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Rohtak News: रोको-टोको, फिर भी न सुधरें तो कर दो चालान
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30...रोहतक के आईएमटी स्थित अमर उजाला कार्यालय में सड़क सुरक्षा पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में पह
रोहतक। सड़क हादसों से बचाव के लिए अभिभावकों व बच्चों को अधिक जागरूक करना चाहिए। सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वाले लोगों को पहले रोका और टोका जाना चाहिए। फिर भी न सुधरें तो पुलिस को चालान भी करना चाहिए।
आईएमटी स्थित अमर उजाला कार्यक्रम में सोमवार को सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा को लेकर संवाद में स्कूलों के प्रतिनिधियों और शिक्षा अधिकारियों ने पुलिस पदाधिकारियों को यह सुझाव दिया।
जेपी इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर गौरव मलिक ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सिर्फ नियमों की जानकारी तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कार में बच्चे को कैसे बैठाएं, यह जानकारी भी देनी चाहिए। बच्चों को छोटे-छोटे विषयों पर बोलने का अवसर देना चाहिए।
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मॉडल टाउन स्कूल से टीजीटी ब्लॉक इंचार्ज रिचा हुड्डा ने कहा कि स्कूल की छुट्टी और कोचिंग के समय में गैप बहुत कम है। इस कारण वे रफ्तार से स्कूटी चलाते हुए जाते हैं। पुलिस को छोटी-छोटी गलियों में जांच करके ऐसे बच्चों पर कार्रवाई करनी चाहिए। एसडी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राजेश कुमार ने कहा कि बच्चे दो पहिया वाहन लेकर स्कूल आते हैं। पुलिस को स्कूलों के बाहर चालान करना चाहिए।
शिक्षा विभाग से सड़क सुरक्षा नोडल अधिकारी दीपक अरोड़ा ने कहा कि स्कूलों में क्विज और जागरुकता के कार्यक्रम हो रहे हैं। पुलिस को सख्ती दिखाने की जरूरत है, तभी कानून का पालन हो सकेगा।
द श्रीराम यूनिवर्सल स्कूल के प्रशासक अजय सहरावत व राजकीय कन्या विद्यालय से शिक्षिका मीना कुमारी ने कहा कि हादसे के समय लोगों को मानवता दिखानी चाहिए। हादसा हो तो तुरंत मदद देनी चाहिए।
आस्था पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर मुकेश शर्मा, डीएवी सेंटनरी पब्लिक स्कूल से दीपक गौतम, हिसार रोड स्थित राजकीय कन्या विद्यालय से देवेंद्र सिंह शर्मा, मॉडल टाउन राजकीय कन्या विद्यालय से प्रमिला, द स्टार ग्लोबल स्कूल से चित्राक्षी, लतेश मलिक, नवयुग स्कूल से ऋषिराज, ट्रैफिक पुलिस से तेजपाल सिंह व अनिल कुमार ने भी अहम सुझाव दिए।
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पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के चालान कम करती है पुलिस
जीडी गोयनका सनसिटी की प्राचार्य अनामिका बल्हारा ने कहा कि पुलिस चालान करने में भेदभाव करती है। वह पुरुषों पर तो कार्रवाई करती है लेकिन हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना गाड़ी चलाने वाली लड़कियों पर कार्रवाई नहीं करती। कानून सब पर बराबर लागू होना चाहिए।
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लाल बत्ती पार की तो दूसरी कमियों पर भी लगेगा जुर्माना : सुलेंद्र सिंह
