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राखी बांधने जाने के लिए बहनों को बहाना पड़ा पसीना
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नए बस स्टैड बस में चढ़ने के लिए दौड़ कर जाते यात्री।। अमर उजाला
रोहतक। रक्षाबंधन पर सरकार की ओर से महिलाओं व 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बसों में फ्री यात्रा की घोषणा तो कर दी गई। लेकिन रोडवेज की अव्यवस्था के कारण बहनों को सरकार के इस तोहफे के लिए पसीना बहाना पड़ा। हालांकि रोडवेज प्रशासन इसके लिए बसों की कम संख्या को जिम्मेदार बताया है।
रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में बुधवार दोपहर 12 बजे से वीरवार रात 12 बजे तक महिलाओं व उनके 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा लागू हो गई। इसमें कहा गया था कि यह सुविधा निजी बसों में भी मिलेगी। इस घोषणा के बाद बुधवार को दोपहर तक बस स्टैंड परिसर में महिला यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। सरकारी बसों में सीट पाने के लिए महिलाओं ने हर संभव प्रयास किए। निजी बस संचालकों की इस दौरान जमकर मनमानी की। कई निजी बस संचालकों ने महिलाओं से किराया वसूला। जिन महिलाओं ने सरकार के आदेशों का हवाला दिया, उन्हें नीचे ही उतार दिया गया। इन पर लगाम लगाने की जिनको ड्यूटी दी गई थी वह कहीं भी नजर नहीं आए। वहीं स्थिति यह थी कि बस स्टैंड के बाहर निजी वाहन चालक महिलाओं से तय किराये से अधिक किराया वसूल रहे थे और रोडवेज प्रशासन मूकदर्शक बना था।
दोगुनी सवारी-दोगुने फेरे
अन्य वर्षों की तरह रक्षाबंधन त्योहार मनाने के लिए महिलाओं का आवागमन बढ़ हुआ है। बुधवार को बस स्टैंड के अंदर खासी भीड़ देखने को मिली। रोडवेज विभाग के अधिकारियों के अनुसार आम दिनों में डिपो की बसें करीब 175 फेरे लगाती हैं। जबकि बुधवार को रोडवेज बसों ने करीब 340 फेरे लगाए। आम दिनों में सवारियों की संख्या करीब 24 हजार रहती है वहीं बुधवार को करीब 40 हजार सवारियों ने यात्रा की।
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वर्जन-
निजी बस में सवार एक महिला की वीडियो मिली थी। जिसमें परिचालक महिला से टिकट को लेकर विवाद कर रहा है। बस के परिचालक को बुलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने महिलाओं व 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा के आदेश दिए हैं। कोई भी निजी बस संचालक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
- जयबीर हुड्डा, एसएस, हरियाणा रोडवेज
बोली महिलाएं
बस स्टैंड पर ही पैर रखने की जगह नहीं थी, बस में क्या मिलेगी। मजबूरी में अधिक किराया देकर टैक्सी से जाना पड़ा। सरकार को ऐसी घोषणा करने के साथ ही अतिरिक्त बसों का इंतजाम करना चाहिए।
- मृदुला शर्मा
दिल्ली जाना था, बस स्टैंड पर पहुंची तो नजारा ही अलग दिखा। बस सवारी वाहन की जगह लोडिंग वाहन लग रही थी। सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ पाना ही किसी चुनौती से कम नहीं था। मजबूरी में निजी वाहन से जाना पड़ा।
- डिंपल
वायरल वीडियो ने खोली पोल
रोहतक से जींद जा रही निजी बस में जब महिला ने सरकार के आदेशों का हवाला देकर किराया देने से मना किया तो चालक ने बस रोक दी। महिला ने जब इसका विरोध किया तो बस करीब 15 मिनट तक रुकी रही। वहीं अन्य सवारियां चालक व परिचालक से बस चलाने का आग्रह करते रहे लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। विवाद बढ़ने पर अन्य यात्रियों ने बस परिचालक को महिला का किराया दे दिया। हालांकि इस दौरान किसी यात्री ने इस घटनाक्रम की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी।
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रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में बुधवार दोपहर 12 बजे से वीरवार रात 12 बजे तक महिलाओं व उनके 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा लागू हो गई। इसमें कहा गया था कि यह सुविधा निजी बसों में भी मिलेगी। इस घोषणा के बाद बुधवार को दोपहर तक बस स्टैंड परिसर में महिला यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। सरकारी बसों में सीट पाने के लिए महिलाओं ने हर संभव प्रयास किए। निजी बस संचालकों की इस दौरान जमकर मनमानी की। कई निजी बस संचालकों ने महिलाओं से किराया वसूला। जिन महिलाओं ने सरकार के आदेशों का हवाला दिया, उन्हें नीचे ही उतार दिया गया। इन पर लगाम लगाने की जिनको ड्यूटी दी गई थी वह कहीं भी नजर नहीं आए। वहीं स्थिति यह थी कि बस स्टैंड के बाहर निजी वाहन चालक महिलाओं से तय किराये से अधिक किराया वसूल रहे थे और रोडवेज प्रशासन मूकदर्शक बना था।
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दोगुनी सवारी-दोगुने फेरे
अन्य वर्षों की तरह रक्षाबंधन त्योहार मनाने के लिए महिलाओं का आवागमन बढ़ हुआ है। बुधवार को बस स्टैंड के अंदर खासी भीड़ देखने को मिली। रोडवेज विभाग के अधिकारियों के अनुसार आम दिनों में डिपो की बसें करीब 175 फेरे लगाती हैं। जबकि बुधवार को रोडवेज बसों ने करीब 340 फेरे लगाए। आम दिनों में सवारियों की संख्या करीब 24 हजार रहती है वहीं बुधवार को करीब 40 हजार सवारियों ने यात्रा की।
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वर्जन-
निजी बस में सवार एक महिला की वीडियो मिली थी। जिसमें परिचालक महिला से टिकट को लेकर विवाद कर रहा है। बस के परिचालक को बुलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने महिलाओं व 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा के आदेश दिए हैं। कोई भी निजी बस संचालक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
- जयबीर हुड्डा, एसएस, हरियाणा रोडवेज
बोली महिलाएं
बस स्टैंड पर ही पैर रखने की जगह नहीं थी, बस में क्या मिलेगी। मजबूरी में अधिक किराया देकर टैक्सी से जाना पड़ा। सरकार को ऐसी घोषणा करने के साथ ही अतिरिक्त बसों का इंतजाम करना चाहिए।
- मृदुला शर्मा
दिल्ली जाना था, बस स्टैंड पर पहुंची तो नजारा ही अलग दिखा। बस सवारी वाहन की जगह लोडिंग वाहन लग रही थी। सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ पाना ही किसी चुनौती से कम नहीं था। मजबूरी में निजी वाहन से जाना पड़ा।
- डिंपल
वायरल वीडियो ने खोली पोल
रोहतक से जींद जा रही निजी बस में जब महिला ने सरकार के आदेशों का हवाला देकर किराया देने से मना किया तो चालक ने बस रोक दी। महिला ने जब इसका विरोध किया तो बस करीब 15 मिनट तक रुकी रही। वहीं अन्य सवारियां चालक व परिचालक से बस चलाने का आग्रह करते रहे लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। विवाद बढ़ने पर अन्य यात्रियों ने बस परिचालक को महिला का किराया दे दिया। हालांकि इस दौरान किसी यात्री ने इस घटनाक्रम की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी।