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बेरोजगारों की समस्याएं अपने घोषणा पत्र में शामिल करें राजनीतिक दल : नवीन जयहिंद
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रोहतक। बेरोजगारों की अदालत रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। शहर के सेक्टर-6 में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बेरोजगारों ने मंच पर अपनी समस्याएं रखीं। युवाओं ने इन पर गहन मंथन करते हुए राजनीतिक दलों से अपने-अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की आवश्यकता जताई। सभी ने मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता से तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करने व मुलाकात के लिए समय मांगा है। इससे पूर्व शनिवार रात को भी युवा सेक्टर-6 में ही धरने पर रहे। रविवार को धरना स्थल पर पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट को बेरोजगारों ने समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उनकी बात को सरकार तक जल्द पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद युव अपने घर लौट गए।
नवीन जयहिंद ने कहा कि बेरोजगारों की सहमति से धरना स्थल से फैसला लिया कि मुख्यमंत्री से 5 सितंबर को मुलाकात की जाएगी। वहां कुछ सुनवाई नहीं होती है तो विपक्ष के नेताओं के पास जाएंगे। बेरोजगारों की समस्याओं को अपने चुनावी घोषणा पत्र में डालने वाले का धन्यवाद किया जाएगा।
जयहिंद ने कहा कि हर जिले से युवा अपने रोजगार की समस्या लेकर बेरोजगारों की अदालत में पहुंचे। यहां सभी ने अपना दर्द साझा किया है। यह दर्द प्रदेश के 25 हजार बेरोजगारों का है। बेरोजगारों की अदालत में हरियाणा के हक का एसवाईएल का पानी, प्रदेश की अलग राजधानी व हाईकोर्ट का मुद्दा भी उठा। नवीन ने कहा कि एसवाईएल का पानी न मिलने की वजह से हरियाणा को पानी संंबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश की राजधानी को लेकर उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्यों की दो-दो राजधानियां हो सकती हैं, तो हरियाणा को अलग राजधानी क्यों नही मिल सकती। हाईकोर्ट भी अलग होना चाहिए, इससे जनता की समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
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नवीन जयहिंद ने कहा कि बेरोजगारों की सहमति से धरना स्थल से फैसला लिया कि मुख्यमंत्री से 5 सितंबर को मुलाकात की जाएगी। वहां कुछ सुनवाई नहीं होती है तो विपक्ष के नेताओं के पास जाएंगे। बेरोजगारों की समस्याओं को अपने चुनावी घोषणा पत्र में डालने वाले का धन्यवाद किया जाएगा।
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जयहिंद ने कहा कि हर जिले से युवा अपने रोजगार की समस्या लेकर बेरोजगारों की अदालत में पहुंचे। यहां सभी ने अपना दर्द साझा किया है। यह दर्द प्रदेश के 25 हजार बेरोजगारों का है। बेरोजगारों की अदालत में हरियाणा के हक का एसवाईएल का पानी, प्रदेश की अलग राजधानी व हाईकोर्ट का मुद्दा भी उठा। नवीन ने कहा कि एसवाईएल का पानी न मिलने की वजह से हरियाणा को पानी संंबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश की राजधानी को लेकर उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्यों की दो-दो राजधानियां हो सकती हैं, तो हरियाणा को अलग राजधानी क्यों नही मिल सकती। हाईकोर्ट भी अलग होना चाहिए, इससे जनता की समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
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