ट्रैफिक पुलिस एसएचओ सुलेंद्र सिंह ने कहा कि यदि कोई लाल बत्ती तोड़कर निकलता है तो कैमरे उसकी गलती पकड़ लेंगे और ऑनलाइन चालान घर भेज देंगे। इस दौरान दूसरे कागज में कोई कमी मिली तो उसका भी जुर्माना भरना पड़ेगा। अभी तीन जगह नई लाल बत्ती लगाई गई है जिनमें जाट भवन, सेक्टर-14 और शीला टी प्वाइंट शामिल है। भीड़ के कारण सेक्टर-14 पर लाल बत्ती हटा दी गई है लेकिन कैमरे सभी जगह एक्टिव हैं।
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आईएमटी स्थित अमर उजाला कार्यक्रम में सोमवार को सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा को लेकर संवाद में स्कूलों के प्रतिनिधियों और शिक्षा अधिकारियों ने पुलिस पदाधिकारियों को यह सुझाव दिया।
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जेपी इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर गौरव मलिक ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सिर्फ नियमों की जानकारी तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कार में बच्चे को कैसे बैठाएं, यह जानकारी भी देनी चाहिए। बच्चों को छोटे-छोटे विषयों पर बोलने का अवसर देना चाहिए।
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मॉडल टाउन स्कूल से टीजीटी ब्लॉक इंचार्ज रिचा हुड्डा ने कहा कि स्कूल की छुट्टी और कोचिंग के समय में गैप बहुत कम है। इस कारण वे रफ्तार से स्कूटी चलाते हुए जाते हैं। पुलिस को छोटी-छोटी गलियों में जांच करके ऐसे बच्चों पर कार्रवाई करनी चाहिए। एसडी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राजेश कुमार ने कहा कि बच्चे दो पहिया वाहन लेकर स्कूल आते हैं। पुलिस को स्कूलों के बाहर चालान करना चाहिए।
शिक्षा विभाग से सड़क सुरक्षा नोडल अधिकारी दीपक अरोड़ा ने कहा कि स्कूलों में क्विज और जागरुकता के कार्यक्रम हो रहे हैं। पुलिस को सख्ती दिखाने की जरूरत है, तभी कानून का पालन हो सकेगा।
द श्रीराम यूनिवर्सल स्कूल के प्रशासक अजय सहरावत व राजकीय कन्या विद्यालय से शिक्षिका मीना कुमारी ने कहा कि हादसे के समय लोगों को मानवता दिखानी चाहिए। हादसा हो तो तुरंत मदद देनी चाहिए।
आस्था पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर मुकेश शर्मा, डीएवी सेंटनरी पब्लिक स्कूल से दीपक गौतम, हिसार रोड स्थित राजकीय कन्या विद्यालय से देवेंद्र सिंह शर्मा, मॉडल टाउन राजकीय कन्या विद्यालय से प्रमिला, द स्टार ग्लोबल स्कूल से चित्राक्षी, लतेश मलिक, नवयुग स्कूल से ऋषिराज, ट्रैफिक पुलिस से तेजपाल सिंह व अनिल कुमार ने भी अहम सुझाव दिए।
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के चालान कम करती है पुलिस
जीडी गोयनका सनसिटी की प्राचार्य अनामिका बल्हारा ने कहा कि पुलिस चालान करने में भेदभाव करती है। वह पुरुषों पर तो कार्रवाई करती है लेकिन हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना गाड़ी चलाने वाली लड़कियों पर कार्रवाई नहीं करती। कानून सब पर बराबर लागू होना चाहिए।
लाल बत्ती पार की तो दूसरी कमियों पर भी लगेगा जुर्माना : सुलेंद्र सिंह
ट्रैफिक पुलिस एसएचओ सुलेंद्र सिंह ने कहा कि यदि कोई लाल बत्ती तोड़कर निकलता है तो कैमरे उसकी गलती पकड़ लेंगे और ऑनलाइन चालान घर भेज देंगे। इस दौरान दूसरे कागज में कोई कमी मिली तो उसका भी जुर्माना भरना पड़ेगा। अभी तीन जगह नई लाल बत्ती लगाई गई है जिनमें जाट भवन, सेक्टर-14 और शीला टी प्वाइंट शामिल है। भीड़ के कारण सेक्टर-14 पर लाल बत्ती हटा दी गई है लेकिन कैमरे सभी जगह एक्टिव हैं।