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Rohtak News: कबाड़ फैक्टरी जलकर राख, मजदूरों ने भागकर बचाई जान
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04. रेहतक के महम की कबाड़ फैक्टरी में लगी काबू पर पाने का प्रयास करते दमकलकर्मी। संवाद
महम (रोहतक)। हिसार रोड स्थित प्लास्टिक स्क्रैप की फैक्टरी में शुक्रवार दोपहर ढाई बजे अचानक आग लग गई। आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। दो एकड़ में फैली फैक्टरी में रखा सारा स्क्रैप जल गया। दमकल की दस गाड़ियों व 30 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम के बावजूद देर रात तक भी आग नहीं बुझ पाई थी। प्रथम दृष्टया शॉर्ट-शर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है।
आग इतनी भीषण थी कि महम के अलावा हांसी और रोहतक से भी दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। ये सभी आग के सामने बेबस साबित हुईं।प्रत्यक्षदर्शी महम नपा के पूर्व चेयरमैन फतेह सिंह पवार, राजू ढाका, महेंद्र ने बताया कि दोपहर को फैक्टरी में आग लगने पर मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
वार्ड नौ निवासी नरेश उर्फ जोनी ने यहां पर प्लास्टिक स्क्रैप एकत्रित कर उसे काट व पीसकर बाहर भेजने का कारोबार कर रखा था। फैक्टरी में 15 से 20 मजदूर स्थायी रूप से रहते थे। इतने ही मजदूर रोज आकर काम करते थे। अंदर ही फैक्टरी मालिक का कार्यालय था। फैक्टरी में प्लास्टिक का स्क्रैप जैसे ड्रम, बोतलें, पीपी, कुर्सी व पॉलिथीन भारी मात्रा में रखी थीं।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह फैक्टरी आबादी से दूर होने के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। खेत भी खाली थे। आसपास के खेत मालिकों ने ट्यूबवेल चलाकर फैक्टरी के लिए पानी छोड़ा। हादसे के चलते फैक्टरी संचालक नरेश उर्फ जोनी व परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
घटना की सूचना के बाद एसडीएम विपिन कुमार, तहसीलदार रवि कुमार, थाना प्रभारी नीरज व तहसील कार्यालय से पटवारी व अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। तहसीलदार रवि कुमार ने कहा कि दमकल की 10 गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचीं। आग से सारा सामान जल गया। अब प्रयास प्रदूषण को ज्यादा फैलने से रोकने का है। आग पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
फोटो 01 महम में प्लास्टिक स्क्रैप की फैक्टरी में लगी आग का दृश्य। संवाद
02 व 03 घटनास्थल के बाहर जमा भीड़। संवाद
04 आग पर काबू पाने का प्रयास करते दमकलकर्मी। संवाद
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आग इतनी भीषण थी कि महम के अलावा हांसी और रोहतक से भी दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। ये सभी आग के सामने बेबस साबित हुईं।प्रत्यक्षदर्शी महम नपा के पूर्व चेयरमैन फतेह सिंह पवार, राजू ढाका, महेंद्र ने बताया कि दोपहर को फैक्टरी में आग लगने पर मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
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वार्ड नौ निवासी नरेश उर्फ जोनी ने यहां पर प्लास्टिक स्क्रैप एकत्रित कर उसे काट व पीसकर बाहर भेजने का कारोबार कर रखा था। फैक्टरी में 15 से 20 मजदूर स्थायी रूप से रहते थे। इतने ही मजदूर रोज आकर काम करते थे। अंदर ही फैक्टरी मालिक का कार्यालय था। फैक्टरी में प्लास्टिक का स्क्रैप जैसे ड्रम, बोतलें, पीपी, कुर्सी व पॉलिथीन भारी मात्रा में रखी थीं।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह फैक्टरी आबादी से दूर होने के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। खेत भी खाली थे। आसपास के खेत मालिकों ने ट्यूबवेल चलाकर फैक्टरी के लिए पानी छोड़ा। हादसे के चलते फैक्टरी संचालक नरेश उर्फ जोनी व परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
घटना की सूचना के बाद एसडीएम विपिन कुमार, तहसीलदार रवि कुमार, थाना प्रभारी नीरज व तहसील कार्यालय से पटवारी व अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। तहसीलदार रवि कुमार ने कहा कि दमकल की 10 गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचीं। आग से सारा सामान जल गया। अब प्रयास प्रदूषण को ज्यादा फैलने से रोकने का है। आग पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
फोटो 01 महम में प्लास्टिक स्क्रैप की फैक्टरी में लगी आग का दृश्य। संवाद
02 व 03 घटनास्थल के बाहर जमा भीड़। संवाद
04 आग पर काबू पाने का प्रयास करते दमकलकर्मी। संवाद