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Rohtak News: ईएनटी की ओपीडी में दो घंटे लगा रहा ताला, सीएमओ ने संभाली जिम्मेदारी
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रोहतक। नागरिक अस्पताल में बुधवार को ईएनटी (कान, नाक और गला) ओपीडी करीब दो घंटे बंद रही। ईएनटी चिकित्सक के अवकाश पर चले जाने से मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
चिकित्सक नहीं होने के बावजूद ईएनटी की ओपीडी के लिए काउंटर पर कार्ड बनते रहे। इस कारण विभाग की ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन बढ़ती गई। चिकित्सक की अनुपस्थिति का पता लगने पर सिविल सर्जन (सीएमओ) डॉ. रमेश चंद्र खुद ओपीडी पहुंचे और ईएनटी मरीजाें की जांच की जिम्मेदारी संभाली। उनके ओपीडी पहुंचे तक 50 से ज्यादा मरीज वहां पहुंच चुके थे।
बच्चे का कान पक गया है। दर्द के कारण बुरा हाल है। इसलिए सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। काउंटर पर कार्ड बनवा कर ओपीडी के बाहर पहुंचे तो यहां कमरे पर ताला लगा मिला। यहां करीब डेढ़ से दो घंटे इंतजार के बाद इलाज मिला। सिविल सर्जन ने खुद ओपीडी पहुंच कर मरीजों की जांच की।
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- गरिमा, सुनारिया।
अस्पताल में सुबह से आए हुए हैं। यहां करीब दो घंटे बाद मरीजों को राहत मिली। चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद ही चिकित्सक को भेजा गया है। घर का सारा काम छोड़कर सुबह जल्दी आए थे। समय पर इलाज करा कर वापस आने के लिए ऐसा किया था। यहां दो घंटे ईएनटी की ओपीडी का ताला ही लटका रहा।
- चांदनी, रुपया चौक।
अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक के नहीं होने की सूचना मिली। वे किसी कारणवश अपनी सेवाएं देने के लिए उपलब्ध नहीं रहे। वहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी, इसलिए सिविल सर्जन ऑफिस से खुद ओपीडी पहुंचे और 50 से अधिक मरीजों की जांच की। सभी मरीजों की जांच के बाद ही दोपहर को ओपीडी से बाहर निकला।
- डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन।
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चिकित्सक नहीं होने के बावजूद ईएनटी की ओपीडी के लिए काउंटर पर कार्ड बनते रहे। इस कारण विभाग की ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन बढ़ती गई। चिकित्सक की अनुपस्थिति का पता लगने पर सिविल सर्जन (सीएमओ) डॉ. रमेश चंद्र खुद ओपीडी पहुंचे और ईएनटी मरीजाें की जांच की जिम्मेदारी संभाली। उनके ओपीडी पहुंचे तक 50 से ज्यादा मरीज वहां पहुंच चुके थे।
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बच्चे का कान पक गया है। दर्द के कारण बुरा हाल है। इसलिए सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। काउंटर पर कार्ड बनवा कर ओपीडी के बाहर पहुंचे तो यहां कमरे पर ताला लगा मिला। यहां करीब डेढ़ से दो घंटे इंतजार के बाद इलाज मिला। सिविल सर्जन ने खुद ओपीडी पहुंच कर मरीजों की जांच की।
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- गरिमा, सुनारिया।
अस्पताल में सुबह से आए हुए हैं। यहां करीब दो घंटे बाद मरीजों को राहत मिली। चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद ही चिकित्सक को भेजा गया है। घर का सारा काम छोड़कर सुबह जल्दी आए थे। समय पर इलाज करा कर वापस आने के लिए ऐसा किया था। यहां दो घंटे ईएनटी की ओपीडी का ताला ही लटका रहा।
- चांदनी, रुपया चौक।
अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक के नहीं होने की सूचना मिली। वे किसी कारणवश अपनी सेवाएं देने के लिए उपलब्ध नहीं रहे। वहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी, इसलिए सिविल सर्जन ऑफिस से खुद ओपीडी पहुंचे और 50 से अधिक मरीजों की जांच की। सभी मरीजों की जांच के बाद ही दोपहर को ओपीडी से बाहर निकला।
- डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन।