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भगवद् गीता को पाठ्य क्रम में शामिल करने की संसद में उठी मांग

Thu, 12 Dec 2019 01:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 01:54 AM IST
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Demand raised in Parliament to include Bhagwad Gita in text order
मानवता की भलाई के लिए गीता का उपदेश जीवन में जरूरी है। यदि भगवद् गीता को विद्यार्थी जीवन में उतारा जाए तो इससे विद्यार्थियों को सही लक्ष्य और सही दिशा मिलेगी। सूर्य के प्रकाश की तरह गीता हमारा मार्गदर्शन कर सकती है और इससे एक आदर्श समाज एवं राष्ट्र का निर्माण होगा और यह भारत को दोबारा से विश्व गुरु का पद ग्रहण करवाने में सहायता कर सकती है। यह कहना है भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा का। बुधवार को उन्होंने संसद में भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने संसद के आगामी सत्र में इसे लागू करने का अनुरोध किया है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने सांसद की इस मांग पर विचार करने को कहा। इसके अलावा सांसद ने रोहतक व झज्जर सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोलने की भी मांग रखी।
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सांसद ने कहा कि आज युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है, उसके लिए गीता का ज्ञान जरूरी है। भगवद् गीता ही हमारी सोच में परिवर्तन रखने की शक्ति रखती है। आज विश्व एक तरह से बारूद के ढेरे पर बैठा है, ऐसे में गीता का ज्ञान एक मात्र ऐसा ज्ञान है, जो मानवता को शांति, सुख आनंद और भाईचारे की ओर ले जा सकता है। इससे इच्छा शक्ति को सुदृढ़ और सबल बन सकेगी। देश में जिस तरह से कभी अराजकता तो कभी अनाचार और कभी दुराचार, कभी भ्रष्टाचार और कभी नशे की ओर जा रहे युवाओं को भागवत गीता से शिक्षा लेनी चाहिए, ताकि वह स्वयं में विकसित कर सकें।
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रोहतक व झज्जर में खुले सीजीएचएस डिस्पेंसरी
भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि संसद में उन्होंने रोहतक व झज्जर में एक-एक सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोलने की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि दोनों जिलों में केंद्र सरकार के 16 से अधिक कार्यालय एवं संस्थान कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त रोहतक व झज्जर के दिल्ली एनसीआर में अव्यवस्थित होने के कारण यहां पर केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारी भी बड़ी संख्या में है, केंद्र की सेवाएं अन्य स्थानों पर दे रहे हैं और उनके आश्रित-परिजन सीजीएचएस लाभार्थी हैं। इन दोनों स्थानों पर सीजीएचएस डिस्पेंसरी न होने के कारण वह दिल्ली पर निर्भर है। सीजीएचएस लाभों से वंचित केंद्र सरकार के कर्मचारियों की बड़ी संख्या को देखते हुए दोनों जिलों में सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोली जाए।
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