन साल में दो से पांच हो गया है। बाघ सागर और आशा के तीन शावक अब युवा अवस्था की ओर बढ़ गए हैं। इनमें से एक अद्भुत सफेद शावक है। यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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चिड़ियाघर में नजर आएंगे रात्रि में विचरण करने वाले जीव
वन्यप्राणी विभाग लघु चिड़ियाघर के सुधार की ओर प्रयासरत है। इसी कड़ी में यहां नॉकट्रनल हाउस बनाया जा रहा है। इसमें रात्रि के समय विचरण करने वाले वन्यजीवों को रखा जाएगा। दिन के समय में अंधेरे कमरे में यह जीवन खास तौर पर पर्यटकों के लिए लाए जाएंगे।
वन्य प्राणी विभाग चिड़ियाघर के सुधार के लिए काम कर रहा है। कोविड के बाद से यहां का परिवार लगातार बढ़ रहा है। यहां बाघ, शेर के बाद भालू का जोड़ा भी आ गया है। इसे जल्द ही पर्यटकों के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा आने वाले समय में जैब्रा, कंगारू और अन्य वन्यजीवों को लाने की भी तैयारी है।
देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक, लघु चिड़ियाघर एवं वन्यप्राणी विभाग
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रोहतक। लघु चिड़ियाघर में वन्यजीवों का परिवार बढ़ने लगा है। यहां बाघ, शेर के बाद अब भालू भी पहुंच गया है। इसे जल्द पर्यटकों के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। यही नहीं, आने वाले दिनों में यहां जैब्रा और कंगारू भी लाए जाएंगे। इससे लघु चिड़ियाघर परिवार का विस्तार होने के साथ पर्यटकों को भी देसी और विदेशी वन्यप्राणी देखने को मिलेंगे। विश्व वन्य प्राणी दिवस पर अमर उजाला ने लघु चिड़ियाघर की व्यवस्था जानी तो यहां पर नए वन्यजीवों के आने की भी बात सामने आई।
स्पर्धा के दौर में बढ़ते शहरीकरण ने वन और वन्य प्राणियों की मुश्किल बढ़ाने का काम किया है। इसके चलते वन्यजीवों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। नतीजतन जंगल से भटके वन्यजीव शहर में आने लगे हैं। पिछले एक साल में प्रदेश के विभिन्न जिलों में वन्यप्राणी मानव बस्ती में घुसे हैं। इनमें सबसे मुख्य तेंदुआ था। बता दें पिछले दिनों पानीपत में आए तेंदुए को पकड़ने गई लघु चिड़ियाघर की टीम के डॉक्टर और उनके वाहन चालक घायल भी हो गए थे।
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चिड़ियाघर कर्मचारियों की गोद में खेल कर पले सिंह शावक
पीपली चिड़ियाघर में जन्मे तीन शावकों को लघु चिड़ियाघर रोहतक के कर्मचारियों ने पाला। इनकी गोद में खेलकूद कर सिंह अर्जुन अपनी दो बहनों के साथ यहीं बड़ा हुआ। इन शावकों को बोतल से दूध पिलाकर कर्मचारियों ने बड़ा किया है। इसके बाद इन्हें भिवानी भेज दिया गया। अब वहां से एक मादा और हिमाचल प्रदेश से सिंह धीरा व अन्य मादा को यहां लाया गया है। बाघ परिवार भी पिछले तीन साल में दो से पांच हो गया है। बाघ सागर और आशा के तीन शावक अब युवा अवस्था की ओर बढ़ गए हैं। इनमें से एक अद्भुत सफेद शावक है। यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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चिड़ियाघर में नजर आएंगे रात्रि में विचरण करने वाले जीव
वन्यप्राणी विभाग लघु चिड़ियाघर के सुधार की ओर प्रयासरत है। इसी कड़ी में यहां नॉकट्रनल हाउस बनाया जा रहा है। इसमें रात्रि के समय विचरण करने वाले वन्यजीवों को रखा जाएगा। दिन के समय में अंधेरे कमरे में यह जीवन खास तौर पर पर्यटकों के लिए लाए जाएंगे।
वन्य प्राणी विभाग चिड़ियाघर के सुधार के लिए काम कर रहा है। कोविड के बाद से यहां का परिवार लगातार बढ़ रहा है। यहां बाघ, शेर के बाद भालू का जोड़ा भी आ गया है। इसे जल्द ही पर्यटकों के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा आने वाले समय में जैब्रा, कंगारू और अन्य वन्यजीवों को लाने की भी तैयारी है।
देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक, लघु चिड़ियाघर एवं वन्यप्राणी विभाग