{"_id":"66738405689a6e28e800cdc4","slug":"relief-army-safely-transported-gugnani-family-to-gangtok-after-seven-days-rohtak-news-c-17-roh1020-447108-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: राहत... सेना ने सात दिन बाद गुगनानी परिवार को सुरक्षित गंगटोक पहुंचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: राहत... सेना ने सात दिन बाद गुगनानी परिवार को सुरक्षित गंगटोक पहुंचाया
विज्ञापन
रोहतक।
पापा, हम सब ठीक हैं। चुंग थैंग से गंगटोक पहुंच गए हैं। सेना ने हमारी बहुत मदद की। खराब मौसम में भी जवान खुद बच्चों को गोद में उठाकर हमारे साथ पैदल चले। बारिश लगातार हो रही है। अब एक होटल में ठहरे हैं। वापसी के लिए फ्लाइट या अन्य व्यवस्था देखेंगे। बेटी सोनाक्षी के यह शब्द सुनकर पिता डॉ. सुनील अमृत ने राहत की सांस ली। डॉक्टर सुनील ने अमर उजाला से अपनी खुशी साझा करते हुए बेटी व उसके परिवार के सुरक्षित गंगटोक पहुंचने की जानकारी साझा की।
ग्रीन रोड निवासी डॉ. सुनील अमृत ने बताया कि पिछले सात दिनों से हमारी सांसें अटकी हुई थी। बेटी सोनाक्षी और उसके परिवार के सदस्य सिक्किम में आए भूस्खलन में फंसे हुए थे। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण वहां एक साथ 31 जगह भूस्खलन हुआ था। इस कारण सड़कें, मोबाइल टाॅवर सब ध्वस्त हो गए थे। सेना भी उनकी मदद नहीं कर पा रही थी। उनके हेलीकॉप्टर खराब मौसम में उड़ान नहीं भर पा रहे थे। बुधवार को किसी तरह सेना ने बेटी और उनके परिवार को पैदल ही सड़क मार्ग के रास्ते चुंग थैंग गांव से निकाल कर गंगटोक तक पहुंचाया। यहां से आगे सब ठीक है। अब वे घर जा जाएंगे। मोबाइल टॉवर टूट जाने से उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। बुधवार को गंगटोक से बेटी ने फोन पर बात की तो मन शांत हुआ।
क्या है मामला
डीएलएफ निवासी मोहिंद्र गुगनानी अपने परिवार के साथ आठ जून को सिक्किम घूमने निकले थे। उन्हें 18 जून को दार्जिलिंग से वापस लौटना था। रास्ते में लऊचंग से वापस आते समय भूस्खलन हो गया। इससे बेटी सोनाक्षी, दामाद सुमित गुगनानी, उनके पिता मोहिंद्र गुगनानी, बड़ा बेटा अमित गुगनानी, उनकी पत्नी शिवानी, उनका बेटा अंश, बेटी अंशिका व सायशा वहीं फंस गए थे। इन्हें बड़ी मुश्किल से चुंग थैंग गांव के गुरुद्वारे में जगह मिली थी। अब सेना ने यहां किसी तरह सात दिन बाद उन्हें निकाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पापा, हम सब ठीक हैं। चुंग थैंग से गंगटोक पहुंच गए हैं। सेना ने हमारी बहुत मदद की। खराब मौसम में भी जवान खुद बच्चों को गोद में उठाकर हमारे साथ पैदल चले। बारिश लगातार हो रही है। अब एक होटल में ठहरे हैं। वापसी के लिए फ्लाइट या अन्य व्यवस्था देखेंगे। बेटी सोनाक्षी के यह शब्द सुनकर पिता डॉ. सुनील अमृत ने राहत की सांस ली। डॉक्टर सुनील ने अमर उजाला से अपनी खुशी साझा करते हुए बेटी व उसके परिवार के सुरक्षित गंगटोक पहुंचने की जानकारी साझा की।
ग्रीन रोड निवासी डॉ. सुनील अमृत ने बताया कि पिछले सात दिनों से हमारी सांसें अटकी हुई थी। बेटी सोनाक्षी और उसके परिवार के सदस्य सिक्किम में आए भूस्खलन में फंसे हुए थे। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण वहां एक साथ 31 जगह भूस्खलन हुआ था। इस कारण सड़कें, मोबाइल टाॅवर सब ध्वस्त हो गए थे। सेना भी उनकी मदद नहीं कर पा रही थी। उनके हेलीकॉप्टर खराब मौसम में उड़ान नहीं भर पा रहे थे। बुधवार को किसी तरह सेना ने बेटी और उनके परिवार को पैदल ही सड़क मार्ग के रास्ते चुंग थैंग गांव से निकाल कर गंगटोक तक पहुंचाया। यहां से आगे सब ठीक है। अब वे घर जा जाएंगे। मोबाइल टॉवर टूट जाने से उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। बुधवार को गंगटोक से बेटी ने फोन पर बात की तो मन शांत हुआ।
विज्ञापन
क्या है मामला
डीएलएफ निवासी मोहिंद्र गुगनानी अपने परिवार के साथ आठ जून को सिक्किम घूमने निकले थे। उन्हें 18 जून को दार्जिलिंग से वापस लौटना था। रास्ते में लऊचंग से वापस आते समय भूस्खलन हो गया। इससे बेटी सोनाक्षी, दामाद सुमित गुगनानी, उनके पिता मोहिंद्र गुगनानी, बड़ा बेटा अमित गुगनानी, उनकी पत्नी शिवानी, उनका बेटा अंश, बेटी अंशिका व सायशा वहीं फंस गए थे। इन्हें बड़ी मुश्किल से चुंग थैंग गांव के गुरुद्वारे में जगह मिली थी। अब सेना ने यहां किसी तरह सात दिन बाद उन्हें निकाला है।
विज्ञापन