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Rohtak News: डॉक्टरों की हड़ताल का पीजीआई पर भी असर, नहीं हुए ऑपरेशन
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21-मंगलवार को रोहतक नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीज।
रोहतक। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन का सामूहिक अवकाश पर जाना मरीजों की परेशानी बढ़ाने वाला साबित हुआ। एसोसिएशन के विरोध के कारण पीजीआई की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं। पीजीआई की ओपीडी में मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
वहीं, एक भी इलेक्टिव ऑपरेशन नहीं हुआ। एसोसिएशन का दावा है कि जिले के 172 में से 155 चिकित्सक अवकाश पर रहे। इधर, सिविल सर्जन ने दावा किया है कि मंगलवार को 59 चिकित्सक ही हड़ताल पर रहे। ओपीडी सुचारु रूप से चली। जिले की ओपीडी में कुल 3,600 मरीजों का उपचार किया गया। नागरिक अस्पताल मेें 1,544 मरीज पहुंचे। यह संख्या अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही।
मंगलवार को नागरिक अस्पताल के 55 में से 29 चिकित्सक मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध रहे। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। इस कारण मरीजों को लौटना पड़ा। हड़ताल के चलते मंगलवार को ओपीडी में मरीज कम नजर आए। इधर, पीजीआई की ओपीडी में भीड़ बनी रही। यहां मरीजों को अपनी बारी के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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यही नहीं, पीजीआई के मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में कोई ऑपरेशन नहीं हुआ। इसके लिए संस्थान प्रशासन ने पहले ही इलेक्टिव सर्जरी नहीं करने का निर्देश जारी कर दिया था। इसकी वजह से यहां के पीजी चिकित्सकों का विभिन्न जिलों के अस्पतालों में नियुक्त होना बताया गया है। फिलहाल ऑपरेशन को लेकर नया निर्देश जारी नहीं हुआ है।
वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि रोज की तरह ओपीडी सामान्य रूप से चली। मरीजों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी गई। इलाज के लिए बाहर से अतिरिक्त डॉक्टर बुलाए गए हैं। प्रदेश के चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इन मांगों में एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने व सभी पदों को पदोन्न्ती से भरने के अलावा सेवा नियमों में संशोधन को लागू करना शामिल है। प्रदेश में अभी भी 644 मेें से 200 पद खाली हैं। इनमें अधिकतर संशोधन न होने की वजह से खाली हैं।
भाई की पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आए थे। डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कई दिनों के बाद आने के लिए कहा गया है। हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। - राहुल, तीमारदार, दिल्ली।
बेटी को बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है इसलिए इलाज के लिए आया हूं। लंबी लाइन लग रही है। आधा घंटा हो गया है। अब लगता है कि निजी अस्पताल जाना पड़ेगा। - सत्यवान, तीमारदार, काहनी।
जिले में ऐसे हुई ओपीडी
टीबी अस्पताल- 62
पॉली क्लीनिक सेक्टर-3 - 126
एसडीएच महम- 400
एचडीएच कलानौर- 270
सीएचसी किलोई- 264
सीएचसी कहानौर- 110
सीएचसी लाखनमाजरा- 138
सीएचसी मदीना- 202
सीएचसी सांपला- 258
चिड़ी - 226
कहां कितने डॉक्टर हड़ताल पर
नागरिक अस्पताल - 55 में से 26
पॉली क्लीनिक सेक्टर-3- 01
एसडीएच महम-11 -07
सीएचसी किलोई-12 -08
सीएचसी लाखनमाजरा-11-08
सीएचसी मदीना-9- 05
सीएचसी चिड़ी-9- 03
सेक्टर 14 - 01
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वहीं, एक भी इलेक्टिव ऑपरेशन नहीं हुआ। एसोसिएशन का दावा है कि जिले के 172 में से 155 चिकित्सक अवकाश पर रहे। इधर, सिविल सर्जन ने दावा किया है कि मंगलवार को 59 चिकित्सक ही हड़ताल पर रहे। ओपीडी सुचारु रूप से चली। जिले की ओपीडी में कुल 3,600 मरीजों का उपचार किया गया। नागरिक अस्पताल मेें 1,544 मरीज पहुंचे। यह संख्या अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही।
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मंगलवार को नागरिक अस्पताल के 55 में से 29 चिकित्सक मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध रहे। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। इस कारण मरीजों को लौटना पड़ा। हड़ताल के चलते मंगलवार को ओपीडी में मरीज कम नजर आए। इधर, पीजीआई की ओपीडी में भीड़ बनी रही। यहां मरीजों को अपनी बारी के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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यही नहीं, पीजीआई के मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में कोई ऑपरेशन नहीं हुआ। इसके लिए संस्थान प्रशासन ने पहले ही इलेक्टिव सर्जरी नहीं करने का निर्देश जारी कर दिया था। इसकी वजह से यहां के पीजी चिकित्सकों का विभिन्न जिलों के अस्पतालों में नियुक्त होना बताया गया है। फिलहाल ऑपरेशन को लेकर नया निर्देश जारी नहीं हुआ है।
वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि रोज की तरह ओपीडी सामान्य रूप से चली। मरीजों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी गई। इलाज के लिए बाहर से अतिरिक्त डॉक्टर बुलाए गए हैं। प्रदेश के चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इन मांगों में एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने व सभी पदों को पदोन्न्ती से भरने के अलावा सेवा नियमों में संशोधन को लागू करना शामिल है। प्रदेश में अभी भी 644 मेें से 200 पद खाली हैं। इनमें अधिकतर संशोधन न होने की वजह से खाली हैं।
भाई की पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आए थे। डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कई दिनों के बाद आने के लिए कहा गया है। हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। - राहुल, तीमारदार, दिल्ली।
बेटी को बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है इसलिए इलाज के लिए आया हूं। लंबी लाइन लग रही है। आधा घंटा हो गया है। अब लगता है कि निजी अस्पताल जाना पड़ेगा। - सत्यवान, तीमारदार, काहनी।
जिले में ऐसे हुई ओपीडी
टीबी अस्पताल- 62
पॉली क्लीनिक सेक्टर-3 - 126
एसडीएच महम- 400
एचडीएच कलानौर- 270
सीएचसी किलोई- 264
सीएचसी कहानौर- 110
सीएचसी लाखनमाजरा- 138
सीएचसी मदीना- 202
सीएचसी सांपला- 258
चिड़ी - 226
कहां कितने डॉक्टर हड़ताल पर
नागरिक अस्पताल - 55 में से 26
पॉली क्लीनिक सेक्टर-3- 01
एसडीएच महम-11 -07
सीएचसी किलोई-12 -08
सीएचसी लाखनमाजरा-11-08
सीएचसी मदीना-9- 05
सीएचसी चिड़ी-9- 03
सेक्टर 14 - 01

21-मंगलवार को रोहतक नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीज।