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जेईई परीक्षा में किसान की बेटी ने पाए 99.46 प्रर्सेंटाइल
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रोहतक। कहते हैं विपरीत परिस्थितियों में हार न मानकर आगे बढ़ते रहने वाला ही मंजिल तक पहुंचता है। कुछ ऐसा ही प्रयास है हसनगढ़ की बेटी सिमरन का। किसान पिता श्रीनिवास की बेटी अपने चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की है। इसका सपना इंजीनियर बनने का है। इसे पाने के लिए खुद प्रयास कर रही हैं। पिता की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि चारों भाई बहनों को अच्छे से पढ़ा सकें। इसलिए सिमरन खुद परिस्थितियों से जूझ रही हैं। सुपर 100 परीक्षा पास कर शिक्षा विभाग से दो साल की नि:शुल्क कोचिंग के बूते जेईई मेन्स परीक्षा में इसने 99.46 प्रसेंटाइल प्राप्त किया है। अमर उजाला से हुई बातचीत में छात्रा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की।
सिमरन ने कहा कि जेईई परीक्षा में उसे अच्छा प्रसेंटाइल मिला है। इसके लिए उसने काफी मेहनत की है। शिक्षा विभाग की ओर से मिली दो साल की नि:शुल्क कोचिंग ने उसकी मंजिल की राह को आसान बनाने का काम किया है। सुपर 100 परीक्षा में पास होने पर विभाग ने जेईई की तैयारी कराई थी। पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। वे कोचिंग नहीं करा सकते थे। इसलिए सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। सुपर 100 परीक्षा के जरिए नि:शुल्क कोचिंग शिविर में जगह बनाई। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते बड़े भाई ने आईटीआई की है। अब वह काम की तलाश में है। उससे छोटी बहन जेएनयू से एमए कर रही है। वह विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती थी, मगर आर्थिक तंगी के कारण रास्ता बदलना पड़ा। सबसे छोटी बहन छठवीं कक्षा में पढ़ती है। सुपर 100 परीक्षा मेरे सपने को सार्थक बनाने में काफी अहम साबित होगी।
यही नहीं, सुपर 100 परीक्षा पास कर शिक्षा विभाग से दो साल की नि:शुल्क कोचिंग लेने वाली छात्रा अन्नू भी सरकारी स्कूल से पढ़ी है। इसने भी जेईई परीक्षा में अच्छा प्रसेंटाइल हासिल कर अपने सपने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। डिप्टी डीईओ कम ई-लर्निंग नोडल अधिकारी कृष्णा फौगाट ने बताया कि शिक्षा अधिकारियों ने दोनों छात्राओं के बेहतर भविष्य की कामना की है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, जेईई परीक्षा के लिए सुपर 100 के जरिए कोचिंग पाने वाले 46 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। ये सभी विद्यार्थी अच्छे प्रसेंटाइल के साथ पास हुए हैं।
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शिक्षा विभाग जरूरतमंद विद्यार्थियों को जेईई व नीट की तैयारी के लिए हर वर्ष सुपर 100 परीक्षा कराता है। इसके तहत प्रदेश भर से परीक्षा के आधार पर सौ विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इन्हें रेवाड़ी में एक संस्था की देखरेख में दो वर्ष के लिए कोचिंग दिलाई जाती है। इससे बच्चे जेईई व नीट की परीक्षा पास करने में दक्ष बनते हैं। इस बार के परिणाम में 46 विद्यार्थी जेईई की परीक्षा में बैठे और सभी अच्छे प्रसेंटाइल लेकर पास हुए।
-डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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सिमरन ने कहा कि जेईई परीक्षा में उसे अच्छा प्रसेंटाइल मिला है। इसके लिए उसने काफी मेहनत की है। शिक्षा विभाग की ओर से मिली दो साल की नि:शुल्क कोचिंग ने उसकी मंजिल की राह को आसान बनाने का काम किया है। सुपर 100 परीक्षा में पास होने पर विभाग ने जेईई की तैयारी कराई थी। पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। वे कोचिंग नहीं करा सकते थे। इसलिए सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। सुपर 100 परीक्षा के जरिए नि:शुल्क कोचिंग शिविर में जगह बनाई। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते बड़े भाई ने आईटीआई की है। अब वह काम की तलाश में है। उससे छोटी बहन जेएनयू से एमए कर रही है। वह विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती थी, मगर आर्थिक तंगी के कारण रास्ता बदलना पड़ा। सबसे छोटी बहन छठवीं कक्षा में पढ़ती है। सुपर 100 परीक्षा मेरे सपने को सार्थक बनाने में काफी अहम साबित होगी।
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यही नहीं, सुपर 100 परीक्षा पास कर शिक्षा विभाग से दो साल की नि:शुल्क कोचिंग लेने वाली छात्रा अन्नू भी सरकारी स्कूल से पढ़ी है। इसने भी जेईई परीक्षा में अच्छा प्रसेंटाइल हासिल कर अपने सपने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। डिप्टी डीईओ कम ई-लर्निंग नोडल अधिकारी कृष्णा फौगाट ने बताया कि शिक्षा अधिकारियों ने दोनों छात्राओं के बेहतर भविष्य की कामना की है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, जेईई परीक्षा के लिए सुपर 100 के जरिए कोचिंग पाने वाले 46 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। ये सभी विद्यार्थी अच्छे प्रसेंटाइल के साथ पास हुए हैं।
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शिक्षा विभाग जरूरतमंद विद्यार्थियों को जेईई व नीट की तैयारी के लिए हर वर्ष सुपर 100 परीक्षा कराता है। इसके तहत प्रदेश भर से परीक्षा के आधार पर सौ विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इन्हें रेवाड़ी में एक संस्था की देखरेख में दो वर्ष के लिए कोचिंग दिलाई जाती है। इससे बच्चे जेईई व नीट की परीक्षा पास करने में दक्ष बनते हैं। इस बार के परिणाम में 46 विद्यार्थी जेईई की परीक्षा में बैठे और सभी अच्छे प्रसेंटाइल लेकर पास हुए।
-डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।